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फैजाबाद और बाराबंकी की राइस मिलों का होगा टैक्स एसेसमेंट
Updated Sat, 25 Nov 2017 10:46 PM IST
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फैजाबाद। फैजाबाद और बाराबंकी की राइस मिलों का टैक्स एसेसमेंट किया जाएगा। वाणिज्य कर विभाग इसके लिए दोनों जिलों की राइस मिलों को नोटिस जारी कर रहा है।
ये एसेसमेंट वर्ष 2014-15 की सरकार से जारी की गई लेवी नीति के तहत किया जाएगा। विभाग के मुताबिक साल 2014-15 में सरकार की लेवी नीति के मुताबिक धान खरीद का 25 फीसदी चावल सरकार को सप्लाई करना था।
शेष 75 फीसदी चावल बाजार में बेचना था। जिस पर सरकार द्वारा निर्धारित टैक्स अदा किया जाना था। इसमें गड़बड़ी को लेकर विभाग में शिकायत की गई थी। इसके बाद विभाग ने कार्रवाई शुरू की।
पहले तो उन राइस मिलों को नोटिस जारी किया गया, जिनके आंकड़ों में अंतर की संभावना थी मगर बाद में नए निर्देश के मुताबिक इससे जुड़ी फैजाबाद और बाराबंकी की सभी राइस मिलों को नोटिस जारी करने की कार्रवाई शुरू कर दी गई।
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अभिलेखों से अक्तूबर 2014 से मार्च 2015 के बीच खरीदे गए धान से बने चावल में लेवी के साथ बाजार में बेचने वाले चावल की पड़ताल की जाएगी।
इसके साथ ही बाजार में बेचे गए चावल पर अदा किए गए टैक्स की एसेसमेंट किया जाएगा। इसके लिए जिला विपणन अधिकारी से भी धान खरीद की रिपोर्ट लेने की तैयारी है।
वाणिज्य कर विभाग के डिप्टी कमिश्नर विशेष अनुसंधान शाखा मुसाफिर प्रसाद ने बताया कि, फैजाबाद व बाराबंकी की लगभग पांच दर्जन राइस मिलों को सरकार की 2014-15 की लेवी नीति के तहत एसेसमेंट के लिए नोटिस जारी किया जा रहा है।
धान खरीद के साथ सरकार को आपूर्ति किए गए चावल और बाजार में बेचे गए चावल के आधार पर अदा किए गए टैक्स का मिलान किया जाएगा।
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ये एसेसमेंट वर्ष 2014-15 की सरकार से जारी की गई लेवी नीति के तहत किया जाएगा। विभाग के मुताबिक साल 2014-15 में सरकार की लेवी नीति के मुताबिक धान खरीद का 25 फीसदी चावल सरकार को सप्लाई करना था।
शेष 75 फीसदी चावल बाजार में बेचना था। जिस पर सरकार द्वारा निर्धारित टैक्स अदा किया जाना था। इसमें गड़बड़ी को लेकर विभाग में शिकायत की गई थी। इसके बाद विभाग ने कार्रवाई शुरू की।
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पहले तो उन राइस मिलों को नोटिस जारी किया गया, जिनके आंकड़ों में अंतर की संभावना थी मगर बाद में नए निर्देश के मुताबिक इससे जुड़ी फैजाबाद और बाराबंकी की सभी राइस मिलों को नोटिस जारी करने की कार्रवाई शुरू कर दी गई।
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अभिलेखों से अक्तूबर 2014 से मार्च 2015 के बीच खरीदे गए धान से बने चावल में लेवी के साथ बाजार में बेचने वाले चावल की पड़ताल की जाएगी।
इसके साथ ही बाजार में बेचे गए चावल पर अदा किए गए टैक्स की एसेसमेंट किया जाएगा। इसके लिए जिला विपणन अधिकारी से भी धान खरीद की रिपोर्ट लेने की तैयारी है।
वाणिज्य कर विभाग के डिप्टी कमिश्नर विशेष अनुसंधान शाखा मुसाफिर प्रसाद ने बताया कि, फैजाबाद व बाराबंकी की लगभग पांच दर्जन राइस मिलों को सरकार की 2014-15 की लेवी नीति के तहत एसेसमेंट के लिए नोटिस जारी किया जा रहा है।
धान खरीद के साथ सरकार को आपूर्ति किए गए चावल और बाजार में बेचे गए चावल के आधार पर अदा किए गए टैक्स का मिलान किया जाएगा।