{"_id":"5da75aa48ebc3e93ad106267","slug":"agricultural-science-center-to-be-developed-as-ecotourism-center-faizabad-news-lko4872972146","type":"story","status":"publish","title_hn":"इकोटूरिज्म केंद्र के रूप में विकसित होगा मसौधा कृषि विज्ञान केंद्र","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
इकोटूरिज्म केंद्र के रूप में विकसित होगा मसौधा कृषि विज्ञान केंद्र
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अयोध्या। आचार्य नरेंद्र देव कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ बिजेंद्र सिंह ने विवि के अधीन संचालित कृषि विज्ञान केंद्र मसौधा को इकोटूरिज्म केंद्र के रूप में विकसित करने के लिए आवश्यक गतिविधियां प्रारंभ करने का निर्देश दिया है।
कुलपति ने विश्वविद्यालय के विभिन्न कृषि विज्ञान केंद्रों पर कराए जा रहे निर्माण व परियोजनाओं से संबंधित कार्यों की समीक्षा कर गुणवत्ता के विपरीत कार्य करने वाली कार्यदाई संस्थाओं को चिह्नित कर उन्हें ब्लैकलिस्टेड करने की कार्यवाही करने के भी निर्देश दिए हैं।
कुलपति बुधवार को विश्वविद्यालय के अधीन संचालित 24 कृषि विज्ञान केंद्रों के वरिष्ठ वैज्ञानिकों की बैठक ले रहे थे। कुलपति ने विभिन्न कृषि विज्ञान केंद्रों पर कार्यों व कार्यक्रमों के मद में आवंटित धनराशि के आय व्यय का लेखा जोखा भी लिया।
विज्ञापन
बैठक में कुलपति ने इस बात पर भी रोष व्यक्त किया कि कृषि विज्ञान केंद्र आवंटित धन का व्यय समयबद्ध ढंग से नहीं कर पा रहे हैं। कृषि विज्ञान केंद्रों पर कराए जा रहे निर्माण कार्यों की समीक्षा व स्थलीय निरीक्षण के लिए एक समिति का भी गठन किया जाएगा।
कुलपति ने सभी अधिकारियों, वैज्ञानिकों व संबंधित कर्मियों को कड़े निर्देश दिए कि किसी भी केंद्र के बिल अधिकृत व्यवस्था के तहत तथा उचित माध्यम व प्रोसेस के तहत ही भुगतान के लिए भेजे जाय तथा अग्रसारित किये जाएं।
कृषि विज्ञान केंद्र संतकबीर नगर में अविकसित 50 एकड़ भूमि को सुनिश्चित कार्यक्रम बनाकर विकसित करने तथा इसके लिए शासन स्तर पर प्रयास कर सहयोग प्राप्त करने के निर्देश भी कुलपति ने दिए। बैठक में बिना तैयारी व आवश्यक अभिलेख के मौजूद अधिकारियों व लेखाकर्मियों पर भी कुलपति ने रोष व्यक्त किया।
विज्ञापन
कुलपति ने विश्वविद्यालय के विभिन्न कृषि विज्ञान केंद्रों पर कराए जा रहे निर्माण व परियोजनाओं से संबंधित कार्यों की समीक्षा कर गुणवत्ता के विपरीत कार्य करने वाली कार्यदाई संस्थाओं को चिह्नित कर उन्हें ब्लैकलिस्टेड करने की कार्यवाही करने के भी निर्देश दिए हैं।
विज्ञापन
कुलपति बुधवार को विश्वविद्यालय के अधीन संचालित 24 कृषि विज्ञान केंद्रों के वरिष्ठ वैज्ञानिकों की बैठक ले रहे थे। कुलपति ने विभिन्न कृषि विज्ञान केंद्रों पर कार्यों व कार्यक्रमों के मद में आवंटित धनराशि के आय व्यय का लेखा जोखा भी लिया।
विज्ञापन
बैठक में कुलपति ने इस बात पर भी रोष व्यक्त किया कि कृषि विज्ञान केंद्र आवंटित धन का व्यय समयबद्ध ढंग से नहीं कर पा रहे हैं। कृषि विज्ञान केंद्रों पर कराए जा रहे निर्माण कार्यों की समीक्षा व स्थलीय निरीक्षण के लिए एक समिति का भी गठन किया जाएगा।
कुलपति ने सभी अधिकारियों, वैज्ञानिकों व संबंधित कर्मियों को कड़े निर्देश दिए कि किसी भी केंद्र के बिल अधिकृत व्यवस्था के तहत तथा उचित माध्यम व प्रोसेस के तहत ही भुगतान के लिए भेजे जाय तथा अग्रसारित किये जाएं।
कृषि विज्ञान केंद्र संतकबीर नगर में अविकसित 50 एकड़ भूमि को सुनिश्चित कार्यक्रम बनाकर विकसित करने तथा इसके लिए शासन स्तर पर प्रयास कर सहयोग प्राप्त करने के निर्देश भी कुलपति ने दिए। बैठक में बिना तैयारी व आवश्यक अभिलेख के मौजूद अधिकारियों व लेखाकर्मियों पर भी कुलपति ने रोष व्यक्त किया।