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रामलला के दरबार में योगी: अयोध्या को आध्यात्मिक सिटी के रूप में नई ऊंचाइयों तक पहुंचाएंगें-योगी
Thu, 04 Nov 2021 10:35 PM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला नेटवर्क, अयोध्या
अमर उजाला नेटवर्क, अयोध्या
Published by: शाहरुख खान
Updated Thu, 04 Nov 2021 10:35 PM IST
सार
सीएम योगी ने कहा कि अयोध्या को आध्यात्मिक सिटी के रूप में नई ऊंचाईयों तक पहुंचाएंगे। इसके लिए सामूहिक प्रयास की आवश्यकता है। दीपोत्सव के कार्यक्रम को आप सभी ने मिलकर एक नई ऊंचाई पर पहुंचाया है। करोड़ों लोग आज दीपोत्सव के साक्षी बने हैं।
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अयोध्या में सीएम योगी
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
दीपोत्सव कार्यक्रम के दूसरे दिन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ गुरुवार की सुबह 8:10 बजे हनुमानगढ़ी पहुंचे। उन्होंने हनुमंत लला के दरबार में हाजिरी लगाई और पूजन अर्चन किया। इसके बाद सीएम योगी ने रामलला के दरबार पहुंचकर रामलला की पूजा-अर्चना की और राममंदिर निर्माण कार्य भी देखा।
उन्होंने बड़ा भक्तमाल जाकर वयोवृद्ध महंत कौशल किशोर दास से भी आशीर्वाद लिया उनका कुशल क्षेम पूछा। श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत नृत्यगोपाल दास से भी आर्शीवाद लिया।
इसके बाद सीएम योगी कारसेवकपुरम पहुंचे। कारसेवकपुरम में संतों से मुलाकात के दौरान सीएम योगी ने कहा कि अयोध्या को आध्यात्मिक सिटी के रूप में नई ऊंचाईयों तक पहुंचाएंगे। इसके लिए सामूहिक प्रयास की आवश्यकता है।
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उन्होंने कहा कि दीपोत्सव के कार्यक्रम को आप सभी ने मिलकर एक नई ऊंचाई पर पहुंचाया है। करोड़ों लोग आज दीपोत्सव के साक्षी बने हैं। दुनिया के अंदर दीपोत्सव की पहचान बनी है। अयोध्या को आध्यात्मिक सिटी के रूप में एक नई ऊंचाईयों तक पहुंचाने का एक सामूहिक प्रयास किया जाना चाहिए।
अयोध्या के भौतिक, धार्मिक व आध्यात्मिक विकास को लेकर हमें आगे बढ़ना होगा। हिंदू धर्म के साथ पवित्र पुरियों में एक अयोध्या को स्थापित करने की तैयारी चल रही है। उत्तर प्रदेश में सात सौ स्थानों को तीर्थस्थल के रूप में विकसित करने में सफलता प्राप्त हुई है। सरकार तीर्थस्थलों के विकास के लिए कृत संकल्पित है।
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उन्होंने बड़ा भक्तमाल जाकर वयोवृद्ध महंत कौशल किशोर दास से भी आशीर्वाद लिया उनका कुशल क्षेम पूछा। श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत नृत्यगोपाल दास से भी आर्शीवाद लिया।
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इसके बाद सीएम योगी कारसेवकपुरम पहुंचे। कारसेवकपुरम में संतों से मुलाकात के दौरान सीएम योगी ने कहा कि अयोध्या को आध्यात्मिक सिटी के रूप में नई ऊंचाईयों तक पहुंचाएंगे। इसके लिए सामूहिक प्रयास की आवश्यकता है।
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उन्होंने कहा कि दीपोत्सव के कार्यक्रम को आप सभी ने मिलकर एक नई ऊंचाई पर पहुंचाया है। करोड़ों लोग आज दीपोत्सव के साक्षी बने हैं। दुनिया के अंदर दीपोत्सव की पहचान बनी है। अयोध्या को आध्यात्मिक सिटी के रूप में एक नई ऊंचाईयों तक पहुंचाने का एक सामूहिक प्रयास किया जाना चाहिए।
अयोध्या के भौतिक, धार्मिक व आध्यात्मिक विकास को लेकर हमें आगे बढ़ना होगा। हिंदू धर्म के साथ पवित्र पुरियों में एक अयोध्या को स्थापित करने की तैयारी चल रही है। उत्तर प्रदेश में सात सौ स्थानों को तीर्थस्थल के रूप में विकसित करने में सफलता प्राप्त हुई है। सरकार तीर्थस्थलों के विकास के लिए कृत संकल्पित है।
सीएम योगी ने राममंदिर आंदोलन का जिक्र करते हुए कहा कि विश्व हिंदू परिषद के नेतृत्व में जो आंदोलन प्रारंभ हुआ था, संकल्प की सिद्धि कभी होगा यह सभी सोचते थे। आपने देखा तीसरे ही वर्ष 2019 में जो समस्या असंभव हो गई थी वह संभव हो पाई।
आपको याद होगा आज से 25-30 साल पहले जो लोग इस आंदोलन को बदनाम करते थे, गोलियां चलाते थे, आज वे सभी अयोध्या आकर नतमस्तक हैं। मंदिर आंदोलन के नायक अशोक सिंघल को याद करते हुए सीएम योगी ने कहा कि उन्होंने मंदिर आंदोलन को जिस ऊंचाई तक पहुंचाया, उनके त्याग को कारसेवकों के बलिदान को कभी विस्मृत नहीं करना है।
छद्म वेष धारियों को चिन्हित करके अयोध्या के विकास में बाधक नहीं बनने देना है। कारसेवकपुरम में श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय, ट्रस्टी डॉ.अनिल मिश्र सहित रामनगरी के संत-धर्माचार्य उपस्थित रहे।
आपको याद होगा आज से 25-30 साल पहले जो लोग इस आंदोलन को बदनाम करते थे, गोलियां चलाते थे, आज वे सभी अयोध्या आकर नतमस्तक हैं। मंदिर आंदोलन के नायक अशोक सिंघल को याद करते हुए सीएम योगी ने कहा कि उन्होंने मंदिर आंदोलन को जिस ऊंचाई तक पहुंचाया, उनके त्याग को कारसेवकों के बलिदान को कभी विस्मृत नहीं करना है।
छद्म वेष धारियों को चिन्हित करके अयोध्या के विकास में बाधक नहीं बनने देना है। कारसेवकपुरम में श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय, ट्रस्टी डॉ.अनिल मिश्र सहित रामनगरी के संत-धर्माचार्य उपस्थित रहे।