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दो युवतियों ने मंदिर में रचाई शादी, एक साथ जीवन बिताने की जिद पर अड़ीं
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अयोध्या। फैजाबाद में रहने वाली एक युवती की पहले रिश्तेदारी में आई युवती से मुलाकात हुई। फिर फेसबुक पर दोस्ती हुई। धीरे-धीरे दोनों में प्यार परवान चढ़ने लगा। दोनों ने कानपुर के एक मंदिर में विवाह रचा लिया और फैजाबाद लौट आईं। यहां परिवारीजनों द्वारा स्वीकार न करने पर शुक्रवार को दोनों कोतवाली नगर पहुंचीं और एक साथ रहने की बात कहते हुए पुलिस से सहयोग करने की बात कही।
समलैंगिक विवाह का यह प्रकरण सामने आने पर पुलिस को पसीना आ गया। वहीं, एक दिन पूर्व पुलिस ने फैजाबाद में रहने वाली युवती के परिवारीजनों की तहरीर पर अपहरण का केस दर्ज किया था, इसमें युवती को नाबालिग बताया गया था। शुक्रवार को थाने पहुंचीं दोनों युवतियों ने बालिग होने के साक्ष्य पुलिस को दिए। अब पुलिस सुरक्षा का आश्वासन देकर उनका मजिस्ट्रेट के सामने बयान दर्ज करने की तैयारी में है।
अयोध्या के नगर कोतवाली के साहबगंज मोहल्ले की युवती (21) अक्सर लड़कों के भेष में रहती है। पड़ोसी के यहां रिश्तेदारी में आने वाली कानपुर की लड़की से उसकी कुछ दिन पहले मुलाकात हुई। बाद में दोनों फेसबुक पर दोस्त बन गए। कुछ ही दिनों में यह दोस्ती प्यार में बदल गई। प्यार इतना परवान चढ़ा कि दोनों ने विवाह करने का फैसला कर लिया।
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बुधवार को फैजाबाद की युवती कानपुर पहुंची और दोनों ने कानपुर के तपस्वी भगवान के मंदिर में विवाह कर लिया। विवाह के बाद दोनों गुरुवार शाम फैजाबाद पहुंचीं। लेकिन उनके परिवारीजनों ने उन्हें स्वीकार करने से मना कर दिया। इसके बाद दोनों शुक्रवार को नगर कोतवाली पहुंचीं और एक साथ रहने की बात कहकर पुलिस से सुरक्षा की मांग की।
दोनों ने पुलिस के सामने खुद के बालिग होने के साक्ष्य भी पेश किए। साक्ष्य के मुताबिक अयोध्या की युवती 21 साल की तो कानपुर की युवती की उम्र महज 19 वर्ष है। मामले में नगर कोतवाल नीतीश श्रीवास्तव ने कहा कि दोनों युवतियां बालिग हैं। अब अदालत में धारा 164 के तहत दोनों का बयान दर्ज कराया जाएगा।
बयान के आधार पर पुलिस आगे की कार्रवाई करेगी। उधर, दोनों युवतियां साथ में रहने की जिद पर अड़ी हुई हैं, उनका कहना है कि उन्होंने भगवान के समक्ष सात फेरे लिए हैं। अब साथ में ही जिंदगी बिताएंगे।
बुधवार को अयोध्या की युवती के घर से लापता हो जाने के बाद उसके परिवारीजनों ने नगर कोतवाली में तहरीर देकर अपहरण का केस दर्ज कराया था। इसमें युवती को नाबालिग बताया था। नगर कोतवाल नीतीश श्रीवास्तव ने बताया कि पुलिस ने तहरीर के आधार पर तत्काल केस दर्ज कर तलाश शुरू की थी, वहीं शुक्रवार को दोनों थाने पहुंचे और अपने विवाह की जानकारी देकर सुरक्षा की मांग की।
कानपुर के एकता नगर कोतवाली की रहने वाली युवती अयोध्या के साहबगंज वाल्दा इलाके में रहने वाली अपने एक रिश्तेदार के घर अक्सर आया जाया करती थी। यहां अयोध्या में करीब दो वर्ष पूर्व पड़ोस में रहने वाली युवती से उसकी मुलाकात हुई। अयोध्या की युवती अक्सर लड़कों के भेष में रहती थी, छोटे बाल, पैंट शर्ट उसकी पहचान थी।
उसकी यही अदा कानपुर की युवती को भा गई। उनमें पहले दोस्ती हुई, फिर फेसबुक व व्हाट्सएप पर चैटिंग शुरू हुई। देखते ही देखते दोनों में प्यार हो गया। जानकारी अनुसार इसकी भनक दोनों के परिवार वालों को लग गई थी और दोनों के मिलने व बात करने पर भी प्रतिबंध लगा दिया गया था। इसके बावजूद दोनों आपस में बात करते थे।
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समलैंगिक विवाह का यह प्रकरण सामने आने पर पुलिस को पसीना आ गया। वहीं, एक दिन पूर्व पुलिस ने फैजाबाद में रहने वाली युवती के परिवारीजनों की तहरीर पर अपहरण का केस दर्ज किया था, इसमें युवती को नाबालिग बताया गया था। शुक्रवार को थाने पहुंचीं दोनों युवतियों ने बालिग होने के साक्ष्य पुलिस को दिए। अब पुलिस सुरक्षा का आश्वासन देकर उनका मजिस्ट्रेट के सामने बयान दर्ज करने की तैयारी में है।
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अयोध्या के नगर कोतवाली के साहबगंज मोहल्ले की युवती (21) अक्सर लड़कों के भेष में रहती है। पड़ोसी के यहां रिश्तेदारी में आने वाली कानपुर की लड़की से उसकी कुछ दिन पहले मुलाकात हुई। बाद में दोनों फेसबुक पर दोस्त बन गए। कुछ ही दिनों में यह दोस्ती प्यार में बदल गई। प्यार इतना परवान चढ़ा कि दोनों ने विवाह करने का फैसला कर लिया।
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बुधवार को फैजाबाद की युवती कानपुर पहुंची और दोनों ने कानपुर के तपस्वी भगवान के मंदिर में विवाह कर लिया। विवाह के बाद दोनों गुरुवार शाम फैजाबाद पहुंचीं। लेकिन उनके परिवारीजनों ने उन्हें स्वीकार करने से मना कर दिया। इसके बाद दोनों शुक्रवार को नगर कोतवाली पहुंचीं और एक साथ रहने की बात कहकर पुलिस से सुरक्षा की मांग की।
दोनों ने पुलिस के सामने खुद के बालिग होने के साक्ष्य भी पेश किए। साक्ष्य के मुताबिक अयोध्या की युवती 21 साल की तो कानपुर की युवती की उम्र महज 19 वर्ष है। मामले में नगर कोतवाल नीतीश श्रीवास्तव ने कहा कि दोनों युवतियां बालिग हैं। अब अदालत में धारा 164 के तहत दोनों का बयान दर्ज कराया जाएगा।
बयान के आधार पर पुलिस आगे की कार्रवाई करेगी। उधर, दोनों युवतियां साथ में रहने की जिद पर अड़ी हुई हैं, उनका कहना है कि उन्होंने भगवान के समक्ष सात फेरे लिए हैं। अब साथ में ही जिंदगी बिताएंगे।
बुधवार को अयोध्या की युवती के घर से लापता हो जाने के बाद उसके परिवारीजनों ने नगर कोतवाली में तहरीर देकर अपहरण का केस दर्ज कराया था। इसमें युवती को नाबालिग बताया था। नगर कोतवाल नीतीश श्रीवास्तव ने बताया कि पुलिस ने तहरीर के आधार पर तत्काल केस दर्ज कर तलाश शुरू की थी, वहीं शुक्रवार को दोनों थाने पहुंचे और अपने विवाह की जानकारी देकर सुरक्षा की मांग की।
कानपुर के एकता नगर कोतवाली की रहने वाली युवती अयोध्या के साहबगंज वाल्दा इलाके में रहने वाली अपने एक रिश्तेदार के घर अक्सर आया जाया करती थी। यहां अयोध्या में करीब दो वर्ष पूर्व पड़ोस में रहने वाली युवती से उसकी मुलाकात हुई। अयोध्या की युवती अक्सर लड़कों के भेष में रहती थी, छोटे बाल, पैंट शर्ट उसकी पहचान थी।
उसकी यही अदा कानपुर की युवती को भा गई। उनमें पहले दोस्ती हुई, फिर फेसबुक व व्हाट्सएप पर चैटिंग शुरू हुई। देखते ही देखते दोनों में प्यार हो गया। जानकारी अनुसार इसकी भनक दोनों के परिवार वालों को लग गई थी और दोनों के मिलने व बात करने पर भी प्रतिबंध लगा दिया गया था। इसके बावजूद दोनों आपस में बात करते थे।