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नए अंदाज में लौटेगा अयोध्या का पुराना वैभव, एडीए करेगा धार्मिक महत्व वाले स्थलों का जीर्णोद्धार
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अयोध्या-दंत धावनकुंड फाइल फोटो
- फोटो : FAIZABAD
अयोध्या। रामनगरी का विकास पर्यटन सिटी के अनुरूप करने के लिए धार्मिक महत्व वाले स्थानों का जीर्णोद्धार अब अयोध्या विकास प्राधिकरण (एडीए) करेगा। इसकी तैयारी शासन स्तर पर शुरू हो गई है। जल्द ही कैबिनेट की बैठक में इस पर फैसला लिया जा सकता है। अयोध्या में पर्यटन विभाग ने धार्मिक महत्व वाले 208 स्थान व नगर निगम ने अपनी सीमा में 108 कुंडों व तालाबों को चिह्नित किया है। एडीए अब डीपीआर बनाकर इनका जीर्णोद्धार कराएगा।
अयोध्या को विश्वस्तरीय पर्यटन सिटी बनाने की तैयारी चल रही है। इसमें पर्यटन विभाग ने अयोध्या के 84 कोस की आध्यात्मिक परिधि में 208 स्थानों को चिह्नित कर रखा है। इसको पर्यटन की सुविधाओं के दृष्टिगत विकसित किया जाना है। इसमें आवागमन की सुविधाओं समेत चिह्नित स्थानों को विकसित किया जाना है। साथ ही नगर निगम ने भी शहर को सुंदर बनाने के लिए 108 तालाबों व कुंडो को चिह्नित कर रखा है। इस सबको विकसित किया जाना है।
मुख्यमंत्री ने पहले ही समस्त कुंडों के विकास का कार्य अयोध्या विकास प्राधिकरण को देने का बात कही थी। अभी तीन दिन पहले मुख्य सचिव ने अपनी बैठक में अयोध्या के कुंडों व धार्मिक महत्व वाले स्थानों को विकसित करने का जिम्मा अयोध्या विकास प्राधिकरण को दिए जाने की बात कही है। इसके लिए शासन स्तर पर कैबिनेट की बैठक में फैसला लिया जाएगा, इसके बाद अयोध्या के विकास के लिए सभी कुंडो व धार्मिक महत्व वाले स्थानों को का डीपीआर बनाकर शासन को भेजेगा। शासन से बजट जारी होने के बाद कुंडों व धार्मिक महत्व वाले स्थानों को विकसित किया जाएगा।
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अयोध्या विकास प्राधिकरण ने दर्शन नगर के सूर्यकुंड मंदिर के प्रस्ताव को पहले ही शासन मंजूरी दे चुका है। मौजूदा समय में एडीए भरत कुंड के जीर्णोद्धार का प्रस्ताव तैयार करा रहा है। यह भी बिल्कुल फाइनल स्टेज में है। जल्द ही भरत कुंड के जीर्णोद्धार का प्रेजेंटेशन शासन में होना है। यहां की सहमति के बाद कार्य शुरू होगा। इन दोनों मामलों में बेहतरीन कार्य के चलते शासन ने अयोध्या के धार्मिक महत्व संबंधित समस्त कुंडों के विकास का कार्य अयोध्या विकास प्राधिकरण को देने का निर्णय लिया है।
अयोध्या में स्वदेश दर्शन योजना के फेज टू में अयोध्या में आठ कुंडों को पर्यटन विभाग की ओर से बनाए जाने का प्रस्ताव पहले से ही स्वीकृत है। अब इन कुंडों के विकास का कार्य भी अयोध्या विकास प्राधिकरण ही करेगा। शासन से आदेश जारी होते ही अयोध्या विकास प्राधिकरण इसका डीपीआर तैयार कराएगा।
रामनगरी के कुंडों व धार्मिक महत्व वाले स्थानों का विकास करने का जिम्मा अयोध्या विकास प्राधिकरण को मिलना है। शासन से आदेश आते ही समस्त कार्यों का डीपीआर तैयार कर भेजा जाएगा।
- विशाल सिंह, वीसी अयोध्या विकास प्राधिकरण
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अयोध्या को विश्वस्तरीय पर्यटन सिटी बनाने की तैयारी चल रही है। इसमें पर्यटन विभाग ने अयोध्या के 84 कोस की आध्यात्मिक परिधि में 208 स्थानों को चिह्नित कर रखा है। इसको पर्यटन की सुविधाओं के दृष्टिगत विकसित किया जाना है। इसमें आवागमन की सुविधाओं समेत चिह्नित स्थानों को विकसित किया जाना है। साथ ही नगर निगम ने भी शहर को सुंदर बनाने के लिए 108 तालाबों व कुंडो को चिह्नित कर रखा है। इस सबको विकसित किया जाना है।
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मुख्यमंत्री ने पहले ही समस्त कुंडों के विकास का कार्य अयोध्या विकास प्राधिकरण को देने का बात कही थी। अभी तीन दिन पहले मुख्य सचिव ने अपनी बैठक में अयोध्या के कुंडों व धार्मिक महत्व वाले स्थानों को विकसित करने का जिम्मा अयोध्या विकास प्राधिकरण को दिए जाने की बात कही है। इसके लिए शासन स्तर पर कैबिनेट की बैठक में फैसला लिया जाएगा, इसके बाद अयोध्या के विकास के लिए सभी कुंडो व धार्मिक महत्व वाले स्थानों को का डीपीआर बनाकर शासन को भेजेगा। शासन से बजट जारी होने के बाद कुंडों व धार्मिक महत्व वाले स्थानों को विकसित किया जाएगा।
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अयोध्या विकास प्राधिकरण ने दर्शन नगर के सूर्यकुंड मंदिर के प्रस्ताव को पहले ही शासन मंजूरी दे चुका है। मौजूदा समय में एडीए भरत कुंड के जीर्णोद्धार का प्रस्ताव तैयार करा रहा है। यह भी बिल्कुल फाइनल स्टेज में है। जल्द ही भरत कुंड के जीर्णोद्धार का प्रेजेंटेशन शासन में होना है। यहां की सहमति के बाद कार्य शुरू होगा। इन दोनों मामलों में बेहतरीन कार्य के चलते शासन ने अयोध्या के धार्मिक महत्व संबंधित समस्त कुंडों के विकास का कार्य अयोध्या विकास प्राधिकरण को देने का निर्णय लिया है।
अयोध्या में स्वदेश दर्शन योजना के फेज टू में अयोध्या में आठ कुंडों को पर्यटन विभाग की ओर से बनाए जाने का प्रस्ताव पहले से ही स्वीकृत है। अब इन कुंडों के विकास का कार्य भी अयोध्या विकास प्राधिकरण ही करेगा। शासन से आदेश जारी होते ही अयोध्या विकास प्राधिकरण इसका डीपीआर तैयार कराएगा।
रामनगरी के कुंडों व धार्मिक महत्व वाले स्थानों का विकास करने का जिम्मा अयोध्या विकास प्राधिकरण को मिलना है। शासन से आदेश आते ही समस्त कार्यों का डीपीआर तैयार कर भेजा जाएगा।
- विशाल सिंह, वीसी अयोध्या विकास प्राधिकरण