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हत्या में साले-बहनोई समेत तीन को उम्रकैद
Updated Sun, 28 Oct 2018 12:35 AM IST
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फैजाबाद। सगे भाई की हत्या के एक मामले में साले व बहनोई समेत तीन लोगों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई है। इसके अलावा प्रत्येक पर 10-10 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया गया। यह फैसला अपर जिला जज अमरजीत त्रिपाठी की अदालत से शनिवार को हुआ।
पूर्व एडीजीसी संजय यादव व अजय सिंह ने बताया कि घटना पांच नवंबर 2012 की है। दिन में 11 बजे कुमारगंज थाना क्षेत्र के अमावा छीतन गांव में माता प्रसाद ने अपनी पत्नी फूलमती व साले बाबू के साथ मिलकर अपने छोटे भाई रामलखन को लाठी-डंडे से पीटकर मरणासन्न कर दिया। उसे परिवारीजनों ने जिला चिकित्सालय में भर्ती कराया, जहां से हालत गंभीर देखते हुए लखनऊ रेफर कर दिया गया था।
लखनऊ में चार दिन जीवन और मौत से संघर्ष करते हुए राम लखन ने नौ नवंबर को दम तोड़ दिया था। इसकी रिपोर्ट मृतक की पत्नी शांति देवी ने उसी दिन 11:45 बजे लिखाई थी। घटना के पीछे जमीन के बंटवारे की रंजिश थी। कोर्ट ने बचाव पक्ष के अधिवक्ता मार्तंड प्रताप सिंह की दलील सुनने के बाद तीनों को हत्या का दोषी पाते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई। साथ ही प्रत्येक पर 10-10 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया।
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पूर्व एडीजीसी संजय यादव व अजय सिंह ने बताया कि घटना पांच नवंबर 2012 की है। दिन में 11 बजे कुमारगंज थाना क्षेत्र के अमावा छीतन गांव में माता प्रसाद ने अपनी पत्नी फूलमती व साले बाबू के साथ मिलकर अपने छोटे भाई रामलखन को लाठी-डंडे से पीटकर मरणासन्न कर दिया। उसे परिवारीजनों ने जिला चिकित्सालय में भर्ती कराया, जहां से हालत गंभीर देखते हुए लखनऊ रेफर कर दिया गया था।
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लखनऊ में चार दिन जीवन और मौत से संघर्ष करते हुए राम लखन ने नौ नवंबर को दम तोड़ दिया था। इसकी रिपोर्ट मृतक की पत्नी शांति देवी ने उसी दिन 11:45 बजे लिखाई थी। घटना के पीछे जमीन के बंटवारे की रंजिश थी। कोर्ट ने बचाव पक्ष के अधिवक्ता मार्तंड प्रताप सिंह की दलील सुनने के बाद तीनों को हत्या का दोषी पाते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई। साथ ही प्रत्येक पर 10-10 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया।
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