{"_id":"6143a5968ebc3eafb7564c80","slug":"devotees-faith-did-not-lose-even-in-heavy-rain-faizabad-news-lko59589016","type":"story","status":"publish","title_hn":"भारी बारिश में भी नहीं डिगी भक्तों की आस्था","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
भारी बारिश में भी नहीं डिगी भक्तों की आस्था
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अयोध्या। भगवान की भक्ति में डूबे भक्तों की आस्था को कोई भी अवरोध नहीं डिगा पाता। इस बात की तस्दीक गुरुवार को उस समय हुई जब भारी बारिश में भी राम जन्मभूमि के दर्शन मार्ग पर जय श्रीराम के जयकारे गूंज रहे थे।
भारी बारिश के चलते पूरे शहर की व्यवस्था ध्वस्त हो गई। ऐसे में भी रामलला के दर्शन को पहुंचे रामभक्तों का उत्साह देखते ही बन रहे थे। भक्ति के चरम का आलम यह रहा कि विपरीत मौसम में भी 744 भक्तों ने रामलला के दरबार में हाजिरी लगाई।
इन भक्तों में युवा व महिलाएं ही नहीं बुजुर्ग व बच्चे भी भीगते हुए जय श्रीराम का जयकारा लगाते हुए रामलला के दर्शन को बढ़े जा रहे थे। लखनऊ निवासी करीब 65 वर्षीय राजेंद्र नारायण परिवार सहित पहुंचे थे।
विज्ञापन
बोले कि अयोध्या रामलला के दर्शन के लिए ही आया था। आज ही निकलना है इसलिए दर्शन जरूरी था। कहा कि भक्ति की आगे ये दुश्वारियां तो अपने आप ही बौनी साबित हो जाती हैं।
उनके पुत्र के कंधों पर करीब तीन वर्षीय बालक भी दर्शन को भीगते हुए जाता दिखा। इसी तरह कानपुर निवासी अनिल गर्ग भी सपरिवार भीगते हुए दर्शन मार्ग पर बढ़े जा रहे थे, बोले कि मौसम विपरीत है। शायद प्रभु हमारी परीक्षा ले रहे हैं पर हम बिना दर्शन किए वापस नहीं जाएंगे।
विज्ञापन
भारी बारिश के चलते पूरे शहर की व्यवस्था ध्वस्त हो गई। ऐसे में भी रामलला के दर्शन को पहुंचे रामभक्तों का उत्साह देखते ही बन रहे थे। भक्ति के चरम का आलम यह रहा कि विपरीत मौसम में भी 744 भक्तों ने रामलला के दरबार में हाजिरी लगाई।
विज्ञापन
इन भक्तों में युवा व महिलाएं ही नहीं बुजुर्ग व बच्चे भी भीगते हुए जय श्रीराम का जयकारा लगाते हुए रामलला के दर्शन को बढ़े जा रहे थे। लखनऊ निवासी करीब 65 वर्षीय राजेंद्र नारायण परिवार सहित पहुंचे थे।
विज्ञापन
बोले कि अयोध्या रामलला के दर्शन के लिए ही आया था। आज ही निकलना है इसलिए दर्शन जरूरी था। कहा कि भक्ति की आगे ये दुश्वारियां तो अपने आप ही बौनी साबित हो जाती हैं।
उनके पुत्र के कंधों पर करीब तीन वर्षीय बालक भी दर्शन को भीगते हुए जाता दिखा। इसी तरह कानपुर निवासी अनिल गर्ग भी सपरिवार भीगते हुए दर्शन मार्ग पर बढ़े जा रहे थे, बोले कि मौसम विपरीत है। शायद प्रभु हमारी परीक्षा ले रहे हैं पर हम बिना दर्शन किए वापस नहीं जाएंगे।