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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Ayodhya News ›   CMO involved in irregularity

अनियमितता में फंसे सीएमओ

Sat, 03 Oct 2015 10:24 PM IST
फैजाबाद/अमर उजाला ब्यूरो
फैजाबाद/अमर उजाला ब्यूरो Updated Sat, 03 Oct 2015 10:24 PM IST
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दर्शननगर स्थित सौ बेड के अस्पताल में सेवा प्रदाता कंपनी के चयन और कर्मचारियों की तैनाती में बड़े पैमाने पर अनियमितता बरती गई। चहेतों की तैनाती के लिए सीएमओ ने सारे नियम-कानून दरकिनार कर दिए।
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अपर निदेशक चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण ने इससे संबंधित अपनी जांच रिपोर्ट प्रमुख सचिव स्वास्थ्य, स्वास्थ्य महानिदेेशक और जिलाधिकारी को भेज दी है।
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इस जांच रिपोर्ट में सेवा प्रदाता कंपनी के चयन से लेकर कर्मचारियों की नियुक्ति में कदम-कदम पर अनियमितता की पुष्टि हुई है।

सीएमओ कार्यालय में डिस्पैच के अलावा किसी भी कर्मचारी ने नियुक्ति के बारे में कुछ भी जानकारी होने से इंकार किया है। ऐसे में सवाल है कि सेवा प्रदाता कंपनी के चयन व कर्मचारियों की तैनाती में इतनी जल्दबाजी क्यों?
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मुख्य चिकित्साधिकारी ने नियम-कानून को ताख पर रखकर सेवा प्रदाता कंपनी का चयन और कर्मचारियों की नियुक्ति में दस्तावेजों में हेराफेरी की।

सीएमओ ने स्वास्थ्य विभाग के उच्चाधिकारियों और जिलाधिकारी को भी नियुक्ति में मामले में भनक नहीं लगने दी।

सेवा प्रदाता कंपनी के चयन के लिए 21 सितंबर को विज्ञापन निकाला गया और 23 सितंबर से टेंडर की बिक्री की होनी थी। मगर ये सब कुछ अखबार में दिखाने के लिए छपवाया गया।

सीएमओ डॉ. राधेश्याम यादव ने अपर निदेशक को जो दस्तावेज सौंपे, उसमें दस सितंबर को ही सेवा प्रदाता कंपनी बलरामपुर की संस्था अखंड ज्योति का चयन करने की बात कही है और 21 सितंबर को सेवा प्रदाता कंपनी के कर्मचारियों को जॉइनिंग भी करा दी गई।

हालांकि चयन कमेटी में जिन चिकित्सकों को रखा गया था, उन चिकित्सकों ने 25 से 27 सितंबर के बीच दस्तावेजों पर हस्ताक्षर किए हैं।

सीएमओ की इस कारस्तानी का पता चला जब कर्मचारी दर्शननगर स्थित सौ बेड के अस्पताल में ड्यूटी करने पहुंचे और वहां के सीएमएस डॉ. आरके मिश्र पर इन कर्मचारियों ने जॉइनिंग कराने का दबाव बनाया।

इस बारे में अपर निदेशक डॉ. एचएन तिवारी का कहना है कि यदि दस सितंबर को ही सेवा प्रदाता कंपनी का चयन कर लिया गया था तो विज्ञापन किस तिथि में निकाला गया?

 सेवा प्रदाता कंपनी का चयन, कर्मचारियों की नियुक्ति व जॉइनिंग तक का कार्य जब 21 सितंबर तक पूरा हो गया था तो नियुक्ति से जुड़े दस्तावेज दर्शननगर अस्पताल या सीएमओ कार्यालय में उपलब्ध क्यों नहीं हैं।


इसके लिए किस लिपिक को जिम्मेदारी सौंपी गई थी? ये कुछ ऐसे प्रश्न हैं, जिनका जवाब सीएमओ के पास नहीं है।

 अपर निदेशक ने बताया कि जांच से जुड़े सारे दस्तावेज जिलाधिकारी, स्वास्थ्य महानिदेशक व प्रमुख सचिव स्वास्थ्य को सौंप दिए हैं। उच्चाधिकारी जो निर्देश देंगे, उसी के अनुरूप अग्रिम कार्रवाई की जाएगी।
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