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Cleanliness Survey 2022: अयोध्या बना प्रदेश का 11वां और देश का 120वां साफ शहर
Sun, 02 Oct 2022 01:20 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
माई सिटी रिपोर्टर, अमर उजाला, अयोध्या
माई सिटी रिपोर्टर, अमर उजाला, अयोध्या
Published by: लखनऊ ब्यूरो
Updated Sun, 02 Oct 2022 01:20 PM IST
सार
स्वच्छता सर्वेक्षण में अयोध्या शहर को प्रदेश में 11वां स्थान मिला है। पिछली बार इसी सूची में शहर को 13वां स्थान मिला था।
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अयोध्या राम नगरी का दृश्य
- फोटो : FAIZABAD
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विस्तार
स्वच्छता सर्वेक्षण 2022 में नगर निगम अयोध्या ने लंबी छलांग लगाई है। स्वच्छ सर्वेक्षण-2022 में अयोध्या को स्वच्छता के मामले में प्रदेश में 11 वां स्थान मिला है,, जबकि देश में 120 वां स्थान मिला है। देश और प्रदेश दोनों में अयोध्या की रैकिंग बढ़ी है।
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बता दें कि स्वच्छ सर्वेक्षण 2021 में अयोध्या नगर निगम को राष्ट्रीय रैंकिंग में 134वां स्थान मिला था और प्रदेश में स्वच्छता के मामले में यह 13 वां शहर था। अयोध्या ने देश के 4320 शहरों में यह स्थान हासिल किया था। स्वच्छ सर्वेक्षण 2020 में अयोध्या को राष्ट्रीय सूची में 97वां स्थान मिला था। अयोध्या नगर निगम क्षेत्र में लगभग साढ़े चार लाख की आबादी है। कई दिन तक चलने वाले चार प्रांतीय मेले हैं।
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नगर निगम का क्षेत्र ओडीएफ घोषित हो चुका है। नगर निगम क्षेत्र में सूखे व गीले कचरे को अलग करने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। पिछले लगभग तीन साल से डोर-टू-डोर कचरा एकत्र करने का भी काम चल रहा है, लेकिन डंपिंग सेंटरों से कचरा उठने में तेजी नहीं है।
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यहां की सबसे बड़ी समस्या प्रतिदिन निकलने वाला लगभग सवा सौ टन कचरा है। अब तक इस कचरे को वैज्ञानिक विधि से उपचारित करने के लिए वेस्टेज ट्रीटमेंट प्लांट नहीं लग सका है। इसके लिए सोहावल तहसील क्षेत्र के पिरखौली में लगभग 12 एकड़ भूमि चिह्नित की गई थी, लेकिन इसके बाद कार्रवाई सतह पर नहीं आई। इसने अयोध्या की रैंकिंग को पीछे जरूर ढकेला है।
अलबत्ता आधा दर्जन से ज्यादा बड़े डंपिंग सेंटर बनाए गए हैं। यहां मैकेनाइज्ड स्वीपिंग का काम भी शुरू कर दिया गया है। निगम क्षेत्र की साफ-सफाई का जिम्मा आउटसोर्स कंपनी को सौंपा जा चुका है, लेकिन इसके बावजूद कई बार शहर स्वच्छ नहीं दिखाई देता है।
अयोध्या में सामुदायिक शौचालयों की संख्या बढ़ी है। यह चार दर्जन तक पहुंच गए हैं, लेकिन यहां आने वाली भीड़ के लिहाज से पर्याप्त नहीं कहे जा सकते हैं। नगर निगम क्षेत्र पहले से खुले में शौच से मुक्त है। प्रत्येक घर में शौचालय का निर्माण हो चुका है। बावजूद इसके सफाई व्यवस्था उतनी बेहतर नहीं हो पाई, जैसी देश व प्रदेश की टाप रैकिंग के लिए जरूरी होता है।
एक बड़ा कारण निगम क्षेत्र का सीमा विस्तार भी है। यहां अब व्यवस्थाएं शुरू की जा रही है। ऐसे में शामिल इन 41 गांवों की व्यवस्था भी रैकिंग पर असर डाल रही है। इन परिस्थितियों के बावजूद नगर निगम अयोध्या ने इस बार लंबी छलांग लगाई है। राष्ट्रीय स्तर पर 134 से बढ़कर 120 पर पहुंच गई। जबकि प्रदेश स्तर पर पिछले साल 13 के से 11 वें स्थान पर पहुंच गई है।
नगर आयुक्त विशाल सिंह का कहना है कि अयोध्या नगर निगम को राष्ट्रीय स्तर पर 120 वां और प्रदेश स्तर पर 11 वां स्थान मिला है। आमलोगों के सहयोग और विभाग के अधिकारियों-कर्मचारियों की मेहनत का परिणाम हैं कि अयोध्या को स्वच्छ बनाने में हम आगे बढ़े हैं। भविष्य में अयोध्या पूरा तरह स्वच्छ दिखाई पड़ेगी।