{"_id":"5b69d46e4f1c1ba61f8b76f3","slug":"91533662318-faizabad-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"जर्जर मठ-मंदिरों में श्रद्घालुओं के ठहरने पर रोक","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जर्जर मठ-मंदिरों में श्रद्घालुओं के ठहरने पर रोक
Updated Tue, 07 Aug 2018 10:48 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जर्जर मठ-मंदिरों में श्रद्धालुओं के ठहरने पर रोक
अयोध्या। रामनगरी के जर्जर मठ-मंदिरों में सावन मेले में आने वाले श्रद्धालुओं के ठहरने पर प्रशासन ने रोक लगा दी है। अयोध्या में कुल 177 मठ-मंदिर एवं भवन जर्जर चिह्नित किए गए हैं। इन भवनों के स्वामियों को नोटिस भेजकर श्रद्धालुओं को न ठहरने देने को लेकर आगाह किया गया है। फिर भी यदि श्रद्धालु ठहरते हैं और कोई क्षति होती है तो इसकी जिम्मेदारी भवन स्वामी की होगी। उसके विरुद्घ आपराधिक मुकदमा दर्ज भी किया जा सकता है।
अयोध्या के जर्जर मठ-मंदिरों को लेकर नगर निगम अब सचेत हो चुका है। नगर निगम द्वारा जर्जर भवनों पर नोटिस चस्पा कराए जा रहे हैं। साथ ही भवन स्वामियों को सचेत किया गया है कि सावन मेले में आने वाले श्रद्धालुओं को न ठहराएं। फिर भी यदि श्रद्धालु ठहरते हैं और कोई क्षति होती है तो इसका उत्तरदायित्व भवन स्वामी पर होगा। सावन मेले में लाखों श्रद्धालु उमड़ते हैं, उनका ठिकाना अयोध्या के मठ-मंदिर ही होते हैं। अधिकांश मठ-मंदिर सैकड़ों वर्ष पुराने होने के कारण जर्जर हो चुके हैं। विगत वर्षों में सावन मेले के दौरान अयोध्या के यादव मंदिर की छत ढहने से दो श्रद्धालुओं की मौत भी हो चुकी है। ऐसी घटना फिर न हो इसको लेकर प्रशासन सतर्क है। प्रशासन ने जर्जर भवनों के स्वामियों को भवन ढहाने का निर्देश दिया है। फिर भी यदि वह नहीं गिराते हैं तो नगर निगम गिरवाएगा। जिसकी क्षतिपूर्ति भवन स्वामी को देनी होगी। वहीं यदि भवन मालिक स्वयं गिराते हैं तो मलबा नगर निगम मुफ्त उठाएगा। नगर निगम के आयुक्त रविशंकर गुप्ता ने बताया कि अयोध्या के जर्जर भवनों व मंदिरों के स्वामियों को नोटिस भेजकर आगाह किया जा रहा है। क्षति होने पर भवनों व मंदिर के मालिक जिम्मेदार होंगे। उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी, मौत होने पर आपराधिक मुकदमा भी दर्ज कराया जाएगा।
विज्ञापन
अयोध्या। रामनगरी के जर्जर मठ-मंदिरों में सावन मेले में आने वाले श्रद्धालुओं के ठहरने पर प्रशासन ने रोक लगा दी है। अयोध्या में कुल 177 मठ-मंदिर एवं भवन जर्जर चिह्नित किए गए हैं। इन भवनों के स्वामियों को नोटिस भेजकर श्रद्धालुओं को न ठहरने देने को लेकर आगाह किया गया है। फिर भी यदि श्रद्धालु ठहरते हैं और कोई क्षति होती है तो इसकी जिम्मेदारी भवन स्वामी की होगी। उसके विरुद्घ आपराधिक मुकदमा दर्ज भी किया जा सकता है।
अयोध्या के जर्जर मठ-मंदिरों को लेकर नगर निगम अब सचेत हो चुका है। नगर निगम द्वारा जर्जर भवनों पर नोटिस चस्पा कराए जा रहे हैं। साथ ही भवन स्वामियों को सचेत किया गया है कि सावन मेले में आने वाले श्रद्धालुओं को न ठहराएं। फिर भी यदि श्रद्धालु ठहरते हैं और कोई क्षति होती है तो इसका उत्तरदायित्व भवन स्वामी पर होगा। सावन मेले में लाखों श्रद्धालु उमड़ते हैं, उनका ठिकाना अयोध्या के मठ-मंदिर ही होते हैं। अधिकांश मठ-मंदिर सैकड़ों वर्ष पुराने होने के कारण जर्जर हो चुके हैं। विगत वर्षों में सावन मेले के दौरान अयोध्या के यादव मंदिर की छत ढहने से दो श्रद्धालुओं की मौत भी हो चुकी है। ऐसी घटना फिर न हो इसको लेकर प्रशासन सतर्क है। प्रशासन ने जर्जर भवनों के स्वामियों को भवन ढहाने का निर्देश दिया है। फिर भी यदि वह नहीं गिराते हैं तो नगर निगम गिरवाएगा। जिसकी क्षतिपूर्ति भवन स्वामी को देनी होगी। वहीं यदि भवन मालिक स्वयं गिराते हैं तो मलबा नगर निगम मुफ्त उठाएगा। नगर निगम के आयुक्त रविशंकर गुप्ता ने बताया कि अयोध्या के जर्जर भवनों व मंदिरों के स्वामियों को नोटिस भेजकर आगाह किया जा रहा है। क्षति होने पर भवनों व मंदिर के मालिक जिम्मेदार होंगे। उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी, मौत होने पर आपराधिक मुकदमा भी दर्ज कराया जाएगा।
विज्ञापन