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नहीं रहे ब्रितानी हुकूमत से लड़ने वाले रामजनम
Faizabad
Updated Sat, 14 Dec 2013 05:43 AM IST
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तारुन (फैजाबाद)। ब्रितानी हुकूमत एवं सामंती व्यवस्था से जीवन भर लड़ने वाले कामरेड रामजनम सिंह ने 95 वर्ष की आयु में गुरुवार की रात अंतिम श्वांस ली। कामरेड का अंतिम संस्कार उनके पैतृक गांव बाहरपुर की बाग में किया गया। मुखाग्नि उनके ज्येष्ठ पुत्र रिटायर्ड बिक्री कर आयुक्त चंद्रभान सिंह ने दी। रामजनम ने राजनीतिक एवं सामाजिक संघर्षों को लेकर 40 बार जेल गए। वे 1995 के पहले 17 वर्षों तक अपने गांव बाहरपुर के प्रधान भी रहे। उनके तीन बेटे हैं, जिनमें चंद्रभान सिंह के अलावा लोक सेवा आयोग इलाहाबाद में समीक्षा अधिकारी पवन सिंह तथा कृषक अरुण शामिल हैं। उनके पौत्र अनुराग सिंह ग्रेटर नोएडा में डिप्टी एसपी हैं। रामजनम 1948 में कम्युनिस्ट पार्टी के सदस्य बने। स्वतंत्रता आंदोलन में भी उनकी भूमिका रही। माकपा जिला सचिव मो. इशहाक, भगवानबख्श सिंह, कामरेड माताबदल आदि ने अंतिम दर्शन किए।
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