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1153 एकड़ में बसने वाली नव्य अयोध्या को विकसित करेगा एडीए
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अयोध्या। रामनगरी के 1153 एकड़ में बसने वाली नव्य अयोध्या के विकास का जिम्मा एडीए (अयोध्या डेवलपमेंट अथॉरिटी) लेने को तैयार है। इसके लिए एडीए ने प्रस्ताव बनाकर शासन को भेजा है। इस प्रस्ताव को बोर्ड की बैठक में पहले ही मंजूरी मिल चुकी है। साथ ही एडीए ने अपनी पूर्व की नव्य अयोध्या योजना की 182 एकड़ भूमि को भी डी-नोटिफाई करने पर कार्य शुरू कर दिया है।
उत्तर प्रदेश आवास विकास परिषद की ओर से अयोध्या में 1153 एकड़ पर नव्य अयोध्या योजना प्रस्तावित है। इसके लिए मौजूदा समय में अधिग्रहण की प्रक्रिया चल रही है। आवास विकास की टीम भूमि को गाटा के अनुसार चिह्नित कर रही है।
दूसरी ओर एडीए भी योजना के विकास में अपना सहयोग करने को तैयार है। विकास प्राधिकरण में नए सचिव व अधिशासी अभियंता के आ जाने के बाद टीम तैयार हो गई है। माना ये भी जा रहा है कि कुछ रिक्त पदों पर जल्द ही अधिकारियों की तैनाती होने की संभावना है।
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इसमें चीफ इंजीनियर सहित कई इंजीनियर शामिल हैं। इस सबके चलते एडीए ने नव्य अयोध्या के अधिग्रहण की प्रक्रिया के बाद विकास संबंधी समस्त कार्यों का जिम्मा उठाने की ठानी है। एडीए ने अपनी बोर्ड बैठक में इस प्रस्ताव को पास भी कर दिया है।
ये प्रस्ताव अब शासन को भेजा जा रहा है। शासन की अनुमति के बाद एडीए नव्य अयोध्या में विकास कार्य कराएगा। वहीं दूसरी ओर एडीए की पहले से 500 एकड़ में प्रस्तावित नव्य अयोध्या योजना के 182 एकड़ को डी-नोटिफाई करने की तैयारी शुरू कर दी गई है।
एडीए ने वर्ष 2018 में माझा शाहनवाजपुर, वासेपुर सिरसा व जयसिंहपुर में 500 एकड़ में नव्य अयोध्या योजना का प्रस्ताव तैयार किया था लेकिन शासन की मंजूरी न मिलने के कारण योजना अधर में लटकी है। इस 500 एकड़ में से 182 एकड़ भूमि को आवास विकास की नव्य अयोध्या योजना के लिए डी-नोटिफाई किए जाने की बात कही थी। बोर्ड की बैठक में मंजूरी के बाद अब 182 एकड़ भूमि को डी-नोटिफाई करने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। साथ ही प्राधिकरण अपनी शेष 318 एकड़ भूमि को फिलहाल अभी डी-नोटिफाई नहीं करेगा। इस 318 एकड़ में फिलहाल कोई नक्शा पास नहीं किया जाएगा। भविष्य में इसमें कोई नई योजना का प्रस्ताव एडीए कर सकता है।
अयोध्या विकास प्राधिकरण अब किसी भी बड़ी परियोजना के विकास संबंधी कार्य करने की स्थिति में आ गया है। आवास विकास की नव्य अयोध्या योजना में विकास संबंधी कार्यों को करने के लिए विकास प्राधिकरण तैयार है। इसके लिए शासन को प्रस्ताव भेजा गया है। शासन की अनुमति के बाद आवास विकास की योजना में विकास कार्य कराए जाएंगे। साथ ही विकास प्राधिकरण की पूर्व में प्रस्तावित योजना के 500 एकड़ में 182 एकड़ को डी-नोटिफाई किया जाएगा। शेष पर किसी प्रकार का नया भवन या निर्माण संबंधी कार्य के लिए पहले जैसी स्थिति रहेगी।
विशाल सिंह, वीसी अयोध्या विकास प्राधिकरण
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उत्तर प्रदेश आवास विकास परिषद की ओर से अयोध्या में 1153 एकड़ पर नव्य अयोध्या योजना प्रस्तावित है। इसके लिए मौजूदा समय में अधिग्रहण की प्रक्रिया चल रही है। आवास विकास की टीम भूमि को गाटा के अनुसार चिह्नित कर रही है।
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दूसरी ओर एडीए भी योजना के विकास में अपना सहयोग करने को तैयार है। विकास प्राधिकरण में नए सचिव व अधिशासी अभियंता के आ जाने के बाद टीम तैयार हो गई है। माना ये भी जा रहा है कि कुछ रिक्त पदों पर जल्द ही अधिकारियों की तैनाती होने की संभावना है।
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इसमें चीफ इंजीनियर सहित कई इंजीनियर शामिल हैं। इस सबके चलते एडीए ने नव्य अयोध्या के अधिग्रहण की प्रक्रिया के बाद विकास संबंधी समस्त कार्यों का जिम्मा उठाने की ठानी है। एडीए ने अपनी बोर्ड बैठक में इस प्रस्ताव को पास भी कर दिया है।
ये प्रस्ताव अब शासन को भेजा जा रहा है। शासन की अनुमति के बाद एडीए नव्य अयोध्या में विकास कार्य कराएगा। वहीं दूसरी ओर एडीए की पहले से 500 एकड़ में प्रस्तावित नव्य अयोध्या योजना के 182 एकड़ को डी-नोटिफाई करने की तैयारी शुरू कर दी गई है।
एडीए ने वर्ष 2018 में माझा शाहनवाजपुर, वासेपुर सिरसा व जयसिंहपुर में 500 एकड़ में नव्य अयोध्या योजना का प्रस्ताव तैयार किया था लेकिन शासन की मंजूरी न मिलने के कारण योजना अधर में लटकी है। इस 500 एकड़ में से 182 एकड़ भूमि को आवास विकास की नव्य अयोध्या योजना के लिए डी-नोटिफाई किए जाने की बात कही थी। बोर्ड की बैठक में मंजूरी के बाद अब 182 एकड़ भूमि को डी-नोटिफाई करने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। साथ ही प्राधिकरण अपनी शेष 318 एकड़ भूमि को फिलहाल अभी डी-नोटिफाई नहीं करेगा। इस 318 एकड़ में फिलहाल कोई नक्शा पास नहीं किया जाएगा। भविष्य में इसमें कोई नई योजना का प्रस्ताव एडीए कर सकता है।
अयोध्या विकास प्राधिकरण अब किसी भी बड़ी परियोजना के विकास संबंधी कार्य करने की स्थिति में आ गया है। आवास विकास की नव्य अयोध्या योजना में विकास संबंधी कार्यों को करने के लिए विकास प्राधिकरण तैयार है। इसके लिए शासन को प्रस्ताव भेजा गया है। शासन की अनुमति के बाद आवास विकास की योजना में विकास कार्य कराए जाएंगे। साथ ही विकास प्राधिकरण की पूर्व में प्रस्तावित योजना के 500 एकड़ में 182 एकड़ को डी-नोटिफाई किया जाएगा। शेष पर किसी प्रकार का नया भवन या निर्माण संबंधी कार्य के लिए पहले जैसी स्थिति रहेगी।
विशाल सिंह, वीसी अयोध्या विकास प्राधिकरण