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सीएम ने किया रामायण कॉन्क्लेव का समापन
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अयोध्या-रामकथा पार्क में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को कोदंड राम की प्रति?
- फोटो : FAIZABAD
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अयोध्या। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा 29 अगस्त को राष्ट्रपति द्वारा अयोध्या में ही शुरू किए गए रामायण कॉन्क्लेव का समापन रविवार को किया गया। रामायण कॉन्क्लेव का आयोजन प्रदेश के 16 जिलों में किया गया था।
समापन अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि राम जन-जन के हैं। हम सभी की आस्था के प्रतीक हैं। हरि अनंत, हरि कथा अनंता की भावना से ही रामायण कॉन्क्लेव का शुभारंभ किया था।
16 स्थलों पर इसका आयोजन हुआ। इसके बाद इसको दीपोत्सव कार्यक्रम से जोड़ा गया। उन्होंने कहा कि लोक भाषा, लोक परंपरा में भगवान श्रीराम को किस तरह लिपिबद्ध किया जा सके इसको लेकर योजना बनी है।
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नई पीढ़ी तक राम का चरित्र पहुंचे, घर-घर तक राम की गाथा पहुंचे इस लिए रामायण कॉन्क्लेव का आयोजन किया गया था। यह प्रदेश के 16 जनपदों में विभिन्न थीमों पर आधारित रहा।
मुख्यमंत्री द्वारा अयोध्या शोध संस्थान द्वारा प्रकाशित पुस्तक भारत की भाषाओं में राम का विमोचन भी किया गया। इससे पूर्व मुख्यमंत्री सबसे पहले श्रीराम जन्मभूमि गए। उसके बाद वे अशर्फी भवन पहुंचे।
जहां जगद्गुरु श्रीधराचार्य से आशीर्वाद लिया और यहां आयोजित कथा महोत्सव में भी शामिल हुए। प्रदेश सरकार के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री नीलकंठ तिवारी ने रामायण कॉन्क्लेव के बारे में विस्तृत रूप से अवगत कराते हुए बताया कि अयोध्या से प्रारंभ हुई यह सांस्कृतिक एवं बौद्धिक यात्रा गोरखपुर, बलिया, वाराणसी, विंध्याचल, चित्रकूट, ललितपुर, श्रृंगवेरपुर, बिठूर, बिजनौर, बरेली, गाजियाबाद, मथुरा, गढ़मुक्तेश्वर, सहारनपुर व लखनऊ से होते हुये वापस अयोध्या की पावन धरती पर इसका आज समापन हो रहा है।
रामायण कॉन्क्लेव के इस आयोजन में लगभग दो हजार कलाकारों, सैकड़ों साहित्यकारों/मानस मर्मज्ञों एवं कवियों ने रामकथा के विभिन्न पहलुओं पर सांस्कृतिक प्रस्तुतियों, संगोष्ठी/परिचर्चा एवं कवि सम्मेलन आदि में प्रतिभाग किया।
इस दौरान वाराणसी के कलाकारों ने सांस्कृतिक कार्यक्रम भी प्रस्तुत किया। प्रख्यात लोक गायिका पद्मश्री मालिनी अवस्थी द्वारा संपादित जन-जन के राम गीत भी आकर्षण का केंद्र रहा।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रामकथा पार्क में मौजूद संतों को सम्मानित किया। इस अवसर पर दशरथमहल बड़ास्थान के महंत बिंदुगाद्याचार्य, स्वामी देवेंद्रप्रसादाचार्य, जगद्गुरु वासुदेवाचार्य, जगद्गुरु श्रीरामदिनेशाचार्य, महंत वैदेही वल्लभ शरण, महंत सुरेश दास, महंत धर्मदास, महंत डॉ.रामानंद दास, महंत मैथिलीरमण शरण, महंत करुणानिधान शरण, महंत गौरीशंकर दास, महंत रामदास नाका हनुमानगढ़ी, अधिकारी राजकुमार दास, ज्ञानी गुरुजीत सिंह, महंत शशिकांत दास, महंत मनीष दास, राजूदास आदि संतों को मुख्यमंत्री द्वारा सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम में सांसद लल्लू सिंह, नगर विधायक वेदप्रकाश गुप्ता, महापौर ऋषिकेश उपाध्याय सहित अपर मुख्य सचिव सूचना डॉ. नवनीत सहगल, अपर मुख्य सचिव गृह अवनीश कुमार अवस्थी, अपर पुलिस महानिदेशक एसएन सावंत, प्रमुख सचिव पर्यटन एवं संस्कृति मुकेश कुमार मेश्राम, मंडलायुक्त एमपी अग्रवाल, पुलिस महानिरीक्षक कविन्द्र प्रताप सिंह समेत सभी प्रशासनिक अधिकारी आदि मौजूद रहे।
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समापन अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि राम जन-जन के हैं। हम सभी की आस्था के प्रतीक हैं। हरि अनंत, हरि कथा अनंता की भावना से ही रामायण कॉन्क्लेव का शुभारंभ किया था।
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16 स्थलों पर इसका आयोजन हुआ। इसके बाद इसको दीपोत्सव कार्यक्रम से जोड़ा गया। उन्होंने कहा कि लोक भाषा, लोक परंपरा में भगवान श्रीराम को किस तरह लिपिबद्ध किया जा सके इसको लेकर योजना बनी है।
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नई पीढ़ी तक राम का चरित्र पहुंचे, घर-घर तक राम की गाथा पहुंचे इस लिए रामायण कॉन्क्लेव का आयोजन किया गया था। यह प्रदेश के 16 जनपदों में विभिन्न थीमों पर आधारित रहा।
मुख्यमंत्री द्वारा अयोध्या शोध संस्थान द्वारा प्रकाशित पुस्तक भारत की भाषाओं में राम का विमोचन भी किया गया। इससे पूर्व मुख्यमंत्री सबसे पहले श्रीराम जन्मभूमि गए। उसके बाद वे अशर्फी भवन पहुंचे।
जहां जगद्गुरु श्रीधराचार्य से आशीर्वाद लिया और यहां आयोजित कथा महोत्सव में भी शामिल हुए। प्रदेश सरकार के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री नीलकंठ तिवारी ने रामायण कॉन्क्लेव के बारे में विस्तृत रूप से अवगत कराते हुए बताया कि अयोध्या से प्रारंभ हुई यह सांस्कृतिक एवं बौद्धिक यात्रा गोरखपुर, बलिया, वाराणसी, विंध्याचल, चित्रकूट, ललितपुर, श्रृंगवेरपुर, बिठूर, बिजनौर, बरेली, गाजियाबाद, मथुरा, गढ़मुक्तेश्वर, सहारनपुर व लखनऊ से होते हुये वापस अयोध्या की पावन धरती पर इसका आज समापन हो रहा है।
रामायण कॉन्क्लेव के इस आयोजन में लगभग दो हजार कलाकारों, सैकड़ों साहित्यकारों/मानस मर्मज्ञों एवं कवियों ने रामकथा के विभिन्न पहलुओं पर सांस्कृतिक प्रस्तुतियों, संगोष्ठी/परिचर्चा एवं कवि सम्मेलन आदि में प्रतिभाग किया।
इस दौरान वाराणसी के कलाकारों ने सांस्कृतिक कार्यक्रम भी प्रस्तुत किया। प्रख्यात लोक गायिका पद्मश्री मालिनी अवस्थी द्वारा संपादित जन-जन के राम गीत भी आकर्षण का केंद्र रहा।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रामकथा पार्क में मौजूद संतों को सम्मानित किया। इस अवसर पर दशरथमहल बड़ास्थान के महंत बिंदुगाद्याचार्य, स्वामी देवेंद्रप्रसादाचार्य, जगद्गुरु वासुदेवाचार्य, जगद्गुरु श्रीरामदिनेशाचार्य, महंत वैदेही वल्लभ शरण, महंत सुरेश दास, महंत धर्मदास, महंत डॉ.रामानंद दास, महंत मैथिलीरमण शरण, महंत करुणानिधान शरण, महंत गौरीशंकर दास, महंत रामदास नाका हनुमानगढ़ी, अधिकारी राजकुमार दास, ज्ञानी गुरुजीत सिंह, महंत शशिकांत दास, महंत मनीष दास, राजूदास आदि संतों को मुख्यमंत्री द्वारा सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम में सांसद लल्लू सिंह, नगर विधायक वेदप्रकाश गुप्ता, महापौर ऋषिकेश उपाध्याय सहित अपर मुख्य सचिव सूचना डॉ. नवनीत सहगल, अपर मुख्य सचिव गृह अवनीश कुमार अवस्थी, अपर पुलिस महानिदेशक एसएन सावंत, प्रमुख सचिव पर्यटन एवं संस्कृति मुकेश कुमार मेश्राम, मंडलायुक्त एमपी अग्रवाल, पुलिस महानिरीक्षक कविन्द्र प्रताप सिंह समेत सभी प्रशासनिक अधिकारी आदि मौजूद रहे।