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विश्व रिकार्ड के लिए पांच मिनट जलने होंगे दीप
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अयोध्या। इस वर्ष दीपोत्सव में राम की पैड़ी पर चार लाख दीए जलाकर नया विश्व रिकार्ड बनाने की तैयारी है। रिकार्ड दर्ज करने के लिए गिनीज बुक की टीम मौजूद रहेगी। विश्व रिकार्ड के लिए 5 मिनट तक लगातार दीपकों का जलना जरूरी है। साथ ही सभी दीपकों को 28 मिनट के भीतर जलाना होगा। इसके लिए ले आउट तैयार किया जा चुका है। आयोजन की सफलता के लिए विभिन्न स्कूल-कॉलेजों के करीब 600 वालंटियर लगाए जा रहे हैं। 14 समितियां भी बनाई गई हैं।
दीपोत्सव भव्यता-दिव्यता की मिशाल बने इसके लिए इस बार कई परिवर्तन किए गए हैं। इस वर्ष दीपोत्सव में राम पैड़ी सहित प्रमुख मठ-मंदिरों, चौक-चौराहों, कुंडों, मलिन बस्तियों, पार्कों पर करीब 5.51 हजार दीप जलाने की तैयारी है। इसमें करीब 17 हजार लीटर तेल का इस्तेमाल किया जाएगा। मिट्टी के दीपक सरसों के तेल से जलाए जाएंगे। मुख्य अतिथि के रूप में थाईलैंड के राजा पधार रहे हैं।
मुख्य अतिथि के साथ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ हजारा दीप जलाकर दीपोत्सव की शुरूआत करेंगे। इसके लिए हजारा दीपक तैयार किया जा रहा है। जो कि राम की पैड़ी के 13 बुर्जों पर रोशन होगा। राम की पैड़ी के 12 घाटों पर चार लाख दीपक जलाने का ले आउट तैयार किया गया है।
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अवध विश्वविद्यालय के जनसंपर्क अधिकारी आशीष मिश्र ने बताया कि मुख्यमंत्री और कार्यक्रम के मुख्य अतिथि द्वारा दीपोत्सव की शुरूआत करने के बाद मानक के अनुसार करीब 5 मिनट तक दिए जलाने होगें। इन सभी दीपकों को 28 मिनट के अंदर रोशन करना होगा।
इस दौरान कोई भी दीपक बुझने न पाए इसका खास ध्यान रखना होगा, ताकि गिनीज बुक का रिकार्ड दर्ज हो सके। उन्होंने बताया कि पूरे कार्यक्रम की रूपरेखा तैयार हो चुकी है। घाटों का निर्धारण भी किया जा चुका है। 24 अक्टूबर से घाटों पर दीप सजाने का काम शुरू कर दिया जाएगा।
इस वर्ष दीपों को इस तरह जलाया जाएगा कि जब उन्हें ड्रोन से देखा जाएगा तो उसमें राम दरबार की आकृति नजर आएगी। इसके लिए अवध विश्वविद्यालय का दृश्य कला विभाग खास तैयारी कर रहा है। दीपों को ग्राफिक्स के माध्यम से फोटो पर सजाया जाएगा, इसका ले आउट तैयार किया जा चुका है। जब दीप जलेगें तो इन पर राम, लक्ष्मण, सीता व हनुमान जी की आकृति नजर आएगी। पूरा राम दरबार दीपमय हो उठेगा। यह पहला अवसर है जब दीपोत्सव में इस तरह की भव्यता लाने का प्रयास हो रहा है।
अवध विश्वविद्यालय के कुलपति आचार्य मनोज दीक्षित ने बताया कि राम की पैड़ी पर चार लाख दीपक जलाने का ले आउट तैयार किया गया है। इसके लिए 6 हजार वालंटियरों को लगाया जा रहा है। 14 समितियां व्यवस्था की जिम्मेदारी संभालेंगी। इस वर्ष नया विश्व रिकार्ड बनाने की हमारी पूरी तैयारी है, दीपोत्सव में गिनीज बुक ऑफ रिकार्ड की टीम भी मौजूद रहेगी। 24 अक्टूबर से दीपों को राम की पैड़ी पर सजाने का काम शुरू हो जाएगा।
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दीपोत्सव भव्यता-दिव्यता की मिशाल बने इसके लिए इस बार कई परिवर्तन किए गए हैं। इस वर्ष दीपोत्सव में राम पैड़ी सहित प्रमुख मठ-मंदिरों, चौक-चौराहों, कुंडों, मलिन बस्तियों, पार्कों पर करीब 5.51 हजार दीप जलाने की तैयारी है। इसमें करीब 17 हजार लीटर तेल का इस्तेमाल किया जाएगा। मिट्टी के दीपक सरसों के तेल से जलाए जाएंगे। मुख्य अतिथि के रूप में थाईलैंड के राजा पधार रहे हैं।
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मुख्य अतिथि के साथ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ हजारा दीप जलाकर दीपोत्सव की शुरूआत करेंगे। इसके लिए हजारा दीपक तैयार किया जा रहा है। जो कि राम की पैड़ी के 13 बुर्जों पर रोशन होगा। राम की पैड़ी के 12 घाटों पर चार लाख दीपक जलाने का ले आउट तैयार किया गया है।
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अवध विश्वविद्यालय के जनसंपर्क अधिकारी आशीष मिश्र ने बताया कि मुख्यमंत्री और कार्यक्रम के मुख्य अतिथि द्वारा दीपोत्सव की शुरूआत करने के बाद मानक के अनुसार करीब 5 मिनट तक दिए जलाने होगें। इन सभी दीपकों को 28 मिनट के अंदर रोशन करना होगा।
इस दौरान कोई भी दीपक बुझने न पाए इसका खास ध्यान रखना होगा, ताकि गिनीज बुक का रिकार्ड दर्ज हो सके। उन्होंने बताया कि पूरे कार्यक्रम की रूपरेखा तैयार हो चुकी है। घाटों का निर्धारण भी किया जा चुका है। 24 अक्टूबर से घाटों पर दीप सजाने का काम शुरू कर दिया जाएगा।
इस वर्ष दीपों को इस तरह जलाया जाएगा कि जब उन्हें ड्रोन से देखा जाएगा तो उसमें राम दरबार की आकृति नजर आएगी। इसके लिए अवध विश्वविद्यालय का दृश्य कला विभाग खास तैयारी कर रहा है। दीपों को ग्राफिक्स के माध्यम से फोटो पर सजाया जाएगा, इसका ले आउट तैयार किया जा चुका है। जब दीप जलेगें तो इन पर राम, लक्ष्मण, सीता व हनुमान जी की आकृति नजर आएगी। पूरा राम दरबार दीपमय हो उठेगा। यह पहला अवसर है जब दीपोत्सव में इस तरह की भव्यता लाने का प्रयास हो रहा है।
अवध विश्वविद्यालय के कुलपति आचार्य मनोज दीक्षित ने बताया कि राम की पैड़ी पर चार लाख दीपक जलाने का ले आउट तैयार किया गया है। इसके लिए 6 हजार वालंटियरों को लगाया जा रहा है। 14 समितियां व्यवस्था की जिम्मेदारी संभालेंगी। इस वर्ष नया विश्व रिकार्ड बनाने की हमारी पूरी तैयारी है, दीपोत्सव में गिनीज बुक ऑफ रिकार्ड की टीम भी मौजूद रहेगी। 24 अक्टूबर से दीपों को राम की पैड़ी पर सजाने का काम शुरू हो जाएगा।