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यज्ञ के साथ पंचकोसी परिक्रमा का श्रीगणेश
Faizabad
Updated Mon, 23 Sep 2013 05:37 AM IST
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अयोध्या (फैजाबाद)। विहिप की पंचकोसी परिक्रमा का श्रीगणेश रविवार को अपराह्न साढ़े चार बजे कारसेवकपुरम् में पंच कुंडीय यज्ञ के साथ हुआ। दक्षिण के आनंद आश्रम और गुंटुर आश्रम के धर्माचार्यों संग 24 संतों ने अपनी पूजा विधि से इस खास यज्ञ में आहुतियां डाली। इसी के साथ यज्ञशाला में बाहरी लोगों का प्रवेश वर्जित कर दिया है। पंचकोसी मार्ग पर परिक्रमा की शुरूआत सोमवार सुबह 8 बजे होगी। विहिप के प्रांतीय प्रवक्ता शरद शर्मा ने कहा कि इस खास यज्ञ व परिक्रमा के संपन्न होने से अयोध्या की सीमाएं श्रीराम मंदिर निर्माण विरोधी ताकतों से सुरक्षित होगी, फिर निर्माण कार्य में कोई बाधा नहीं फटकेगी। उधर, कारसेवकपुरम् में विहिप की गतिविधियों के मद्देनजर एसएसबी (सशस्त्र सीमा बल) की तैनाती के साथ मजिस्ट्रेेट व पुलिस अधिकारी भारी फोर्स के साथ डटे हुए हैं। डीएम वीके द्विवेदी का कहना है कि बगैर झंडा, बैनर और लाउडस्पीकर के पंचकोसी परिक्रमा करने पर कोई कार्रवाई नहीं होगी।
परिक्रमा के मद्देनजर प्रशासन ने शनिवार से जिलेभर में धारा 144 लागू करने के साथ सख्त निगरानी शुरू कर दी है। सारा आयोजन कारसेवकपुरम् से शुरू होने के चलते रविवार सुबह से ही सुरक्षा बल की घेराबंदी कसनी शुरू हो गई। रेजीडेंट मजिस्ट्रेट अवधेश मिश्र और सीओ अयोध्या तारकेश्वर सिंह दो कंपनी एसएसबी और भारी पुलिसबल के साथ कारसेवकपुरम् में दाखिल हुए। परिसर को छावनी के रूप में तब्दील करके एक-एक गतिविधियों पर नजर रखी जाने लगी। इस बीच दक्षिण के संत दोपहर तक यज्ञशाला में यज्ञवेदी तैयार करके पीठ स्थापना से जुड़े तंत्र-मंत्र और पूजा सामग्री की तैयारी में लगे रहे। अपराह्न साढ़े चार बजे स्वामी आनंद सरस्वती, स्वामी ज्ञानेश्वरानंद, माता ज्ञानेश्वरी और स्वामी आदि निर्माण ने दो दर्जन सहयोगी संतों की टीम के साथ पंचकुंडीय यज्ञ की शुरूआत की। पहले वेदियां सजाई गई, पीठ स्थापना के मंत्र हुए। शाम छह बजे से पूरा परिसर मंत्रों और स्वाहा की ध्वनि से गूंज उठा। संतों ने कहा कि पंचकोसी परिक्रमा की शुरूआत सुबह 8 बजे सरयू दर्शन, स्नान-पूजन के साथ शुरू होगी, फिर दिन में यज्ञ-हवन होंगे। यह क्रम 13 अक्तूबर विजय दशमी तक चलेगा।
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परिक्रमा के मद्देनजर प्रशासन ने शनिवार से जिलेभर में धारा 144 लागू करने के साथ सख्त निगरानी शुरू कर दी है। सारा आयोजन कारसेवकपुरम् से शुरू होने के चलते रविवार सुबह से ही सुरक्षा बल की घेराबंदी कसनी शुरू हो गई। रेजीडेंट मजिस्ट्रेट अवधेश मिश्र और सीओ अयोध्या तारकेश्वर सिंह दो कंपनी एसएसबी और भारी पुलिसबल के साथ कारसेवकपुरम् में दाखिल हुए। परिसर को छावनी के रूप में तब्दील करके एक-एक गतिविधियों पर नजर रखी जाने लगी। इस बीच दक्षिण के संत दोपहर तक यज्ञशाला में यज्ञवेदी तैयार करके पीठ स्थापना से जुड़े तंत्र-मंत्र और पूजा सामग्री की तैयारी में लगे रहे। अपराह्न साढ़े चार बजे स्वामी आनंद सरस्वती, स्वामी ज्ञानेश्वरानंद, माता ज्ञानेश्वरी और स्वामी आदि निर्माण ने दो दर्जन सहयोगी संतों की टीम के साथ पंचकुंडीय यज्ञ की शुरूआत की। पहले वेदियां सजाई गई, पीठ स्थापना के मंत्र हुए। शाम छह बजे से पूरा परिसर मंत्रों और स्वाहा की ध्वनि से गूंज उठा। संतों ने कहा कि पंचकोसी परिक्रमा की शुरूआत सुबह 8 बजे सरयू दर्शन, स्नान-पूजन के साथ शुरू होगी, फिर दिन में यज्ञ-हवन होंगे। यह क्रम 13 अक्तूबर विजय दशमी तक चलेगा।
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