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दरोगा की पत्नी का रेलवे आवास पर कब्जा
फैजाबाद/अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 21 Jul 2015 11:15 PM IST
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रेलवे के इंजीनियरिंग विभाग ने आवंटी के आवास का पानी कनेक्शन व बिजली विभाग ने विद्युत कनेक्शन काट दिया। महिला ने प्राइवेट कर्मियों को बुलाकर दोनों कनेक्शन जोड़वा लिये।
आवंटी सहायक लोको पायलट रामप्रकाश, वरिष्ठ अनुभाग अभियंता लोको और सीनियर सेक्शन इंजीनियर ने विभिन्न तिथियों में एसएसपी फैजाबाद, डीएम, एसपी सिटी, प्रभारी जीआरपी और आरपीएफ से रेलवे आवास को दरोगा की पत्नी से खाली कराने की फरियाद की, लेकिन कहीं से कुछ नहीं किया गया।
आवास जिला पुलिस क्षेत्र में आने से रेलवे के दोनों बल मौके पर जाने से कतरा रहे हैं। आवंटी राम प्रकाश का कहना है कि क्वार्टर का आवंटन उसके नाम पर 10 मार्च को हुआ है।
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अधिकारियों को भेजे गये पत्र के अनुसार स्टेशन के उत्तर पूर्व में रेलवे का आवास टी-10 डी का आवंटन वरीयता क्रम में 10 मार्च को सहायक लोको पायलट रामप्रकाश के नाम पर हुआ है।
इससे पहले यह आवास कार्यालय अधीक्षक लोको स्वामीनाथ मिश्र के नाम आवंटित था। चीता मोबाइल के सिपाही ने स्वामीनाथ मिश्र के नाम आवंटित आवास दरोगा की पत्नी को किराये पर दिलवा दिया। 19 फरवरी को मिश्र सेवामुक्त हो गये। उसके बाद आवास रामप्रकाश के नाम एलाट हो गया।
राम प्रकाश बताते हैं कि जब वह आवास पर कब्जा लेने पहुंचे तो दरोगा की पत्नी ने बच्चों की परीक्षा का वास्ता देकर मई तक रहने का अनुरोध किया। परीक्षा समाप्त होने के बाद कब्जा पाने के लिए गये तो खाली करने से इनकार कर दिया गया।
इसके पश्चात 27 मई तक, उसके बाद ईद तक का समय मांगा। कहा, 19 मई से वह रेलवे व पुलिस अधिकारियों के यहां भागदौड़ कर रहे हैं। कुमारगंज के निकट घाटमपुर से आकर रेलवे की नौकरी कर रहे हैं।
महिला अब मकान खाली करने के बजाय अपनी पुत्रियों को आगे कर रही है। रेलवे व जिला पुलिस के आला अफसर हैं कि उसकी सुन ही नहीं रहे हैं।
वर्जन:
-14 जुलाई को आवास टी-10 डी का पानी कनेक्शन काटा गया था। बिजली विभाग ने भी इसी दिन कार्रवाई की थी। फिर किसी से कनेक्शन करा लेने का मामला संज्ञान में है। मकान खाली कराने का कार्य जिला पुलिस को करना चाहिए। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को पत्र लिखा गया है। -एसआरआर रिजवी, एसएसई फैजाबाद।
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आवंटी सहायक लोको पायलट रामप्रकाश, वरिष्ठ अनुभाग अभियंता लोको और सीनियर सेक्शन इंजीनियर ने विभिन्न तिथियों में एसएसपी फैजाबाद, डीएम, एसपी सिटी, प्रभारी जीआरपी और आरपीएफ से रेलवे आवास को दरोगा की पत्नी से खाली कराने की फरियाद की, लेकिन कहीं से कुछ नहीं किया गया।
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आवास जिला पुलिस क्षेत्र में आने से रेलवे के दोनों बल मौके पर जाने से कतरा रहे हैं। आवंटी राम प्रकाश का कहना है कि क्वार्टर का आवंटन उसके नाम पर 10 मार्च को हुआ है।
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अधिकारियों को भेजे गये पत्र के अनुसार स्टेशन के उत्तर पूर्व में रेलवे का आवास टी-10 डी का आवंटन वरीयता क्रम में 10 मार्च को सहायक लोको पायलट रामप्रकाश के नाम पर हुआ है।
इससे पहले यह आवास कार्यालय अधीक्षक लोको स्वामीनाथ मिश्र के नाम आवंटित था। चीता मोबाइल के सिपाही ने स्वामीनाथ मिश्र के नाम आवंटित आवास दरोगा की पत्नी को किराये पर दिलवा दिया। 19 फरवरी को मिश्र सेवामुक्त हो गये। उसके बाद आवास रामप्रकाश के नाम एलाट हो गया।
राम प्रकाश बताते हैं कि जब वह आवास पर कब्जा लेने पहुंचे तो दरोगा की पत्नी ने बच्चों की परीक्षा का वास्ता देकर मई तक रहने का अनुरोध किया। परीक्षा समाप्त होने के बाद कब्जा पाने के लिए गये तो खाली करने से इनकार कर दिया गया।
इसके पश्चात 27 मई तक, उसके बाद ईद तक का समय मांगा। कहा, 19 मई से वह रेलवे व पुलिस अधिकारियों के यहां भागदौड़ कर रहे हैं। कुमारगंज के निकट घाटमपुर से आकर रेलवे की नौकरी कर रहे हैं।
महिला अब मकान खाली करने के बजाय अपनी पुत्रियों को आगे कर रही है। रेलवे व जिला पुलिस के आला अफसर हैं कि उसकी सुन ही नहीं रहे हैं।
वर्जन:
-14 जुलाई को आवास टी-10 डी का पानी कनेक्शन काटा गया था। बिजली विभाग ने भी इसी दिन कार्रवाई की थी। फिर किसी से कनेक्शन करा लेने का मामला संज्ञान में है। मकान खाली कराने का कार्य जिला पुलिस को करना चाहिए। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को पत्र लिखा गया है। -एसआरआर रिजवी, एसएसई फैजाबाद।