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Ayodhya News: चार्जशीट पर अधिवक्ता संघ की आपत्ति, डेढ़ घंटे चली बहस
Thu, 24 Sep 2026 01:06 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
Updated Thu, 24 Sep 2026 01:06 AM IST
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कोर्ट रूम के बाहर मौजूद अधिवक्ता।
अयोध्या। राम मंदिर चढ़ावा चोरी प्रकरण में पुलिस की चार्जशीट पर अधिवक्ता संघ ने आपत्ति जताई है। आरोप पत्र दाखिल होने के बाद विशेष न्यायाधीश एंटी करप्शन कोर्ट के समक्ष अधिवक्ता संघ की ओर से करीब डेढ़ घंटे तक बहस हुई। वरिष्ठ अधिवक्ता कृपाल चंद्र खरे, प्रिय नाथ सिंह और सौरभ मिश्र ने आरोपपत्र की कमियों पर पक्ष रखा।
संघ का आरोप है कि चार्जशीट में चंपत राय, डॉ. अनिल मिश्र, गोपाल राव और कृष्ण मोहन समेत कई लोगों को आरोपी नहीं बनाया गया है। जबकि इनके खिलाफ चोरी के आरोप हैं। आरोपपत्र में उन्हें गवाह बनाया गया है।
संघ की ओर से चंपत राय, डॉ. अनिल मिश्र, कृष्ण मोहन और गोपाल राव को आरोपी बनाए जाने की मांग को लेकर 10 अधिवक्ताओं के शपथपत्र भी दाखिल किए गए हैं। अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष कालिका प्रसाद मिश्रा, उपाध्यक्ष राजेश उपाध्याय, पूर्व अध्यक्ष विजय बहादुर सिंह, आलोक मणि तिवारी, दूध नाथ मिश्रा ने कहा कि मामले में गठित पहली एसआईटी की जांच का आरोपपत्र में संज्ञान नहीं लिया गया है।
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लॉकर से बरामद 81.19 लाख रुपये का आरोपपत्र में उल्लेख नहीं
अधिवक्ता संघ का आरोप है कि चोरी की धनराशि जिन लोगों के पास से बरामद हुई, उन्हें आरोपी नहीं बनाया गया। संघ के अनुसार ट्रस्ट के कृष्ण मोहन के लॉकर से बरामद 81.19 लाख रुपये का भी आरोपपत्र में उल्लेख नहीं है। वरिष्ठ अधिवक्ताओं ने विवेचक की ओर से प्रस्तुत आरोपपत्र वापस करने, संघ के प्रार्थनापत्र के आधार पर जांच का आदेश देने और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर चंपत राय, डॉ. अनिल मिश्र, गोपाल राव व कृष्ण मोहन को तलब करने की मांग की।
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संघ का आरोप है कि चार्जशीट में चंपत राय, डॉ. अनिल मिश्र, गोपाल राव और कृष्ण मोहन समेत कई लोगों को आरोपी नहीं बनाया गया है। जबकि इनके खिलाफ चोरी के आरोप हैं। आरोपपत्र में उन्हें गवाह बनाया गया है।
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संघ की ओर से चंपत राय, डॉ. अनिल मिश्र, कृष्ण मोहन और गोपाल राव को आरोपी बनाए जाने की मांग को लेकर 10 अधिवक्ताओं के शपथपत्र भी दाखिल किए गए हैं। अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष कालिका प्रसाद मिश्रा, उपाध्यक्ष राजेश उपाध्याय, पूर्व अध्यक्ष विजय बहादुर सिंह, आलोक मणि तिवारी, दूध नाथ मिश्रा ने कहा कि मामले में गठित पहली एसआईटी की जांच का आरोपपत्र में संज्ञान नहीं लिया गया है।
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लॉकर से बरामद 81.19 लाख रुपये का आरोपपत्र में उल्लेख नहीं
अधिवक्ता संघ का आरोप है कि चोरी की धनराशि जिन लोगों के पास से बरामद हुई, उन्हें आरोपी नहीं बनाया गया। संघ के अनुसार ट्रस्ट के कृष्ण मोहन के लॉकर से बरामद 81.19 लाख रुपये का भी आरोपपत्र में उल्लेख नहीं है। वरिष्ठ अधिवक्ताओं ने विवेचक की ओर से प्रस्तुत आरोपपत्र वापस करने, संघ के प्रार्थनापत्र के आधार पर जांच का आदेश देने और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर चंपत राय, डॉ. अनिल मिश्र, गोपाल राव व कृष्ण मोहन को तलब करने की मांग की।