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अदालत के आदेश की अवमानना में फंसे कोतवाल चिनहट

Fri, 12 Apr 2019 11:47 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Fri, 12 Apr 2019 11:47 PM IST
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अदालत के आदेश की अवमानना में फंसे कोतवाल चिनहट
अयोध्या। हत्या के एक मामले में अदालत में गवाही देने के लिए कोर्ट में उपस्थित न होना कोतवाल चिनहट लखनऊ को महंगा पड़ा। कोर्ट ने मामले को गंभीरता से लेते हुए कार्रवाई के लिए डीजीपी को पत्र लिखा है। कोर्ट में उपस्थित होने तक कोतवाल का वेतन रोकने के लिए एसएसपी लखनऊ व मुख्य कोषाधिकारी लखनऊ को आदेशित किया गया है। कोतवाल पर 500 रुपये जुर्माना भी हुआ है। यह आदेश अपर जिला जज कुशल पाल की अदालत से शुक्रवार को हुआ।
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मामला रौनाही थाना क्षेत्र से जुड़ा हुआ है। एडीजीसी अभय वैश्य ने बताया कि 8 सितंबर 2014 को रौनाही थाना क्षेत्र के लखौरी गांव में सविता सिंह की लाठी-डंडा से पीटकर हत्या कर दी गई थी। इसकी रिपोर्ट रवि सिंह, राम सूरत, राम तीरथ, अरविंद सिंह समेत अन्य के खिलाफ हत्या समेत अन्य धाराओं में लिखाई गई थी।
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इस मामले की विवेचना तत्कालीन रौनाही थानाध्यक्ष सचिन कुमार सिंह ने की थी। वर्तमान में वह लखनऊ जिले के चिनहट कोतवाली में एसएचओ है। उन्हें गवाही के लिए कोर्ट ने कई पेशियों से सम्मन भेजा था। वह कोर्ट में हाजिर नहीं हुए। इस पर कोर्ट ने कोतवाल के खिलाफ धारा 174 आईपीसी व 350 सीआरपीसी का संज्ञान लेते हुए प्रकीर्ण वाद दर्ज किया है और इसमें सुनवाई की अगली पेशी 15 अप्रैल नियत करते हुए कोतवाल को समन भेजा है।
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एसएसपी अयोध्या को मामले में कोतवाल को गिरफ्तार करके अदालत में प्रस्तुत करने का आदेश दिया है। कार्रवाई के लिए पुलिस महानिदेशक उत्तर प्रदेश को भी पत्र लिखा गया है। कोतवाल के ऊपर कोर्ट ने 500 रुपये जुर्माना भी किया है।
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