{"_id":"aa460eb5d78dcabf6ebe83503ddfbf91","slug":"examine-the-quality-of-the-two-drugs-suspected-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"जांच में दो दवाओं की गुणवत्ता संदिग्ध","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
जांच में दो दवाओं की गुणवत्ता संदिग्ध
फैजाबाद/अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 30 Oct 2015 11:06 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
नारकोटिक्स व सेड्यूल एच 1 की दवाओं का कारोबार करने वाले व्यापारी मोइन अहमद खान के गोदाम से पकड़ी गई दो दवाएं अधोमानक पाई गई।
एक दवा के रैपर पर कुछ भी नहीं छपा था, जिसे सेंट्रल लैब ने वापस कर दिया है। हालांकि ड्रग इंस्पेक्टर ने मिस ब्रांड रैपर वाली दवा में क्या मिला है, यह जानने के लिए उसे दोबारा प्रदेश प्रयोगशाला भेजा है।
दो माह पूर्व 31 अगस्त को ड्रग इंस्पेक्टर यूबी सिंह ने मुकेरीटोला स्थित सोनू फार्मा पर छापेमारी कर पांच लाख रुपये से अधिक की प्रतिबंधित दवाओं को जब्त किया था।
सोनू फार्मा से तीन संदिग्ध दवाओं के नमूने लेकर जांच के लिए प्रदेश प्रयोगशाला भेजा था। इन तीन दवाओं में एक दवा के रैपर पर कुछ नहीं लिखा था।
दो अन्य दवाओं में न्यूटेक हेल्थ केयर प्राइवेट लिमिटेड की पराजोलम और नोयल फर्मा की निटाप-पी दवाओं की गुणवत्ता जांच के लिए प्रयोगशाला भेजी थी।
प्रयोगशाला की जो रिपोर्ट आई है वह चौंकाने वाली है। दवा में कंपनी द्वारा जिन-जिन तत्वों को मिलाए जाने की बात लिखी गई है। जांच में उतनी मात्रा नहीं पाई गई।
विज्ञापन
प्रयोगशाला ने बगैर रैपर वाली दवा को वापस कर दिया था, लेकिन ड्रग इंस्पेक्टर ने बगैर रैपर वाली दवा को दोबारा जांच के लिए भेजा है।
ड्रग इंस्पेक्टर यूबी सिंह ने बताया कि दो दवाओं के नमूने फेल पाए गए हैं। तीसरी दवा में क्या मिला है यह जानने के लिए दोबारा लैब में दवा को भेजा गया है।
फर्म का मालिक फरार है। अब कंपनी पर कार्रवाई के लिए उच्चाधिकारियों को पत्र लिखा जा रहा है।
विज्ञापन
एक दवा के रैपर पर कुछ भी नहीं छपा था, जिसे सेंट्रल लैब ने वापस कर दिया है। हालांकि ड्रग इंस्पेक्टर ने मिस ब्रांड रैपर वाली दवा में क्या मिला है, यह जानने के लिए उसे दोबारा प्रदेश प्रयोगशाला भेजा है।
दो माह पूर्व 31 अगस्त को ड्रग इंस्पेक्टर यूबी सिंह ने मुकेरीटोला स्थित सोनू फार्मा पर छापेमारी कर पांच लाख रुपये से अधिक की प्रतिबंधित दवाओं को जब्त किया था।
विज्ञापन
सोनू फार्मा से तीन संदिग्ध दवाओं के नमूने लेकर जांच के लिए प्रदेश प्रयोगशाला भेजा था। इन तीन दवाओं में एक दवा के रैपर पर कुछ नहीं लिखा था।
दो अन्य दवाओं में न्यूटेक हेल्थ केयर प्राइवेट लिमिटेड की पराजोलम और नोयल फर्मा की निटाप-पी दवाओं की गुणवत्ता जांच के लिए प्रयोगशाला भेजी थी।
प्रयोगशाला की जो रिपोर्ट आई है वह चौंकाने वाली है। दवा में कंपनी द्वारा जिन-जिन तत्वों को मिलाए जाने की बात लिखी गई है। जांच में उतनी मात्रा नहीं पाई गई।
विज्ञापन
प्रयोगशाला ने बगैर रैपर वाली दवा को वापस कर दिया था, लेकिन ड्रग इंस्पेक्टर ने बगैर रैपर वाली दवा को दोबारा जांच के लिए भेजा है।
ड्रग इंस्पेक्टर यूबी सिंह ने बताया कि दो दवाओं के नमूने फेल पाए गए हैं। तीसरी दवा में क्या मिला है यह जानने के लिए दोबारा लैब में दवा को भेजा गया है।
फर्म का मालिक फरार है। अब कंपनी पर कार्रवाई के लिए उच्चाधिकारियों को पत्र लिखा जा रहा है।