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धान की टॉप ड्रेसिंग के लिए नहीं मिल रही यूरिया
Faizabad
Updated Mon, 27 Aug 2012 12:00 PM IST
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चरावां। यूरिया की किल्लत से क्षेत्र के किसान परेशान हैं। मौजूदा समय किसानों को धान की फसल में टॉप ड्रेसिंग के लिए यूरिया नहीं मिल रही। साधन सहकारी समितियों व निजी उर्वरक विक्रेताओं की दुकान पर खाद का अकाल है। बीते दिनों मसौधा ब्लॉक की एक समिति के सचिव की पिटाई से सभी समितियों के सचिवों के हड़ताल पर जाने से समितियां बंद हैं।
जिला प्रशासन की ओर से छापेमारी कर कई दुकानों के लाइसेंस भी निरस्त किए गए, लेकिन इसके बाद भी निजी दुकानदारों की मनमानी बदस्तूर कायम है। इसकी वजह से किसानों के बीच खाद की मारामारी कम होने का नाम नहीं ले रही है। सीजन खत्म होने को है, लेकिन क्षेत्र की अधिकांश साधन सहकारी समितियों पर आवश्यकता के अनुसार उर्वरक नहीं उपलब्ध हो पाए हैं। जिन समितियों पर नाममात्र खाद पहुंची भी तो वह नामित सदस्यों के बीच ही सीमित रह गई। कई जगहों पर सदस्य किसान भी खाद नहीं पा सके हैं। समितियों पर खाद उपलब्ध न होने से किसानों को निजी दुकानदारों का सहारा लेना पड़ रहा है। जिन विक्रेताओं के पास यूरिया उपलब्ध है, तो वह किसानों की मजबूरी को भुना ऊंचे दामों पर यूरिया बेच रहे हैं। बीकापुर ब्लॉक के सतना गांव निवासी लालजी वर्मा बताते हैं कि छह बीघा धान रोपा है। आठ दिनों से खाद खोज रहे हैं, अभी तक सिर्फ एक बोरी यूरिया ही मिल पाई है। तारुन ब्लॉक के चरावां निवासी ऋषिकेश जायसवाल का कहना है कि महंगे दाम पर भी खाद नहीं मिल पा रही। सुरेंद्र तिवारी व माता प्रसाद यादव सहित कई किसानों ने प्रशासन से खाद उपलब्ध कराने की मांग की है।
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जिला प्रशासन की ओर से छापेमारी कर कई दुकानों के लाइसेंस भी निरस्त किए गए, लेकिन इसके बाद भी निजी दुकानदारों की मनमानी बदस्तूर कायम है। इसकी वजह से किसानों के बीच खाद की मारामारी कम होने का नाम नहीं ले रही है। सीजन खत्म होने को है, लेकिन क्षेत्र की अधिकांश साधन सहकारी समितियों पर आवश्यकता के अनुसार उर्वरक नहीं उपलब्ध हो पाए हैं। जिन समितियों पर नाममात्र खाद पहुंची भी तो वह नामित सदस्यों के बीच ही सीमित रह गई। कई जगहों पर सदस्य किसान भी खाद नहीं पा सके हैं। समितियों पर खाद उपलब्ध न होने से किसानों को निजी दुकानदारों का सहारा लेना पड़ रहा है। जिन विक्रेताओं के पास यूरिया उपलब्ध है, तो वह किसानों की मजबूरी को भुना ऊंचे दामों पर यूरिया बेच रहे हैं। बीकापुर ब्लॉक के सतना गांव निवासी लालजी वर्मा बताते हैं कि छह बीघा धान रोपा है। आठ दिनों से खाद खोज रहे हैं, अभी तक सिर्फ एक बोरी यूरिया ही मिल पाई है। तारुन ब्लॉक के चरावां निवासी ऋषिकेश जायसवाल का कहना है कि महंगे दाम पर भी खाद नहीं मिल पा रही। सुरेंद्र तिवारी व माता प्रसाद यादव सहित कई किसानों ने प्रशासन से खाद उपलब्ध कराने की मांग की है।
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