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Ayodhya News: कार्रवाई के खिलाफ धरने पर बैठे सांसद
Thu, 24 Sep 2026 12:56 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
Updated Thu, 24 Sep 2026 12:56 AM IST
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धरने पर बैठे सांसद अवधेश प्रसाद।
अयोध्या। 14 कोसी परिक्रमा मार्ग के चौड़ीकरण के लिए हुई बुलडोजर कार्रवाई के विरोध में बुधवार को सांसद अवधेश प्रसाद प्रभावित परिवारों के बीच पहुंचे और धरने पर बैठ गए। उन्होंने प्रशासन से चौड़ीकरण की जद में आए मकान और दुकानों के मालिकों को पूरा मुआवजा देने तथा जिन लोगों को अब तक आंशिक मुआवजा मिला है, उन्हें शेष राशि तत्काल उपलब्ध कराने की मांग की।
सांसद ने आरोप लगाया कि प्रशासन की टीम रात में प्रभावित क्षेत्र में पहुंची और मकान-दुकान गिराने की कार्रवाई शुरू कर दी। उनका कहना था कि कार्रवाई के दौरान कई परिवार सामान निकालने के लिए गुहार लगाते रहे पर बात नहीं सुनी गई।
अवधेश प्रसाद ने कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि प्रभावित परिवारों के सामने रोजी-रोटी और पुनर्वास का संकट खड़ा हो गया है। जब तक प्रभावित लोगों को न्याय और मुआवजा नहीं मिलता, समाजवादी पार्टी उनके साथ खड़ी रहेगी। उधर, बुलडोजर कार्रवाई से प्रभावित परिवारों ने पूर्व मंत्री तेज नारायण पांडेय के नेतृत्व में बुधवार को सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव से लखनऊ में मुलाकात की। अखिलेश यादव ने पीड़ित परिवारों की समस्याएं सुनीं और नौ प्रभावितों को एक-एक लाख की आर्थिक सहायता दी। समाजसेवी सुरेश यादव ने भी चेतावनी दी कि यदि प्रभावित लोगों को मुआवजा और पुनर्वास नहीं मिला तो बड़ा आंदोलन किया जाएगा।
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कमेटी की रिपोर्ट और हाईकोर्ट के निर्देश के बाद कार्रवाई : डीएम
जिलाधिकारी शशांक त्रिपाठी ने बुलडोजर कार्रवाई को लेकर प्रशासन का पक्ष स्पष्ट करते हुए कहा कि चौदह कोसी परिक्रमा मार्ग की प्रस्तावित चौड़ाई की जद में आ रहे अतिक्रमण को हटाया गया है। उन्होंने बताया कि कार्रवाई से पहले एक कमेटी गठित कर सर्वे कराया गया था। कमेटी की संस्तुति के बाद उच्च न्यायालय के निर्देशों के क्रम में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की गई। डीएम के अनुसार प्रभावित लोगों को मुआवजे के संबंध में वार्ता के लिए बुलाया है। प्रशासन समस्याएं सुन रहा है और मुआवजा दिलाने की प्रक्रिया जल्द पूरी करने का प्रयास किया जा रहा है।
अतिक्रमण के मामले में सात अक्तूबर को सुनवाई
14 कोसी परिक्रमा मार्ग और आसपास की नजूल भूमि से अतिक्रमण हटाने का मामला इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ में भी विचाराधीन है। नाका हनुमानगढ़ी क्षेत्र के गांधी नगर, गुलाब नगर और आसपास के इलाकों में नजूल भूमि तथा परिक्रमा मार्ग पर कथित कब्जे हटाने की मांग को लेकर ऊषा देवी ने जनहित याचिका दाखिल की थी। न्यायमूर्ति राजन रॉय और न्यायमूर्ति मंजीव शुक्ला की खंडपीठ ने सात मई को जिला प्रशासन और नगर निगम को अवैध कब्जे हटाने का आदेश दिया था। पहले 22 सितंबर को सुनवाई निर्धारित थी, जिसे अब सात अक्तूबर के लिए तय किया गया है।
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सांसद ने आरोप लगाया कि प्रशासन की टीम रात में प्रभावित क्षेत्र में पहुंची और मकान-दुकान गिराने की कार्रवाई शुरू कर दी। उनका कहना था कि कार्रवाई के दौरान कई परिवार सामान निकालने के लिए गुहार लगाते रहे पर बात नहीं सुनी गई।
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अवधेश प्रसाद ने कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि प्रभावित परिवारों के सामने रोजी-रोटी और पुनर्वास का संकट खड़ा हो गया है। जब तक प्रभावित लोगों को न्याय और मुआवजा नहीं मिलता, समाजवादी पार्टी उनके साथ खड़ी रहेगी। उधर, बुलडोजर कार्रवाई से प्रभावित परिवारों ने पूर्व मंत्री तेज नारायण पांडेय के नेतृत्व में बुधवार को सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव से लखनऊ में मुलाकात की। अखिलेश यादव ने पीड़ित परिवारों की समस्याएं सुनीं और नौ प्रभावितों को एक-एक लाख की आर्थिक सहायता दी। समाजसेवी सुरेश यादव ने भी चेतावनी दी कि यदि प्रभावित लोगों को मुआवजा और पुनर्वास नहीं मिला तो बड़ा आंदोलन किया जाएगा।
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कमेटी की रिपोर्ट और हाईकोर्ट के निर्देश के बाद कार्रवाई : डीएम
जिलाधिकारी शशांक त्रिपाठी ने बुलडोजर कार्रवाई को लेकर प्रशासन का पक्ष स्पष्ट करते हुए कहा कि चौदह कोसी परिक्रमा मार्ग की प्रस्तावित चौड़ाई की जद में आ रहे अतिक्रमण को हटाया गया है। उन्होंने बताया कि कार्रवाई से पहले एक कमेटी गठित कर सर्वे कराया गया था। कमेटी की संस्तुति के बाद उच्च न्यायालय के निर्देशों के क्रम में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की गई। डीएम के अनुसार प्रभावित लोगों को मुआवजे के संबंध में वार्ता के लिए बुलाया है। प्रशासन समस्याएं सुन रहा है और मुआवजा दिलाने की प्रक्रिया जल्द पूरी करने का प्रयास किया जा रहा है।
अतिक्रमण के मामले में सात अक्तूबर को सुनवाई
14 कोसी परिक्रमा मार्ग और आसपास की नजूल भूमि से अतिक्रमण हटाने का मामला इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ में भी विचाराधीन है। नाका हनुमानगढ़ी क्षेत्र के गांधी नगर, गुलाब नगर और आसपास के इलाकों में नजूल भूमि तथा परिक्रमा मार्ग पर कथित कब्जे हटाने की मांग को लेकर ऊषा देवी ने जनहित याचिका दाखिल की थी। न्यायमूर्ति राजन रॉय और न्यायमूर्ति मंजीव शुक्ला की खंडपीठ ने सात मई को जिला प्रशासन और नगर निगम को अवैध कब्जे हटाने का आदेश दिया था। पहले 22 सितंबर को सुनवाई निर्धारित थी, जिसे अब सात अक्तूबर के लिए तय किया गया है।