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छात्रों ने घेरी कोतवाली, पुलिस ने बरसाई लाठी
Updated Tue, 26 Sep 2017 11:19 PM IST
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फैजाबाद। साकेत पीजी कॉलेज के एक छात्र नेता को फर्जी मुकदमे में फंसाने का आरोप लगाते हुए आक्रोशित सैकड़ों छात्रों ने मंगलवार दोपहर नगर कोतवाली के सामने सड़क जाम कर घेराव और प्रदर्शन शुरू कर दिया।
अधिकारियों के समझाने पर जब छात्र नहीं माने तो पुलिस ने दौड़ा-दौड़ाकर लाठियों से पीटा। कई छात्रों को चोटें आईं, मगर पुलिस के डर से कोई अस्पताल नहीं पहुंचा।
एसएसपी से मिले छात्र नेताओं को फर्जी मामला रद्द करने के साथ उनकी तहरीर दर्ज करने का आश्वासन मिला, तब जाकर छात्रों का गुस्सा शांत हुआ।
23 सितंबर को देवकाली चौराहे के निकट दो अलग-अलग एसयूवी वाहनों में सवार छात्र नेताओं में मारपीट हुई थी। अभिषेक सिंह की तहरीर पर पुलिस ने छात्र नेता थाना महाराजगंज निवासी शिवेंद्र सिंह समेत तीन लोगों पर हत्या के प्रयास, लूट समेत अन्य धाराओं में केस दर्ज किया था।
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मामले में आरोपी घटना के दिन चेन्नई में भतीजे का इलाज कराने गया था। शिवेंद्र का कहना है कि वह घटना के दिन शहर में नहीं था।
पुलिस ने घटना में उनका नाम फर्जी डाल दिया है। इसकी जांच कर फर्जी आरोप रद्द करने की मांग की गई थी। अभिषेक के खिलाफ विवेक सिंह की तहरीर भी नहीं दर्ज हुई।
मामले में पुलिस को पहले ही चेतावनी देकर मंगलवार को घेराव-प्रदर्शन का ऐलान किया गया था। फर्जी मुकदमा रद्द करने व हमले के शिकार दूसरे पक्ष की रिपोर्ट दर्ज करने की मांग को लेकर दोपहर 12 बजे सैंकड़ों छात्र कोतवाली कूच किए।
यहां रीढ़गंज-चौक मार्ग जाम कर घेराव-प्रदर्शन और नारेबाजी शुरू हो गई। इस दौरान सिटी मजिस्ट्रेट छोटेलाल मिश्र, सीओ सिटी विक्रांत वीर व नगर कोतवाल अमर सिंह समेत भारी संख्या में पुलिस-पीएसी के जवान मुस्तैद हो गए।
नारेबाजी होता देख अधिकारियों ने समझाया और बात करने के लिए दो छात्र नेताओं को बुलाया। इस दौरान बाहर नारेबाजी उग्र होने पर सीओ सिटी अचानक वार्ता छोड़कर बाहर आए और छात्रों को नारेबाजी बंद कर हटने को कहा।
नहीं मानने पर पुलिसकर्मियों ने लाठी भांजना शुरू कर दिया और देखते ही देखते दौड़ा-दौड़ा कर छात्रों की पिटाई शुरू हो गई।
प्रदर्शन के दौरान पूर्व छात्र संघ अध्यक्ष आलोक सिंह, शहनवाज खान, गौरव सागर आदि ने पुलिस प्रशासन पर आरोप लगाते हुए कहा कि पुलिस राजनीतिक भावना से प्रेरित होकर छात्र नेता शिवेंद्र सिंह व उनके दो साथियों पर फर्जी मुकदमा लगाकर उन्हें व परिवारीजनों को परेशान कर रही है।
उनका कहना था कि पुलिस उनकी एफआरआई तक दर्ज नहीं कर रही है। बाद में अधिवक्ता मार्तंड प्रताप सिंह की अगुवाई में एक प्रतिनिधि मंडल ने एसएसपी को संबोधित एक ज्ञापन भी पुलिस को सौंपा।
शिवेंद्र पर फर्जी रिपोर्ट रद्द करने और पीड़ित विवेक की एफआरआई दर्ज कर उचित कार्रवाई की मांग की। एसएसपी सुभाष सिंह बघेल ने कार्यवाही का आश्वासन दिया। प्रदर्शन में अजय आजाद, विनय प्रकाश सिंह, नागेश प्रताप सिंह, सुजीत विक्रम सिंह, ध्रुवराज सिंह आदि मौजूद रहे।
अभिषेक की शिकायत पर शिवेंद्र सिंह, विवेक सिंह व सिंपल सिंह पर केस दर्ज किया गया है। शिवेंद्र की शिकायत मिली है। जांच की जा रही है। रिपोर्ट आने पर कार्रवाई की जाएगी।
-अमर सिंह, नगर कोतवाल
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अधिकारियों के समझाने पर जब छात्र नहीं माने तो पुलिस ने दौड़ा-दौड़ाकर लाठियों से पीटा। कई छात्रों को चोटें आईं, मगर पुलिस के डर से कोई अस्पताल नहीं पहुंचा।
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एसएसपी से मिले छात्र नेताओं को फर्जी मामला रद्द करने के साथ उनकी तहरीर दर्ज करने का आश्वासन मिला, तब जाकर छात्रों का गुस्सा शांत हुआ।
23 सितंबर को देवकाली चौराहे के निकट दो अलग-अलग एसयूवी वाहनों में सवार छात्र नेताओं में मारपीट हुई थी। अभिषेक सिंह की तहरीर पर पुलिस ने छात्र नेता थाना महाराजगंज निवासी शिवेंद्र सिंह समेत तीन लोगों पर हत्या के प्रयास, लूट समेत अन्य धाराओं में केस दर्ज किया था।
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मामले में आरोपी घटना के दिन चेन्नई में भतीजे का इलाज कराने गया था। शिवेंद्र का कहना है कि वह घटना के दिन शहर में नहीं था।
पुलिस ने घटना में उनका नाम फर्जी डाल दिया है। इसकी जांच कर फर्जी आरोप रद्द करने की मांग की गई थी। अभिषेक के खिलाफ विवेक सिंह की तहरीर भी नहीं दर्ज हुई।
मामले में पुलिस को पहले ही चेतावनी देकर मंगलवार को घेराव-प्रदर्शन का ऐलान किया गया था। फर्जी मुकदमा रद्द करने व हमले के शिकार दूसरे पक्ष की रिपोर्ट दर्ज करने की मांग को लेकर दोपहर 12 बजे सैंकड़ों छात्र कोतवाली कूच किए।
यहां रीढ़गंज-चौक मार्ग जाम कर घेराव-प्रदर्शन और नारेबाजी शुरू हो गई। इस दौरान सिटी मजिस्ट्रेट छोटेलाल मिश्र, सीओ सिटी विक्रांत वीर व नगर कोतवाल अमर सिंह समेत भारी संख्या में पुलिस-पीएसी के जवान मुस्तैद हो गए।
नारेबाजी होता देख अधिकारियों ने समझाया और बात करने के लिए दो छात्र नेताओं को बुलाया। इस दौरान बाहर नारेबाजी उग्र होने पर सीओ सिटी अचानक वार्ता छोड़कर बाहर आए और छात्रों को नारेबाजी बंद कर हटने को कहा।
नहीं मानने पर पुलिसकर्मियों ने लाठी भांजना शुरू कर दिया और देखते ही देखते दौड़ा-दौड़ा कर छात्रों की पिटाई शुरू हो गई।
प्रदर्शन के दौरान पूर्व छात्र संघ अध्यक्ष आलोक सिंह, शहनवाज खान, गौरव सागर आदि ने पुलिस प्रशासन पर आरोप लगाते हुए कहा कि पुलिस राजनीतिक भावना से प्रेरित होकर छात्र नेता शिवेंद्र सिंह व उनके दो साथियों पर फर्जी मुकदमा लगाकर उन्हें व परिवारीजनों को परेशान कर रही है।
उनका कहना था कि पुलिस उनकी एफआरआई तक दर्ज नहीं कर रही है। बाद में अधिवक्ता मार्तंड प्रताप सिंह की अगुवाई में एक प्रतिनिधि मंडल ने एसएसपी को संबोधित एक ज्ञापन भी पुलिस को सौंपा।
शिवेंद्र पर फर्जी रिपोर्ट रद्द करने और पीड़ित विवेक की एफआरआई दर्ज कर उचित कार्रवाई की मांग की। एसएसपी सुभाष सिंह बघेल ने कार्यवाही का आश्वासन दिया। प्रदर्शन में अजय आजाद, विनय प्रकाश सिंह, नागेश प्रताप सिंह, सुजीत विक्रम सिंह, ध्रुवराज सिंह आदि मौजूद रहे।
अभिषेक की शिकायत पर शिवेंद्र सिंह, विवेक सिंह व सिंपल सिंह पर केस दर्ज किया गया है। शिवेंद्र की शिकायत मिली है। जांच की जा रही है। रिपोर्ट आने पर कार्रवाई की जाएगी।
-अमर सिंह, नगर कोतवाल