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प्रशासन ने मणिपर्वत की गलत पौराणिकता बताने वाला बोर्ड हटाया

Wed, 21 Jul 2021 12:42 AM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Wed, 21 Jul 2021 12:42 AM IST
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Administration removed the board telling the wrong mythology of Mani Parvat
अयोध्या। रामनगरी की पौराणिक धरोहर मणिपर्वत की गलत पौराणिकता बताने वाले बोर्ड को प्रशासन ने हटवा दिया है। पर्यटन विभाग द्वारा मणिपर्वत के प्रवेश मार्ग पर लगाए गए बोर्ड को लेकर रामनगरी के संतों ने आपत्ति जताई थी। अब प्रशासन एक नया बोर्ड बनवा रहा है, जिस पर रामनगरी की प्राचीनता का गवाह मणिपर्वत की वास्तविक पौराणिकता दर्ज कराई जाएगी।
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अमर उजाला ने 14 जुलाई को ‘पर्यटन विभाग ने बदल दी मणिपर्वत की पौराणिकता...’ शीर्षक से खबर छापकर प्रशासन का इस ओर ध्यान आकृष्ट किया था। पर्यटन विभाग ने रामनगरी के प्राचीनता के गवाह पौराणिक स्थलों की जानकारी भक्तों को देने के लिए ऐसे स्थलों पर बोर्ड लगा रखा है। इस बोर्ड पर अंकित मणिपर्वत की पौराणिकता को लेकर मणिपर्वत के मुख्य पुजारी सहित संतों ने आपत्ति जताई थी। संतों का कहना था कि संजीवनी बूटी पहाड़ के अंश वाली जो कहानी बोर्ड पर अंकित की गई है, वह निराधार है।
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‘अमर उजाला’ ने संतों के हवाले से इस विषय को प्रमुखता से उठाया था। जिसके बाद प्रशासन ने मणिपर्वत की गलत पौराणिकता बताने वाले बोर्ड को हटवा दिया है। ज.गु.रत्नेश प्रपन्नाचार्य, पंडित कौशल्यानंदन वर्धन, संत एमबीदास, महंत रामभूषण दास कृपालु सहित अन्य संतों ने प्रशासन को साधुवाद देते हुए अपील की है कि बिना शास्त्रोक्त प्रमाण के रामनगरी के पौराणिक स्थलों की जानकारी न दी जाए।
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