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ओपीडी में इंटर्न देख भड़के अपर निदेशक
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जिलाअस्पताल में निरीक्षण करते एडी डा.राजेंद्र कपूर।
- फोटो : FAIZABAD
अयोध्या। अपर निदेशक चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण डॉ. राजेंद्र कपूर ने बुधवार दोपहर जिला अस्पताल का निरीक्षण किया। ओपीडी के कक्ष संख्या सात में एक बाहरी व्यक्ति को बैठा देखकर वे भड़क गए।
उन्होंने बिना सीएमएस की अनुमति के किसी भी व्यक्ति की सहायता न लेने का निर्देश दिया एवं ऐसा करने पर कार्रवाई की चेतावनी दी। बदहाल साफ-सफाई व्यवस्था सहित तमाम अन्य खामियां मिलने पर संबंधित की क्लास ली।
अपर निदेशक डॉ. राजेंद्र कपूर बुधवार दोपहर करीब 12 बजे संक्रामक रोगों एवं दीपोत्सव की तैयारियों का जायजा लेने के लिए अचानक जिला अस्पताल पहुंचे।
उन्होंने इसके लिए मौजूद संसाधनों की जानकारी करने के बाद ओपीडी का निरीक्षण शुरू किया। निरीक्षण के समय अधिकांश चिकित्सकों का कक्ष रिक्त मिला। कक्ष संख्या नौ में निरीक्षण के उपरांत उन्होंने प्लास्टर कक्ष का निरीक्षण किया। मौजूद कर्मचारी ने माह में करीब 8-9 प्लास्टर का औसत बताया।
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इस पर एडी ने नाराजगी जताते हुए कहा कि छह आर्थो सर्जन में से प्रतिदिन चार ओपीडी संभालते हैं, लेकिन प्लास्टर का औसत बेहद कम है, इसे बढ़ाने की जरूरत है।
इसके बाद वे चेस्ट फिजीशियन डॉ सत्येंद्र सिंह के कक्ष में पहुंचे। वहां पर पहले से बैठकर रजिस्टर चढ़ा रहे एक व्यक्ति से पूछताछ की।
इस पर डॉ. सत्येंद्र सिंह ने उसे बीएचएमएस का छात्र बताया जिससे एडी भड़क गए और कहा कि समस्त काम आपको स्वयं निपटाना है, कोई भी बाहरी व्यक्ति बिना सीएमएस के अनुमति के कक्ष में मौजूद नहीं मिलना चाहिए। यदि भविष्य में ऐसा पाया गया तो जिम्मेदारी आपकी होगी।
इमरजेंसी में पहुंचने पर वहां सफाई व्यवस्था बदहाल मिली। इसके लिए उन्होंने कार्यदायी संस्था के मैनेजर को हिदायत दी। एडी ने बताया कि डेंगू के बढ़ रहे प्रकोप व दीपोत्सव की तैयारी को लेकर अस्पताल का निरीक्षण किया था। तमाम कमियां मिली हैं, जिन्हें दुरुस्त करने के लिए सीएमएस को निर्देशित किया गया है।
कुछ डॉक्टर कोर्ट व पुलिस लाइंस में ड्यूटी में थे। दीपोत्सव को लेकर 20 बेड आरक्षित करने का निर्देश दिया। सफाई व्यवस्था ठीक करने एवं सभी सफाईकर्मियों को ड्रेस में आने को कहा है। इस मौके पर सीएमएस डॉ एके राय, डॉ नानक सरन, बीके श्रीवास्तव, अमित गहलौत आदि मौजूद रहे।
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उन्होंने बिना सीएमएस की अनुमति के किसी भी व्यक्ति की सहायता न लेने का निर्देश दिया एवं ऐसा करने पर कार्रवाई की चेतावनी दी। बदहाल साफ-सफाई व्यवस्था सहित तमाम अन्य खामियां मिलने पर संबंधित की क्लास ली।
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अपर निदेशक डॉ. राजेंद्र कपूर बुधवार दोपहर करीब 12 बजे संक्रामक रोगों एवं दीपोत्सव की तैयारियों का जायजा लेने के लिए अचानक जिला अस्पताल पहुंचे।
उन्होंने इसके लिए मौजूद संसाधनों की जानकारी करने के बाद ओपीडी का निरीक्षण शुरू किया। निरीक्षण के समय अधिकांश चिकित्सकों का कक्ष रिक्त मिला। कक्ष संख्या नौ में निरीक्षण के उपरांत उन्होंने प्लास्टर कक्ष का निरीक्षण किया। मौजूद कर्मचारी ने माह में करीब 8-9 प्लास्टर का औसत बताया।
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इस पर एडी ने नाराजगी जताते हुए कहा कि छह आर्थो सर्जन में से प्रतिदिन चार ओपीडी संभालते हैं, लेकिन प्लास्टर का औसत बेहद कम है, इसे बढ़ाने की जरूरत है।
इसके बाद वे चेस्ट फिजीशियन डॉ सत्येंद्र सिंह के कक्ष में पहुंचे। वहां पर पहले से बैठकर रजिस्टर चढ़ा रहे एक व्यक्ति से पूछताछ की।
इस पर डॉ. सत्येंद्र सिंह ने उसे बीएचएमएस का छात्र बताया जिससे एडी भड़क गए और कहा कि समस्त काम आपको स्वयं निपटाना है, कोई भी बाहरी व्यक्ति बिना सीएमएस के अनुमति के कक्ष में मौजूद नहीं मिलना चाहिए। यदि भविष्य में ऐसा पाया गया तो जिम्मेदारी आपकी होगी।
इमरजेंसी में पहुंचने पर वहां सफाई व्यवस्था बदहाल मिली। इसके लिए उन्होंने कार्यदायी संस्था के मैनेजर को हिदायत दी। एडी ने बताया कि डेंगू के बढ़ रहे प्रकोप व दीपोत्सव की तैयारी को लेकर अस्पताल का निरीक्षण किया था। तमाम कमियां मिली हैं, जिन्हें दुरुस्त करने के लिए सीएमएस को निर्देशित किया गया है।
कुछ डॉक्टर कोर्ट व पुलिस लाइंस में ड्यूटी में थे। दीपोत्सव को लेकर 20 बेड आरक्षित करने का निर्देश दिया। सफाई व्यवस्था ठीक करने एवं सभी सफाईकर्मियों को ड्रेस में आने को कहा है। इस मौके पर सीएमएस डॉ एके राय, डॉ नानक सरन, बीके श्रीवास्तव, अमित गहलौत आदि मौजूद रहे।