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दो गांवों में डकैती, लाखों का माल लूटा
फैजाबाद/अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 13 Nov 2015 11:30 PM IST
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त्योहार पर पुलिस की सतर्कता के दावे तार-तार हो गए। अयोध्या कोतवाली क्षेत्र के दो गांव आशापुर बेलदार का पुरवा और सहजनवां में दीपावली की रात डकैती पड़ गई।
इस दौरान सशस्त्र डकैतों के हमले में 11 लोग जख्मी हुए, जिसमें तीन की हालत नाजुक देख लखनऊ रेफर किया गया है। बाकी का जिला अस्पताल में इलाज चल रहा है।
डकैत लाखों के जेवर व नकदी लूटकर भाग गए। भोर में वारदात की सूचना पर पुलिस अफसरों समेत डॉग स्क्वायड, स्वाट टीम आदि ने जांच की है।
मामले में पुलिस की लापरवाही कदम-कदम पर सामने आई है। एसएसपी ने दर्शननगर के चौकी प्रभारी और दो सिपाहियों को निलंबित कर दिया है।
फोन न उठाने पर कंट्रोल रूम के प्रभारी कैलाशचंद्र को भी सस्पेंड कर दिया गया है। पहली घटना बुधवार रात 11:30 बजे दर्शननगर चौकी अंतर्गत आशापुर बेलदार का पुरवा गांव निवासी बरसाती यादव के घर में हुई।
लोग अभी पहली नींद में थे कि करीब दर्जनभर डकैत मुंह बांधे घर में घुस गए। दीपावली की वजह से दरवाजे खुले थे, बरसाती ने आहट सुनकर जैसे ही कुछ बोलना चाहा, डकैतों ने तमंचा तान दिया।
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उसके बेटे सतेंद्र यादव के विरोध करते ही बदमाशों ने लाठी-डंडे से हमलाकर बेहोश कर दिया। इसके बाद डकैतों ने बरसाती के पुत्र धर्मेंद्र यादव, रवींद्र यादव, जितेंद्र यादव व पुत्री नंदिनी को लहूलुहान कर दिया।
एक घंटे तक डकैती पड़ती रही, घर से लाखों के जेवर व नकदी लेकर भाग गए। बताते हैं कि लूटपाट के दौरान ही ग्रामीण जाग गए। पुलिस कंट्रोल रूम के 100 नंबर पर कई बार कॉल की गई, लेकिन फोन नहीं उठा।
ग्रामीण घायलों को लेकर जिला अस्पताल पहुंचे, तब पुलिस सक्रिय हुई। इसके बाद इसी डकैतों के गिरोह ने थोड़ी दूर पर सहजनवां गांव में रात डेढ़ बजे दीनानाथ सिंह के घर में धावा बोल दिया।
यहां दीनानाथ व उनके पुत्र सुरेंद्र सिंह उर्फ नरेंद्र ने विरोध किया तो हमला कर उन्हें बेहोश कर दिया। इसके बाद जो भी विरोध करने आया, बदमाश धारदार हथियार और लाठी-डंडे से हमला कर लहूलुहान करते रहे।
हमले में भीम सिंह, ममता सिंह पत्नी सुरेंद्र सिंह समेत भांजी गरिमा गंभीर रूप से घायल हो गईं। दोनों मामलों में सभी 11 घायलों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
इसमें सतेंद्र, दीनानाथ और सुरेंद्र की हालत गंभीर होने पर लखनऊ ट्रॉमा सेंटर रेफर किया गया है। मामले में रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। दोनों घरों में कितने की डकैती हुई, इसका आकलन नहीं हो पाया है।
एसएसपी मोहित गुप्ता ने अपराधियों को तत्काल गिरफ्तार एवं घटना का अनावरण करने का निर्देश दिया है। कहा कि अपराधियों की धरपकड़ के लिए पुलिस टीमें लगाई गई हैं।
घटना के संबंध में त्वरित कार्यवाही एवं कर्तव्य का पालन न करने पर प्रभारी चौकी दर्शन नगर दुर्गेश मिश्र, चीता मो. 15 के कां. प्रफुल्ल कुमार सिंह, जगदम्बा प्रसाद और सीसीआर हेेड कां. कैलाशचंद्र को तात्कालिक प्रभाव से निलंबित किया गया है।
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इस दौरान सशस्त्र डकैतों के हमले में 11 लोग जख्मी हुए, जिसमें तीन की हालत नाजुक देख लखनऊ रेफर किया गया है। बाकी का जिला अस्पताल में इलाज चल रहा है।
डकैत लाखों के जेवर व नकदी लूटकर भाग गए। भोर में वारदात की सूचना पर पुलिस अफसरों समेत डॉग स्क्वायड, स्वाट टीम आदि ने जांच की है।
मामले में पुलिस की लापरवाही कदम-कदम पर सामने आई है। एसएसपी ने दर्शननगर के चौकी प्रभारी और दो सिपाहियों को निलंबित कर दिया है।
फोन न उठाने पर कंट्रोल रूम के प्रभारी कैलाशचंद्र को भी सस्पेंड कर दिया गया है। पहली घटना बुधवार रात 11:30 बजे दर्शननगर चौकी अंतर्गत आशापुर बेलदार का पुरवा गांव निवासी बरसाती यादव के घर में हुई।
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लोग अभी पहली नींद में थे कि करीब दर्जनभर डकैत मुंह बांधे घर में घुस गए। दीपावली की वजह से दरवाजे खुले थे, बरसाती ने आहट सुनकर जैसे ही कुछ बोलना चाहा, डकैतों ने तमंचा तान दिया।
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उसके बेटे सतेंद्र यादव के विरोध करते ही बदमाशों ने लाठी-डंडे से हमलाकर बेहोश कर दिया। इसके बाद डकैतों ने बरसाती के पुत्र धर्मेंद्र यादव, रवींद्र यादव, जितेंद्र यादव व पुत्री नंदिनी को लहूलुहान कर दिया।
एक घंटे तक डकैती पड़ती रही, घर से लाखों के जेवर व नकदी लेकर भाग गए। बताते हैं कि लूटपाट के दौरान ही ग्रामीण जाग गए। पुलिस कंट्रोल रूम के 100 नंबर पर कई बार कॉल की गई, लेकिन फोन नहीं उठा।
ग्रामीण घायलों को लेकर जिला अस्पताल पहुंचे, तब पुलिस सक्रिय हुई। इसके बाद इसी डकैतों के गिरोह ने थोड़ी दूर पर सहजनवां गांव में रात डेढ़ बजे दीनानाथ सिंह के घर में धावा बोल दिया।
यहां दीनानाथ व उनके पुत्र सुरेंद्र सिंह उर्फ नरेंद्र ने विरोध किया तो हमला कर उन्हें बेहोश कर दिया। इसके बाद जो भी विरोध करने आया, बदमाश धारदार हथियार और लाठी-डंडे से हमला कर लहूलुहान करते रहे।
हमले में भीम सिंह, ममता सिंह पत्नी सुरेंद्र सिंह समेत भांजी गरिमा गंभीर रूप से घायल हो गईं। दोनों मामलों में सभी 11 घायलों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
इसमें सतेंद्र, दीनानाथ और सुरेंद्र की हालत गंभीर होने पर लखनऊ ट्रॉमा सेंटर रेफर किया गया है। मामले में रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। दोनों घरों में कितने की डकैती हुई, इसका आकलन नहीं हो पाया है।
एसएसपी मोहित गुप्ता ने अपराधियों को तत्काल गिरफ्तार एवं घटना का अनावरण करने का निर्देश दिया है। कहा कि अपराधियों की धरपकड़ के लिए पुलिस टीमें लगाई गई हैं।
घटना के संबंध में त्वरित कार्यवाही एवं कर्तव्य का पालन न करने पर प्रभारी चौकी दर्शन नगर दुर्गेश मिश्र, चीता मो. 15 के कां. प्रफुल्ल कुमार सिंह, जगदम्बा प्रसाद और सीसीआर हेेड कां. कैलाशचंद्र को तात्कालिक प्रभाव से निलंबित किया गया है।