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कनक महल से दस लाख के गहने चोरी
फैजाबाद
Updated Thu, 12 Jan 2017 11:02 PM IST
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इसी कनक महल मंदिर में हुई चोरी।
- फोटो : अमर उजाला
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जानकीघाट स्थित श्री कनक महल भगवान मंदिर (महात्यागी कैंप) के गर्भगृह में विराजमान भगवान के सोने-चांदी के आभूषण, बर्तन आदि चोरी हो गए। पुजारी ने मंदिर में कुछ दिनों से रह रहे युवक पर चोरी का आरोप लगाया है। चोरी गए आभूषण आदि की कीमत लगभग दस लाख रुपये से अधिक बताया जा रहा है। पुलिस जांच में जुट गई है।
मंदिर के पुजारी मधुबन दास चेला सीताराम दास ने बताया कि मंदिर में चार-पांच दिनों पूर्व बिहार का रहने वाला लगभग 30 वर्षीय गोविंद दास आया था। मंदिर में भगवान की सेवा करने की बात कहकर वह रहने लगा। मंदिर के महंत सीताराम दास जी महात्यागी के साथ दो दिन पूर्व वह इलाहाबाद गया था।
बुधवार को सुबह लगभग11 बजे वह अकेले लौट आया था। बुधवार की रात मंदिर के गर्भगृह के बगल कमरे में उनके साथ ही सोया था। भोर लगभग चार बजे वह उठे और नित्य क्रिया के बाद भगवान की राग-भोग आरती पूजा के लिए गर्भगृह में पहुंचे तो विराजमान भगवान के शरीर से आभूषण गायब मिले। गोविंद की भी खोजबीन की गई लेकिन उसका पता नहीं चला।
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बताया कि गोविंद ही रात में गर्भगृह का ताला खोल कर भगवान राम, चार गोपाल जी, राम लक्ष्मण जानकी के मुकुट व भगवान का धनुष तीर और एक छड़ी लगभग दो किलो की, दो गिलास, दो कटोरी, दो चंवर लगभग डेढ़-डेढ़ किलो के, एक कड़ा, कुंडल, चांदी के छत्र, जानकी माता का हार व नथुनी सोने की, 1500 रुपये नकद लेकर फरार हो गया।
चोरी गए आभूषणों की कीमत लगभग दस लाख रुपये है। इसकी सूचना महंत जी के साथ पुलिस को दी गई। बताया कि युवक गोविंद दास लंबे समय तक श्रंगारहाट स्थित भू्रण मंदिर में रहा था। नयाघाट चौकी प्रभारी श्रीनिवास पांडेय ने बताया कि मंदिर में चोरी की जानकारी मिली, जांच शुरू कर दी गई है। बताया कि आरोपी युवक भ्रूण मंदिर में तीन चार साल पहले छोटी-मोटी चोरी के आरोप में निकाला गया था।
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मंदिर के पुजारी मधुबन दास चेला सीताराम दास ने बताया कि मंदिर में चार-पांच दिनों पूर्व बिहार का रहने वाला लगभग 30 वर्षीय गोविंद दास आया था। मंदिर में भगवान की सेवा करने की बात कहकर वह रहने लगा। मंदिर के महंत सीताराम दास जी महात्यागी के साथ दो दिन पूर्व वह इलाहाबाद गया था।
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बुधवार को सुबह लगभग11 बजे वह अकेले लौट आया था। बुधवार की रात मंदिर के गर्भगृह के बगल कमरे में उनके साथ ही सोया था। भोर लगभग चार बजे वह उठे और नित्य क्रिया के बाद भगवान की राग-भोग आरती पूजा के लिए गर्भगृह में पहुंचे तो विराजमान भगवान के शरीर से आभूषण गायब मिले। गोविंद की भी खोजबीन की गई लेकिन उसका पता नहीं चला।
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बताया कि गोविंद ही रात में गर्भगृह का ताला खोल कर भगवान राम, चार गोपाल जी, राम लक्ष्मण जानकी के मुकुट व भगवान का धनुष तीर और एक छड़ी लगभग दो किलो की, दो गिलास, दो कटोरी, दो चंवर लगभग डेढ़-डेढ़ किलो के, एक कड़ा, कुंडल, चांदी के छत्र, जानकी माता का हार व नथुनी सोने की, 1500 रुपये नकद लेकर फरार हो गया।
चोरी गए आभूषणों की कीमत लगभग दस लाख रुपये है। इसकी सूचना महंत जी के साथ पुलिस को दी गई। बताया कि युवक गोविंद दास लंबे समय तक श्रंगारहाट स्थित भू्रण मंदिर में रहा था। नयाघाट चौकी प्रभारी श्रीनिवास पांडेय ने बताया कि मंदिर में चोरी की जानकारी मिली, जांच शुरू कर दी गई है। बताया कि आरोपी युवक भ्रूण मंदिर में तीन चार साल पहले छोटी-मोटी चोरी के आरोप में निकाला गया था।