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संयुक्त रूप से शोध कार्य करेंगे अवध विवि व त्रिनिदाद एंड टोबैगो
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अयोध्या। डॉ. राममनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय के श्रीराम शोधपीठ एवं हायर एजुकेशनल इंस्टीट्यूशन ऑफ रिपब्लिक ऑफ त्रिनिदाद एंड टोबैगो के मध्य एक एमओयू किया गया।
विश्वविद्यालय के कुुलपति प्रो. रविशंकर सिंह एवं रिपब्लिक ऑफ त्रिनिदाद एंड टोबैगो के उच्च आयुक्त डॉ. रोजर गोपाल ने मंगलवार को इस पर हस्ताक्षर किए। इस एमओयू के बाद अब दोनों संस्थानों के बीच संयुक्त तौर पर शोध कार्य हो सकेंगे।
इसके साथ ही दोनों देशों की शिक्षण संस्थानों के बीच शैक्षणिक एवं वैज्ञानिक सूचनाओं और गतिविधियों को भी साझा कर शोधार्थी संयुक्त रूप से महत्वपूर्ण सूचनाओं का आदान प्रदान, प्रकाशन एवं संग्रहण भी कर सकेंगे।
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पब्लिक ऑफ त्रिनिदाद एंड टोबैगो के राजदूत डॉ. रोजर गोपाल ने भरोसा जताया कि इस अनुबंध से सामरिक दृष्टि से विश्वविद्यालय एवं त्रिनिदाद एंड टोबैगो के मध्य शैक्षणिक कार्यों को काफी बढ़ावा मिल सकेगा।
इससे दोनों संस्थान संयुक्त रूप से संगोष्ठी, कांफ्रेंस और कार्यशाला का आयोजन कर सकेंगे। कला संकायाध्यक्ष एवं श्रीराम शोध-पीठ के समन्वयक प्रो. अजय प्रताप सिंह ने बताया कि एमओयू होने से दोनों देशों के छात्र-छात्राओं को भविष्य में बहुत कुछ बेहतर करने का अवसर भी प्राप्त होगा।
इस दौरान कुल सचिव उमानाथ, अधिष्ठाता छात्र-कल्याण प्रो. नीलम पाठक, नैक के समन्वयक प्रो. फारूख जमाल समेत अन्य शिक्षक व विद्यार्थी मौजूद रहे।
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विश्वविद्यालय के कुुलपति प्रो. रविशंकर सिंह एवं रिपब्लिक ऑफ त्रिनिदाद एंड टोबैगो के उच्च आयुक्त डॉ. रोजर गोपाल ने मंगलवार को इस पर हस्ताक्षर किए। इस एमओयू के बाद अब दोनों संस्थानों के बीच संयुक्त तौर पर शोध कार्य हो सकेंगे।
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इसके साथ ही दोनों देशों की शिक्षण संस्थानों के बीच शैक्षणिक एवं वैज्ञानिक सूचनाओं और गतिविधियों को भी साझा कर शोधार्थी संयुक्त रूप से महत्वपूर्ण सूचनाओं का आदान प्रदान, प्रकाशन एवं संग्रहण भी कर सकेंगे।
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पब्लिक ऑफ त्रिनिदाद एंड टोबैगो के राजदूत डॉ. रोजर गोपाल ने भरोसा जताया कि इस अनुबंध से सामरिक दृष्टि से विश्वविद्यालय एवं त्रिनिदाद एंड टोबैगो के मध्य शैक्षणिक कार्यों को काफी बढ़ावा मिल सकेगा।
इससे दोनों संस्थान संयुक्त रूप से संगोष्ठी, कांफ्रेंस और कार्यशाला का आयोजन कर सकेंगे। कला संकायाध्यक्ष एवं श्रीराम शोध-पीठ के समन्वयक प्रो. अजय प्रताप सिंह ने बताया कि एमओयू होने से दोनों देशों के छात्र-छात्राओं को भविष्य में बहुत कुछ बेहतर करने का अवसर भी प्राप्त होगा।
इस दौरान कुल सचिव उमानाथ, अधिष्ठाता छात्र-कल्याण प्रो. नीलम पाठक, नैक के समन्वयक प्रो. फारूख जमाल समेत अन्य शिक्षक व विद्यार्थी मौजूद रहे।