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खालिद मुजाहिद की मौत से सनसनी
Faizabad
Updated Sun, 19 May 2013 05:30 AM IST
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फैजाबाद। पेशी से लौटते समय कचहरी सीरियल ब्लास्ट के एक आरोपी की मौत की खबर से प्रशासन में हलचल है। कारागार में आरोपियों के आने और जाने के बीच उनकी गतिविधियों के बारे में जानकारी करने के साथ ही किसी शिकायत या उससे कुछ कहने के बारे जानकारी किए जाने की खबर है। प्रशासन इस घटना को लेकर अपने स्तर से मुतमईन हो लेना चाहता है। सीरियल ब्लास्ट के आरोपी खालिद मुजाहिद की मौत के बाद संभावित संवेदनशीलता को भांपने के लिए खुफिया को सक्रिय कर दिया गया है।
मंडल कारागार प्रशासन के सूत्रों की माने तो जेल में लगी अदालत के दौरान आरोपियों की उपस्थिति से उनके जाने तक की पूरी कार्रवाई जेल प्रशासन के स्तर पर लिखी जाती है। अब तक मिली जानकारी के मुताबिक पेशी के दौरान ब्लास्ट के आरोपी जेल परिसर में कुल दो घंटे 41 मिनट रहे। इस दौरान प्रशासनिक स्तर पर न तो आरोपियों में से किसी ने कोई शिकायत की और न ही जेल प्रशासन को ऐसी शिकायत के बारे कोई जानकारी दी गई। जेल आने और जाने के बीच सभी आरोपी पहले की ही तरह कड़ी सुरक्षा के बीच आए और उसी तरह वापस कर दिए गए।
मंडल कारागार के वरिष्ठ जेल अधीक्षक शैलेंद्र कुमार मैत्रेय ने भी कुछ ऐसा ही बताया है। उन्होंने बताया कि चारों को पेशी के लिए कारागार में दोपहर 12:51 बजे दाखिल कराया गया। यहां लगी अदालत में जज ने करीब ढाई घंटे सुनवाई की। 1:22 बजे पर अदालत की कार्रवाई समाप्त हो गई। इसके बाद सभी आरोपी सकुशल और पुलिस अभिरक्षा मेें जेल से 1:32 बजे रवाना हुए। उन्होंने बताया कि यहां किसी आरोपी ने किसी तरह की परेशानी के बारे में जेल प्रशासन को कोई जानकारी नहीं दी। उधर इस घटना की बाबत कोई अफसर मुंह नहीं खोलता है लेकिन शहर की आबोहवा के बारे में बड़े अफसरों से लगातार रिपोर्ट लिए जाने की खबर है।
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मंडल कारागार प्रशासन के सूत्रों की माने तो जेल में लगी अदालत के दौरान आरोपियों की उपस्थिति से उनके जाने तक की पूरी कार्रवाई जेल प्रशासन के स्तर पर लिखी जाती है। अब तक मिली जानकारी के मुताबिक पेशी के दौरान ब्लास्ट के आरोपी जेल परिसर में कुल दो घंटे 41 मिनट रहे। इस दौरान प्रशासनिक स्तर पर न तो आरोपियों में से किसी ने कोई शिकायत की और न ही जेल प्रशासन को ऐसी शिकायत के बारे कोई जानकारी दी गई। जेल आने और जाने के बीच सभी आरोपी पहले की ही तरह कड़ी सुरक्षा के बीच आए और उसी तरह वापस कर दिए गए।
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मंडल कारागार के वरिष्ठ जेल अधीक्षक शैलेंद्र कुमार मैत्रेय ने भी कुछ ऐसा ही बताया है। उन्होंने बताया कि चारों को पेशी के लिए कारागार में दोपहर 12:51 बजे दाखिल कराया गया। यहां लगी अदालत में जज ने करीब ढाई घंटे सुनवाई की। 1:22 बजे पर अदालत की कार्रवाई समाप्त हो गई। इसके बाद सभी आरोपी सकुशल और पुलिस अभिरक्षा मेें जेल से 1:32 बजे रवाना हुए। उन्होंने बताया कि यहां किसी आरोपी ने किसी तरह की परेशानी के बारे में जेल प्रशासन को कोई जानकारी नहीं दी। उधर इस घटना की बाबत कोई अफसर मुंह नहीं खोलता है लेकिन शहर की आबोहवा के बारे में बड़े अफसरों से लगातार रिपोर्ट लिए जाने की खबर है।
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