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अयोध्या: नव्य अयोध्या में सुविधा के साथ मिलेगा रोजगार
Tue, 21 Feb 2023 12:23 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
Updated Tue, 21 Feb 2023 12:23 AM IST
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अयोध्या। नव्य अयोध्या में आधुनिक सुविधाओं के साथ-साथ रोजगार के अवसर भी प्राप्त हो सकेंगे। रामनगरी के तीन गांवों की 1407 एकड़ जमीन में बसने जा रही नव्य अयोध्या योजना का हर चरण आत्मनिर्भर होगा। योजना में 20 एकड़ जमीन छोटे-छोटे उद्योगों के लिए चिन्हित की गई है।
टाउनशिप सुविधाओं के मामले में भी बेहतर होगी। हर वर्ग के लोगों को ध्यान में रखकर इसका खाका तैयार किया गया है। आवासीय व वाणिज्यिक संपत्तियां होंगी। पहले आवासीय संपत्तियां बेची जाएंगी, फिर टुकड़ों में वाणिज्यिक संपत्तियों को बेचा जाएगा। उत्कृष्ट केंद्रों (सेंटर ऑफ एक्सलेंस) के माध्यम से योजना को इस तरह से विकसित किया जा रहा है कि प्रत्येक चरण व प्रत्येक क्षेत्र अपने आप में निर्भर रहें।
योजना में स्थानीय शिल्प केंद्र, नृत्य व नाटक अकादमी, रामलीला अकादमी, कला व मूर्ति कला, संगीत केंद्र, योग केंद्र, चित्रकला केंद्र, कविता केंद्र, हर्बल, चिकित्सा, आयुर्वेद में अनुसंधान, विश्वविद्यालय आदि रामायण में की गई व्याख्या के अनुसार विकसित किए जाएंगे। इन सभी केंद्रों के माध्यम से सैकड़ों रोजगार भी सृजित होंगे।
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इसके अलावा पूजा सामग्री के उत्पादन के लिए कुटीर उद्योगों की स्थापना किए जाने की योजना है। अगरबत्ती, फूल माला, हवन सामग्री आदि तैयार करने के लिए छोटे-छोटे उद्योग स्थापित किए जाने हैं। मंदिर के फूलों को अपशिष्ट करने के लिए भी प्लांट लगाया जाएगा। बड़े-बड़े गोदाम के लिए भी जगह चिन्हित की गई है। जानकारी के अनुसार, योजना में 90 कुटीर एवं वाणिज्यिक उद्योग, 16 गोदाम व कुटीर उद्योग स्थापित करने का प्लान है।
35 हजार रुपये प्रति वर्ग मीटर होंगे जमीन के दाम
टाउनशिप आवासीय योजना में 75 वर्ग मीटर से लेकर 300 मीटर तक भूखंड होंगे। यहां जमीन के दाम प्रति वर्ग मीटर 35 हजार रुपये होने की संभावना है। हालांकि योजना के रेट अभी जारी नहीं किए गए हैं। पहले चरण में अंतरराज्यीय व अंतरराष्ट्रीय, आवासीय, मठ, आश्रम समेत अन्य योजनाओं के लिए कुल 178 प्लाॅट बनेंगे।
ग्रीनफील्ड टाउनशिप का उद्देश्य अयोध्या शहर के आर्थिक विकास में योगदान करना है। विभिन्न आर्थिक संचालकों के माध्यम से टाउनशिप के लिए रोजगार के अवसर पैदा किए जाएंगे। कुटीर उद्योगों की स्थापना के लिए बाकायदा योजना में 20 एकड़ जमीन चिह्नित की गई है।
-ओमप्रकाश पांडेय, अधिशासी अभियंता, आवास विकास विभाग, अयोध्या
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टाउनशिप सुविधाओं के मामले में भी बेहतर होगी। हर वर्ग के लोगों को ध्यान में रखकर इसका खाका तैयार किया गया है। आवासीय व वाणिज्यिक संपत्तियां होंगी। पहले आवासीय संपत्तियां बेची जाएंगी, फिर टुकड़ों में वाणिज्यिक संपत्तियों को बेचा जाएगा। उत्कृष्ट केंद्रों (सेंटर ऑफ एक्सलेंस) के माध्यम से योजना को इस तरह से विकसित किया जा रहा है कि प्रत्येक चरण व प्रत्येक क्षेत्र अपने आप में निर्भर रहें।
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योजना में स्थानीय शिल्प केंद्र, नृत्य व नाटक अकादमी, रामलीला अकादमी, कला व मूर्ति कला, संगीत केंद्र, योग केंद्र, चित्रकला केंद्र, कविता केंद्र, हर्बल, चिकित्सा, आयुर्वेद में अनुसंधान, विश्वविद्यालय आदि रामायण में की गई व्याख्या के अनुसार विकसित किए जाएंगे। इन सभी केंद्रों के माध्यम से सैकड़ों रोजगार भी सृजित होंगे।
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इसके अलावा पूजा सामग्री के उत्पादन के लिए कुटीर उद्योगों की स्थापना किए जाने की योजना है। अगरबत्ती, फूल माला, हवन सामग्री आदि तैयार करने के लिए छोटे-छोटे उद्योग स्थापित किए जाने हैं। मंदिर के फूलों को अपशिष्ट करने के लिए भी प्लांट लगाया जाएगा। बड़े-बड़े गोदाम के लिए भी जगह चिन्हित की गई है। जानकारी के अनुसार, योजना में 90 कुटीर एवं वाणिज्यिक उद्योग, 16 गोदाम व कुटीर उद्योग स्थापित करने का प्लान है।
35 हजार रुपये प्रति वर्ग मीटर होंगे जमीन के दाम
टाउनशिप आवासीय योजना में 75 वर्ग मीटर से लेकर 300 मीटर तक भूखंड होंगे। यहां जमीन के दाम प्रति वर्ग मीटर 35 हजार रुपये होने की संभावना है। हालांकि योजना के रेट अभी जारी नहीं किए गए हैं। पहले चरण में अंतरराज्यीय व अंतरराष्ट्रीय, आवासीय, मठ, आश्रम समेत अन्य योजनाओं के लिए कुल 178 प्लाॅट बनेंगे।
ग्रीनफील्ड टाउनशिप का उद्देश्य अयोध्या शहर के आर्थिक विकास में योगदान करना है। विभिन्न आर्थिक संचालकों के माध्यम से टाउनशिप के लिए रोजगार के अवसर पैदा किए जाएंगे। कुटीर उद्योगों की स्थापना के लिए बाकायदा योजना में 20 एकड़ जमीन चिह्नित की गई है।
-ओमप्रकाश पांडेय, अधिशासी अभियंता, आवास विकास विभाग, अयोध्या