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लापरवाही पर जिला अस्पताल को क्लीनचिट
अमर उजाला ब्यूरो/फैजाबाद
Updated Tue, 13 Sep 2016 12:07 AM IST
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जिला अस्पताल का निरीक्षण करते वन राज्यमंत्री।
- फोटो : अमर उजाला
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जिला अस्पताल में इलाज की लापरवाही से रविवार रात हुई मौतोें को लेकर क्लीनचिट दे गई है। सोमवार को अपर निदेशक स्वास्थ्य की जांच में सिलेंडर ऑक्सीजन भरे हुए पाए गए। रिपोर्ट में कहा गया है कि मरीजों को बचाने की कोशिश हुई मगर सफलता नहीं मिली।
जबकि परिवारीजनों ने सिलेंडर में ऑक्सीजन न होने की बात कह डॉक्टरों व स्टाफ से अभद्र व्यवहार व मारपीट की। जिला अस्पताल में रविवार की देर रात रामादेवी निवासी गोंडा की इलाज के दौरान मौत पर परिवारीजनों ने हंगामा किया। घर वालों का कहना था कि ऑक्सीजन सिलेंडर गलत तरीके से लगाया गया था।
सोमवार को अपर निदेशक आरके राय की मौजूदगी में सिलेंडर की जांच हुई। सीसीटीवी फुटेज भी देखे गए, जिसमें सिलेंडर सही तरीके से लगाया हुआ पाया गया। प्रमुख अधीक्षक डॉ. हरिओम श्रीवास्तव ने बताया कि रामादेवी की दोनों किडनी फेल हो गई है।
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डॉ. आरपी राय मरीज का इलाज कर रहे थे। इसके अलावा मो. मोइन और घनश्याम दोनों निवासी अंबेडकरनगर को जिला अस्पताल अंबेडकरनगर से लखनऊ रेफर किया गया था, लेकिन परिवारीजनों ने फैजाबाद में भर्ती कराया। जहां दोनों मरीज बेहोशी की हालत में लाए गए थे। इमरजेंसी में डॉ. रामकिशोर मरीजों का इलाज कर ही रहे थे कि उनकी मौत हो गई।
अपर निदेशक ने बताया कि जांच में किसी मरीज के साथ लापरवाही नहीं मिली। बीएसटी में जो दवाएं लिखी गई थी है उसमें किसी प्रकार की गड़बड़ी नहीं है। कोतवाल अरुण राय ने कहा कि किसी पक्ष ने तहरीर नहीं दी है, इस कारण कोई केस दर्ज नहीं हुआ है। परिवारीजन शव ले जा चुके हैं।
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जबकि परिवारीजनों ने सिलेंडर में ऑक्सीजन न होने की बात कह डॉक्टरों व स्टाफ से अभद्र व्यवहार व मारपीट की। जिला अस्पताल में रविवार की देर रात रामादेवी निवासी गोंडा की इलाज के दौरान मौत पर परिवारीजनों ने हंगामा किया। घर वालों का कहना था कि ऑक्सीजन सिलेंडर गलत तरीके से लगाया गया था।
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सोमवार को अपर निदेशक आरके राय की मौजूदगी में सिलेंडर की जांच हुई। सीसीटीवी फुटेज भी देखे गए, जिसमें सिलेंडर सही तरीके से लगाया हुआ पाया गया। प्रमुख अधीक्षक डॉ. हरिओम श्रीवास्तव ने बताया कि रामादेवी की दोनों किडनी फेल हो गई है।
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डॉ. आरपी राय मरीज का इलाज कर रहे थे। इसके अलावा मो. मोइन और घनश्याम दोनों निवासी अंबेडकरनगर को जिला अस्पताल अंबेडकरनगर से लखनऊ रेफर किया गया था, लेकिन परिवारीजनों ने फैजाबाद में भर्ती कराया। जहां दोनों मरीज बेहोशी की हालत में लाए गए थे। इमरजेंसी में डॉ. रामकिशोर मरीजों का इलाज कर ही रहे थे कि उनकी मौत हो गई।
अपर निदेशक ने बताया कि जांच में किसी मरीज के साथ लापरवाही नहीं मिली। बीएसटी में जो दवाएं लिखी गई थी है उसमें किसी प्रकार की गड़बड़ी नहीं है। कोतवाल अरुण राय ने कहा कि किसी पक्ष ने तहरीर नहीं दी है, इस कारण कोई केस दर्ज नहीं हुआ है। परिवारीजन शव ले जा चुके हैं।