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छात्रों के फर्जी पंजीकरण्ा का मामला पकड़ा
फैजाबाद/अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 18 Feb 2016 11:23 PM IST
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उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद की हाईस्कूल व इंटरमीडिएट परीक्षा के पहले ही दिन अव्यवस्था के साथ गड़बड़ी की पोल खुलने लगी। प्रथमदृष्टया फर्जी रजिस्ट्रेशन के आरोप में दो विद्यालयों के खिलाफ जांच का आदेश दिया गया।
जिले में लगभग 40 फीसदी कक्ष निरीक्षक केंद्रों पर नहीं पहुंचे। इनको रिलीव न करने वाले प्रधानाचार्यों पर कार्रवाई हो सकती है। तीन अन्य परीक्षा केंद्रों के केंद्र व्यवस्थापकों को चेतावनी पत्र जारी किया गया है। सूचना के लिए परिषद से बनाई गई पूरी संचार व्यवस्था ही ध्वस्त हो गई है।
बोर्ड परीक्षा के पहले दिन दो जगह प्रथमदृष्टया छात्रों के फर्जी रजिस्ट्रेशन का मामला सामने आया है। जिला विद्यालय निरीक्षक के सचल दल की टीम ने जांच में दो विद्यालयों में यह मामला पकड़ा। बताया गया है कि देशदीपक आदर्श इंटर कॉलेज तेंदुआमाफी बीकापुर में राजमाधव इंटर कॉलेज जलालपुरमाफी के संस्थागत बच्चों का परीक्षा केंद्र है।
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देशदीपक में परीक्षा दे रहे परीक्षार्थियों की पड़ताल में पता चला कि परीक्षा दे रहे बच्चे राजमाधव के न होकर कहीं और से पढ़े हैं। उनका फर्जी रजिस्ट्रेशन राजमाधव कॉलेज में किया गया। इसकी जांच के लिए जीआईसी के उपप्रधानाचार्य रमेशचंद्र को जांच अधिकारी नियुक्त कर दिया गया है।
इसी तरह का मामला रामस्वरूप सिंह इंटर कॉलेज स्वयंबरनगर दलपतपुर में पकड़ में आया है। इस परीक्षा केंद्र पर दीनदयाल इंटर कॉलेज के संस्थागत परीक्षार्थियों का केंद्र है। पड़ताल में पाया गया कि परीक्षा दे रहे बच्चे दीनदयाल इंटर कॉलेज में पढ़े नहीं है। इनका फर्जी रजिस्ट्रेशन किया गया।
इस मामले की जांच के लिए राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय के प्रधानाध्यापक अशोक कुमार को जांच अधिकारी नियुक्त किया गया है। डीआईओएस राजेंद्र कुमार पांडेय ने दो विद्यालयों में छात्रों के फर्जी रजिस्ट्रेशन का मामला पकड़े जाने की पुष्टि की है। बताया कि मामले की जांच का आदेश दिया गया है।
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जिले में लगभग 40 फीसदी कक्ष निरीक्षक केंद्रों पर नहीं पहुंचे। इनको रिलीव न करने वाले प्रधानाचार्यों पर कार्रवाई हो सकती है। तीन अन्य परीक्षा केंद्रों के केंद्र व्यवस्थापकों को चेतावनी पत्र जारी किया गया है। सूचना के लिए परिषद से बनाई गई पूरी संचार व्यवस्था ही ध्वस्त हो गई है।
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बोर्ड परीक्षा के पहले दिन दो जगह प्रथमदृष्टया छात्रों के फर्जी रजिस्ट्रेशन का मामला सामने आया है। जिला विद्यालय निरीक्षक के सचल दल की टीम ने जांच में दो विद्यालयों में यह मामला पकड़ा। बताया गया है कि देशदीपक आदर्श इंटर कॉलेज तेंदुआमाफी बीकापुर में राजमाधव इंटर कॉलेज जलालपुरमाफी के संस्थागत बच्चों का परीक्षा केंद्र है।
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देशदीपक में परीक्षा दे रहे परीक्षार्थियों की पड़ताल में पता चला कि परीक्षा दे रहे बच्चे राजमाधव के न होकर कहीं और से पढ़े हैं। उनका फर्जी रजिस्ट्रेशन राजमाधव कॉलेज में किया गया। इसकी जांच के लिए जीआईसी के उपप्रधानाचार्य रमेशचंद्र को जांच अधिकारी नियुक्त कर दिया गया है।
इसी तरह का मामला रामस्वरूप सिंह इंटर कॉलेज स्वयंबरनगर दलपतपुर में पकड़ में आया है। इस परीक्षा केंद्र पर दीनदयाल इंटर कॉलेज के संस्थागत परीक्षार्थियों का केंद्र है। पड़ताल में पाया गया कि परीक्षा दे रहे बच्चे दीनदयाल इंटर कॉलेज में पढ़े नहीं है। इनका फर्जी रजिस्ट्रेशन किया गया।
इस मामले की जांच के लिए राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय के प्रधानाध्यापक अशोक कुमार को जांच अधिकारी नियुक्त किया गया है। डीआईओएस राजेंद्र कुमार पांडेय ने दो विद्यालयों में छात्रों के फर्जी रजिस्ट्रेशन का मामला पकड़े जाने की पुष्टि की है। बताया कि मामले की जांच का आदेश दिया गया है।