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अयोध्या-फैजाबाद को अंतर्राष्ट्रीय पहचान मिली
फैजाबाद/अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 23 Jan 2016 11:55 PM IST
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केंद्र व प्रदेश सरकारों के स्तर पर धर्मनगरी अयोध्या के विश्व पर्यटन के नक्शे पर उभारने की कवायद अब रंग लाने लगी है। प्रदेश सरकार की पहल पर अयोध्या-फैजाबाद पहली बार अंतर्राष्ट्रीय पर्यटन बुक ‘लोनली प्लानेट’ में शामिल हो गई है। शीघ्र ही ये बुक देशी व विदेशी पर्यटकों के हाथों में होगी।
बता दें कि अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर पर्यटन के लिए निकलने वाले 90 फीसदी पर्यटकों की पहली पसंद अंतर्राष्ट्रीय पर्यटन बुक ‘लोनली प्लानेट’ होती है।
भारत ही नहीं विदेशी धरती पर पर्यटन के शौकीन लोगों के हाथों में उस देश के प्रमुख पर्यटन स्थल, दर्शनीय स्थल, होटल तक पहुंचने के मार्ग, खानपान के साथ वहां की विशेषताओं को अंतर्राष्ट्रीय पर्यटन बुक ‘लोनली प्लानेट’ में शामिल किया जाता है।
भारत आने वाले विदेशी 99 फीसदी पर्यटकों के हाथों में ये बुक होती है। प्रदेश सरकार व शासन के पर्यटन प्रमुख नवनीत सहगल ने प्रदेश में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए बीते दिनों लखनऊ के ताज होटल में विदेशी लेखकों आदि की कांफ्रेंस आयोजित की थी।
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इसमें प्रदेश के पर्यटन स्थलों की सूची में अयोध्या को भी विश्व पर्यटन की बुक्स में शामिल करने पर जोर दिया गया था। शासन का ये प्रयास सार्थक साबित हुआ। अंतर्राष्ट्रीय पर्यटन बुक ‘लोनली प्लानेट’ में अयोध्या-फैजाबाद को शामिल कर लिया गया।
बुक में अयोध्या-फैजाबाद की यात्रा क्यों की जाए को विस्तार से बताया गया है। साथ ही अयोध्या के प्रमुख स्थलों श्रीराम जन्मभूमि, हनुमानगढ़ी, कनक भवन, दशरथ महल, नागेश्वरनाथ, सरयू आरती, मोक्ष दायिनी सरयू, गुप्तारघाट, गुलाबबाड़ी, बहू बेगम मकबरा के बारे में विस्तार से बताया गया है।
जुड़वा शहरों के उत्सव, पर्व के साथ होटल, खानपान व अयोध्या की रबड़ी, मलाई, दही, जलेबी व गुप्तारघाट की पकौड़ी को प्रमुखता दी गई है। श्री सरयू अवध बालक समिति के कोषाध्यक्ष आशीष मिश्र बताते हैं कि शासन के पर्यटन प्रमुख नवनीत सहगल ने उन्हें लखनऊ बुलाकर किताब सौंपी है, रविवार को इसी सिलसिले में वह डीएम से मिलकर बात करेंगे।
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बता दें कि अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर पर्यटन के लिए निकलने वाले 90 फीसदी पर्यटकों की पहली पसंद अंतर्राष्ट्रीय पर्यटन बुक ‘लोनली प्लानेट’ होती है।
भारत ही नहीं विदेशी धरती पर पर्यटन के शौकीन लोगों के हाथों में उस देश के प्रमुख पर्यटन स्थल, दर्शनीय स्थल, होटल तक पहुंचने के मार्ग, खानपान के साथ वहां की विशेषताओं को अंतर्राष्ट्रीय पर्यटन बुक ‘लोनली प्लानेट’ में शामिल किया जाता है।
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भारत आने वाले विदेशी 99 फीसदी पर्यटकों के हाथों में ये बुक होती है। प्रदेश सरकार व शासन के पर्यटन प्रमुख नवनीत सहगल ने प्रदेश में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए बीते दिनों लखनऊ के ताज होटल में विदेशी लेखकों आदि की कांफ्रेंस आयोजित की थी।
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इसमें प्रदेश के पर्यटन स्थलों की सूची में अयोध्या को भी विश्व पर्यटन की बुक्स में शामिल करने पर जोर दिया गया था। शासन का ये प्रयास सार्थक साबित हुआ। अंतर्राष्ट्रीय पर्यटन बुक ‘लोनली प्लानेट’ में अयोध्या-फैजाबाद को शामिल कर लिया गया।
बुक में अयोध्या-फैजाबाद की यात्रा क्यों की जाए को विस्तार से बताया गया है। साथ ही अयोध्या के प्रमुख स्थलों श्रीराम जन्मभूमि, हनुमानगढ़ी, कनक भवन, दशरथ महल, नागेश्वरनाथ, सरयू आरती, मोक्ष दायिनी सरयू, गुप्तारघाट, गुलाबबाड़ी, बहू बेगम मकबरा के बारे में विस्तार से बताया गया है।
जुड़वा शहरों के उत्सव, पर्व के साथ होटल, खानपान व अयोध्या की रबड़ी, मलाई, दही, जलेबी व गुप्तारघाट की पकौड़ी को प्रमुखता दी गई है। श्री सरयू अवध बालक समिति के कोषाध्यक्ष आशीष मिश्र बताते हैं कि शासन के पर्यटन प्रमुख नवनीत सहगल ने उन्हें लखनऊ बुलाकर किताब सौंपी है, रविवार को इसी सिलसिले में वह डीएम से मिलकर बात करेंगे।