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Ayodhya News: 36 लाख रुपये हड़पने के मास्टर माइंड की जमानत अर्जी निरस्त
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- साइबर अपराध के मामले में पहले से ही कानपुर जेल में है बंद
संवाद न्यूज एजेंसी
अयोध्या। साइबर क्राइम के मास्टर माइंड रोहित कुमार की जमानत अर्जी को प्रभारी जनपद सत्र न्यायाधीश अशोक कुमार दुबे ने गुरुवार को सुनवाई के बाद निरस्त कर दिया।
अभियोजन पक्ष से प्रभारी शासकीय अधिवक्ता अभय वैश्य ने बताया कि जनपद अमेठी निवासी वादी सूर्य बहादुर सिंह के मोबाइल पर राहुल श्रीवास्तव नामक व्यक्ति ने खुद को रिलायंस कंपनी का वरिष्ठ कर्मचारी बताते हुए शेयर मार्केट में निवेश करने के लिए बात किया। अनिकेत भारद्वाज को अपना अधिकारी बताते हुए फोन पर बात भी कराई। यह भी बताया कि सात रुपये 20 पैसे की दर से निवेश करने पर 84 रुपये 20 पैसे का लाभ मिलेगा। इसकी गारंटी के लिए दक्ष मेहता नामक व्यक्ति से बात कराई।
बहकावे में आकर वादी व उनकी पत्नी ने राहुल की ओर से बताए गए कई बैंकों के खातों में 36 लाख 20 हजार 859 रुपये जमा कर दिए। दो माह बाद भी पैसा नहीं मिला तो फोन करने पर उन्हे ठगी का शिकार होने का अहसास हुआ। वादी की तहरीर पर अयोध्या के साइबर क्राइम थाना में 12 सितंबर को धोखाधड़ी सहित साइबर अपराध की धाराओं में आरोपी राहुल श्रीवास्तव, संजीव गुग्गल, अनिकेत व दक्ष मेहता के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ।
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विवेचना के दौरान ठगी का पैसा जमा कराये गए खाते की जांच में अमित कर्दम नामक व्यक्ति के पकड़े जाने पर उसने रोहित को मास्टर माइंड बताया। यह भी कहा कि कमीशन पर खाता खुलवाकर इनका संचालन रोहित ही करता है। आरोपी रोहित साइबर अपराध के आरोप में कानपुर जेल में पहले से ही बंद था। मुकदमे के सह आरोपियों की पहले ही जमानत खारिज हो चुकी है। प्रकरण गंभीर आर्थिक अपराध, धोखाधड़ी व साइबर क्राइम का पाते हुए प्रभारी जनपद सत्र न्यायाधीश ने जमानत प्रार्थना पत्र निरस्त कर दिया।
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संवाद न्यूज एजेंसी
अयोध्या। साइबर क्राइम के मास्टर माइंड रोहित कुमार की जमानत अर्जी को प्रभारी जनपद सत्र न्यायाधीश अशोक कुमार दुबे ने गुरुवार को सुनवाई के बाद निरस्त कर दिया।
अभियोजन पक्ष से प्रभारी शासकीय अधिवक्ता अभय वैश्य ने बताया कि जनपद अमेठी निवासी वादी सूर्य बहादुर सिंह के मोबाइल पर राहुल श्रीवास्तव नामक व्यक्ति ने खुद को रिलायंस कंपनी का वरिष्ठ कर्मचारी बताते हुए शेयर मार्केट में निवेश करने के लिए बात किया। अनिकेत भारद्वाज को अपना अधिकारी बताते हुए फोन पर बात भी कराई। यह भी बताया कि सात रुपये 20 पैसे की दर से निवेश करने पर 84 रुपये 20 पैसे का लाभ मिलेगा। इसकी गारंटी के लिए दक्ष मेहता नामक व्यक्ति से बात कराई।
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बहकावे में आकर वादी व उनकी पत्नी ने राहुल की ओर से बताए गए कई बैंकों के खातों में 36 लाख 20 हजार 859 रुपये जमा कर दिए। दो माह बाद भी पैसा नहीं मिला तो फोन करने पर उन्हे ठगी का शिकार होने का अहसास हुआ। वादी की तहरीर पर अयोध्या के साइबर क्राइम थाना में 12 सितंबर को धोखाधड़ी सहित साइबर अपराध की धाराओं में आरोपी राहुल श्रीवास्तव, संजीव गुग्गल, अनिकेत व दक्ष मेहता के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ।
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विवेचना के दौरान ठगी का पैसा जमा कराये गए खाते की जांच में अमित कर्दम नामक व्यक्ति के पकड़े जाने पर उसने रोहित को मास्टर माइंड बताया। यह भी कहा कि कमीशन पर खाता खुलवाकर इनका संचालन रोहित ही करता है। आरोपी रोहित साइबर अपराध के आरोप में कानपुर जेल में पहले से ही बंद था। मुकदमे के सह आरोपियों की पहले ही जमानत खारिज हो चुकी है। प्रकरण गंभीर आर्थिक अपराध, धोखाधड़ी व साइबर क्राइम का पाते हुए प्रभारी जनपद सत्र न्यायाधीश ने जमानत प्रार्थना पत्र निरस्त कर दिया।