फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Ayodhya News ›   ayodhya

मेडिकल कॉलेज को एक बीघा जमीन खरीदने की संस्तुति

Wed, 07 Oct 2020 06:15 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Wed, 07 Oct 2020 06:15 PM IST
विज्ञापन
ayodhya
अयोध्या। राजर्षि दशरथ मेडिकल कॉलेज दर्शननगर परिसर में अस्पताल से सटी एक बीघा जमीन मेडिकल कॉलेज के पक्ष में क्रय करने की संस्तुति राज्यपाल की ओर से की गई है। इसके लिए 33.39 लाख रुपये स्वीकृत किए गए हैं। नियमानुसार मानकों के तहत भूमि स्वामी को उक्त धनराशि देते हुए मेडिकल कॉलेज के पक्ष में शीघ्र ही बैनामा कराने का निर्देश दिया गया है।
विज्ञापन

राजर्षि दशरथ मेडिकल कॉलेज (पहले संयुक्त मंडलीय चिकित्सालय दर्शननगर) के निर्माण के समय कुशमाहा ग्रामसभा की सरकारी व गैर सरकारी जमीनें अधिग्रहीत की गई थीं। अस्पताल का निर्माण तो गया, लेकिन अस्पताल से सटी कुशमाहा ग्रामसभा के एक व्यक्ति की 0.253 हेक्टेयर भूमि का बैनामा अस्पताल के पक्ष में नहीं हो सका था। विभागीय अधिकारियों के अनुसार इसी वजह से अस्पताल का भवन आगे की ओर बनाना मजबूरी बन गई थी।
विज्ञापन

इधर, मेडिकल कॉलेज का निर्माण होने के बाद इस अस्पताल को मेडिकल कॉलेज की क्लीनिकल कक्षाओं के संचालन के चुना गया और संयुक्त मंडलीय चिकित्सालय स्वास्थ्य विभाग से चिकित्सा शिक्षा विभाग को हस्तांतरित हो गया तो इसके निर्माण की कवायद और तेज हुई।
विज्ञापन
विज्ञापन

सौ बेड से तीन सौ बेड के अस्पताल को संचालित किया गया। एमसीआई के मानकों के अनुसार मेडिकल कॉलेज के संचालन के लिए न्यूनतम पांच सौ बेड का अस्पताल होना अनिवार्य है। जबकि स्टाफ रूम, कालोनी, हॉस्टल आदि के अलग मानक हैं। एमसीआई के मानकों के पूर्ण करने के लिए किसी भी प्रकार का निर्माण कार्य उक्त भूमि के मेडिकल कॉलेज के पक्ष में बैनामा किए संभव नहीं था।
किसी भी निर्माण कार्य शुरू होने पर भूमि स्वामी की ओर से आपत्ति जताई जा रही थी। इस वजह से मेडिकल कॉलेज का विस्तार रुका हुआ था। उपरोक्त भूमि के क्रय करने के लिए धनराशि की मांग शासन स्तर पर लंबित थी। अब इस समस्या का समाधान शासन की ओर से किया गया है।
सरकार के प्रस्ताव पर राज्यपाल की ओर से कुशमाहा ग्रामसभा की उक्त भूमि को मेडिकल कॉलेज के पक्ष में क्रय करने के लिए 33 लाख 39 हजार 600 रुपये की स्वीकृति प्रदान की गई है। साथ ही निर्देश दिया गया है कि उक्त धनराशि का व्यय किसी अन्य मद में नहीं किया जाएगा। ऐसा करने पर वित्तीय अनियमितता मानी जाएगी। साथ ही स्वीकृत धनराशि को पीएलए बैंक खाते में नहीं रखा जाएगा।

मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य प्रोफेसर विजय कुमार ने बताया कि परिसर के भीतर की एक बीघा जमीन क्रय न होने से अस्पताल पीछे नहीं बन सका था। भूमि पर मेडिकल कॉलेज का कब्जा तो है, लेकिन भूमि मेडिकल कॉलेज के नाम न होने से निर्माण कार्य करने पर भूमि स्वामी आपत्ति करता था। अब शासन की ओर से धन का आवंटन हो गया है, शीघ्र ही भूमि का बैनामा कराया जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed