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दाल में नहीं लगाया तड़का तो एसओ ने फॉलोवर को लात-घूसों से पीटा
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अमरगंज। दाल में तड़का न लगाने पर कोतवाल अशोक कुमार सिंह ने एक फॉलोअर राजितराम को लात-घूंसों से पीट दिया। साथ ही थाना प्रभारी ने नशे में होने का आरोप लगाया और पीएचसी मिल्कीपुर में मेडिकल कराया लेकिन रिपोर्ट में अल्कोहल की पुष्टि नहीं हुई।
इस पर एसओ ने रिपोर्ट फाड़ दी। साथ ही जिंदगी बर्बाद करने की धमकी दी। मामले में आईजी डॉ. संजीव गुप्ता ने एसएसपी से मामले की जांच कराकर कार्रवाई का निर्देश दिया है। उधर, फालोअर को पुलिस लाइन में भेज दिया है।
पीड़ित राजित राम का आरोप है कि 30 दिसंबर की शाम वह पुलिसकर्मियों के लिए भोजन बना रहा था। इसी दौरान शाम 7 बजे थाना प्रभारी ने ड्राइवर को भेजकर अलग से उनकी दाल में तड़का लगाने के लिए कहा।
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उसने कुछ देर में तड़का लगाने को कहा तो, यह बात ड्राइवर ने जाकर थाना प्रभारी को बता दी। इससे नाराज थाना प्रभारी अशोक कुमार सिंह गुस्से में गालियां देते हुए आए और जाति सूचक गालियां दीं। यही नहीं उन्होंने उसका हाथ पकड़कर घसीटकर कार्यालय में ले गए और लात घूसों से मारा-पीटा कहा कि इसके हाथ का कुछ खाने लायक नहीं है। आरोप लगाया कि राजित राम ने शराब पी रखी है। इसके बाद उसे वह प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, मिल्कीपुर ले गए और वहां मेडिकल कराया।
मेडिकल रिपोर्ट में अल्कोहल के सेवन की पुष्टि न होने पर नाराज थाना प्रभारी ने रिपोर्ट फाड़ कर फेंक दी और कहा कि वह जिंदगी बर्बाद कर देंगे। पीड़ित राजित राम का कहना है कि उसने मामले की शिकायत एक जनवरी को वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक और एसपी देहात को दी लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। जिसके चलते अपनी फरियाद लेकर बुधवार को पुलिस महानिरीक्षक के पास पहुंचा है। राजितराम ने बताया कि वह अनुसूचित जाति/जनजाति का है। मामले की शिकायत की कॉपी प्रदेश के अनुसूचित जाति/जनजाति आयोग के अध्यक्ष को भी भेजी है।
उधर, इनायत नगर थाने के प्रभारी अशोक कुमार सिंह का कहना है कि अनुचर राजित राम नशे में हंगामा कर रहा था। मारपीट का आरोप बेबुनियाद है, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाकर उसका मेडिकल परीक्षण कराया गया है। मेडिकल रिपोर्ट की कॉपी अधिकारियों को भेजी गई है। उधर, सीओ राजेश कुमार राय का कहना है कि एसएसपी के आदेश पर जांच की गई तो अनुचर का थाना प्रभारी के प्रति व्यवहार अनुचित व अनुशासनहीनता के दायरे में पाया गया। फॉलोवर राजित राम को वापस पुलिस लाइन भेजा गया।
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इस पर एसओ ने रिपोर्ट फाड़ दी। साथ ही जिंदगी बर्बाद करने की धमकी दी। मामले में आईजी डॉ. संजीव गुप्ता ने एसएसपी से मामले की जांच कराकर कार्रवाई का निर्देश दिया है। उधर, फालोअर को पुलिस लाइन में भेज दिया है।
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पीड़ित राजित राम का आरोप है कि 30 दिसंबर की शाम वह पुलिसकर्मियों के लिए भोजन बना रहा था। इसी दौरान शाम 7 बजे थाना प्रभारी ने ड्राइवर को भेजकर अलग से उनकी दाल में तड़का लगाने के लिए कहा।
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उसने कुछ देर में तड़का लगाने को कहा तो, यह बात ड्राइवर ने जाकर थाना प्रभारी को बता दी। इससे नाराज थाना प्रभारी अशोक कुमार सिंह गुस्से में गालियां देते हुए आए और जाति सूचक गालियां दीं। यही नहीं उन्होंने उसका हाथ पकड़कर घसीटकर कार्यालय में ले गए और लात घूसों से मारा-पीटा कहा कि इसके हाथ का कुछ खाने लायक नहीं है। आरोप लगाया कि राजित राम ने शराब पी रखी है। इसके बाद उसे वह प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, मिल्कीपुर ले गए और वहां मेडिकल कराया।
मेडिकल रिपोर्ट में अल्कोहल के सेवन की पुष्टि न होने पर नाराज थाना प्रभारी ने रिपोर्ट फाड़ कर फेंक दी और कहा कि वह जिंदगी बर्बाद कर देंगे। पीड़ित राजित राम का कहना है कि उसने मामले की शिकायत एक जनवरी को वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक और एसपी देहात को दी लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। जिसके चलते अपनी फरियाद लेकर बुधवार को पुलिस महानिरीक्षक के पास पहुंचा है। राजितराम ने बताया कि वह अनुसूचित जाति/जनजाति का है। मामले की शिकायत की कॉपी प्रदेश के अनुसूचित जाति/जनजाति आयोग के अध्यक्ष को भी भेजी है।
उधर, इनायत नगर थाने के प्रभारी अशोक कुमार सिंह का कहना है कि अनुचर राजित राम नशे में हंगामा कर रहा था। मारपीट का आरोप बेबुनियाद है, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाकर उसका मेडिकल परीक्षण कराया गया है। मेडिकल रिपोर्ट की कॉपी अधिकारियों को भेजी गई है। उधर, सीओ राजेश कुमार राय का कहना है कि एसएसपी के आदेश पर जांच की गई तो अनुचर का थाना प्रभारी के प्रति व्यवहार अनुचित व अनुशासनहीनता के दायरे में पाया गया। फॉलोवर राजित राम को वापस पुलिस लाइन भेजा गया।