फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Ayodhya News ›   80 posts of doctors are vacant, how everyone got treatment

डॉक्टरों के 80 पद खाली, कैसे मिले सबको इलाज

Sat, 02 Apr 2022 11:03 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Sat, 02 Apr 2022 11:03 PM IST
विज्ञापन
80 posts of doctors are vacant, how everyone got treatment
अयोध्या। सरकार आमजन तक चिकित्सा सुविधाएं पहुंचाने के लिए काफी रुपये खर्च करके अस्पताल तो बनवा रही है लेकिन डॉक्टरों की कमी से मकसद पूरा नहीं हो पा रहा है। चिकित्सीय सेवाएं कराहती नजर आ रही हैं। जिले के चार जिला स्तरीय अस्पतालों की बात करें तो विशेषज्ञों के आधे से अधिक पद खाली हैं जिनकी वजह से मौजूद संसाधनों का भी समुचित लाभ नहीं मिल रहा है। अब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा चिकित्सकों के रिक्त पदों को भरने की घोषणा से कुछ हद तक कमी दूर होने की उम्मीद जगी है।
विज्ञापन

जिले की आबादी करीब 29 लाख है। इतनी बड़ी आबादी को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मुहैया कराने के लिए चार जिला स्तरीय अस्पताल क्रमश: जिला अस्पताल, जिला महिला अस्पताल, राजकीय श्रीराम चिकित्सालय अयोध्या व सौ शय्या चिकित्सालय कुमारगंज के अलावा राजर्षि दशरथ मेडिकल कॉलेज व सीएमओ के अधीन संचालित 28 पीएचसी व 14 सीएचसी हैं। इन अस्पतालों में बेहतर जांचों व संसाधनों का तो रोना है ही, विशेषज्ञों का भी टोटा है। इस वजह से आमजन को मौजूद संसाधनों का भी समुचित लाभ नहीं मिल पा रहा है।
विज्ञापन

सिर्फ जिला स्तरीय चार अस्पतालों की बात करें तो हालात काफी बदतर नजर आ रहे हैं। इन अस्पतालों में चिकित्सकों के पद तो करीब 140 स्वीकृत हैं लेकिन तैनाती सिर्फ 60 की है और 80 पद रिक्त हैं। इन सभी अस्पतालों में सुपर स्पेशलिटी का एक भी चिकित्सक न होने से हृदय, किडनी, गैस्ट्रो, न्यूरो, नेफ्रो व यूरो आदि से संबंधित मरीजों का उपचार संभव नहीं हो पाता है। वहीं, जिला अस्पताल को छोड़कर शेष तीनों जिला स्तरीय अस्पतालों में एक भी रेडियोलॉजिस्ट नहीं हैं जबकि अल्ट्रासाउंड मशीनें मौजूद हैं। इससे जांच नहीं हो पाती है।
विज्ञापन
विज्ञापन

मंडल मुख्यालय पर स्थित जिला अस्पताल में हर समय मरीजों का तांता लगा रहता है। यहां जनपद के अलावा निकटवर्ती जिले के मरीज भी आते हैं लेकिन यहां स्वीकृत 46 पदों के सापेक्ष 23 की ही तैनाती हैं। इनमें फिजीशियन के सभी तीन, अति विशिष्ट विशेषज्ञ के सभी पांच, ईएमओ के सभी चार व अधीक्षक का एक पद खाली है।
यही हाल रामनगरी में संचालित श्रीराम अस्पताल का है। यहां स्वीकृत 30 पदों की तुलना में 17 पद खाली हैं। यह अस्पताल भी सर्जन, फिजीशियन, रेडियोलॉजिस्ट, कार्डियोलॉजिस्ट व चर्म रोग विशेषज्ञ विहीन है। इसी तरह जिला महिला अस्पताल में सौ शय्या के मैटरनिटी विंग को मिलाकर 35 पद स्वीकृत हैं जिनमें से सिर्फ आठ की ही तैनाती है और 27 पद रिक्त हैं। यहां भी रेडियोलॉजिस्ट न होने से महिलाओं को अल्ट्रासाउंड तक की सेवा नहीं मिल पाती है।

चिकित्सकों की कमी दूर करने के लिए सरकार प्रयासरत है। चिकित्सकों की कमी का ब्योरा मांगा गया था जिसे अस्पतालवार भेजा गया है। शासन स्तर पर प्रक्रिया चल रही है। उम्मीद है कि शीघ्र ही चिकित्सकों की तैनाती होगी।
-डॉ. सतीश श्रीवास्तव, अपर निदेशक, चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed