फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Ayodhya News ›   5 जी टेक्नोलॉजी को ग्रामीण स्तर तक पहुंचाएं युवा: प्रो. मनोज दीक्षित

5 जी टेक्नोलॉजी को ग्रामीण स्तर तक पहुंचाएं युवा: प्रो. मनोज दीक्षित

Mon, 01 Apr 2019 11:48 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Mon, 01 Apr 2019 11:48 PM IST
विज्ञापन
5 जी टेक्नोलॉजी को ग्रामीण स्तर तक पहुंचाएं युवा: प्रो. मनोज दीक्षित
‘5 जी टेक्नोलॉजी को ग्रामीण स्तर तक पहुंचाएं युवा’
विज्ञापन

अयोध्या। अमेरिका एवं यूरोप के देशों में युवाओं को रोजगार के अवसर न तलाशते हुए अपने ही देश में 5-जी की टेक्नोलॉजी को ग्रामीण क्षेत्रों में उपलब्ध कराने का अवसर पैदा करना चाहिए।

इससे देश में रोजगार के साथ-साथ बेहतर टेक्नोलॉजी सबके लिए सुलभ हो सकेगी। यह बातें डॉ. राममनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. मनोज दीक्षित ने आईईटी संस्थान एवं एआईटी बंगलूरू के संयुक्त संयोजन में ‘5-जी इंडस्ट्रीयल इंटरनेट ऑफ थिंग्स’ विषय पर एक सप्ताह तक चलने वाली कार्यशाला के उद्घाटन सत्र के अवसर पर कहीं।
विज्ञापन


उन्होंने कहा कि आज के परिवेश में टेक्नोलॉजी को जानने वाले समाज और न जानने वाले समाज के रूप में चिह्नित किया जायेगा। कुलपति ने आह्वान किया कि समाज का प्रत्येक व्यक्ति आधुनिक तकनीक से परिचित हो सके इसके लिए कार्य किया जाये। ऑनलाइन बैंकिंग, सोशल नेटर्वक का प्रयोग, स्मार्टफोन का प्रयोग जैसी तकनीक सभी लोगों तक सुलभ हो इस पर रिसर्च की आवश्यकता है।
विज्ञापन
विज्ञापन


विशिष्ट अतिथि आईआईएससी बंगलूरू के प्रो. चंद्रमणी किशोर सिंह ने इंटरनेट ऑफ थिंग्स पर अपना विचार रखते हुए बताया कि यह क्षेत्र वर्तमान समय के लिए आवश्यक एवं महत्वपूर्ण है। इस क्षेत्र में चुनौतियों के साथ प्रगति की भी अपार संभावनाएं है। आईआईटी रोपण के डॉ. सत्यम अग्रवाल ने नेटर्वक इन 5-जी नेटर्वक को कैसे बेहतर उपयोग के लिए बनाया जा सके इस विषय पर तकनीकी पक्षों को प्रस्तुत किया।

कोरिया गणराज्य के इं. विशाल करिरा ने वर्तमान ट्रेंड एवं तकनीक 5-जी के लिए जो मुख्य रूप आवश्यक है उस पर विस्तार से प्रकाश डाला। कार्यपरिषद सदस्य ओम प्रकाश सिंह ने कहा संस्थान निरंतर तकनीकी शिक्षा में प्रगति की ओर अग्रसर है। यदि प्रगति की इसी गति पर हम गतिशील रहे तो आने वाले वर्षों में संस्थान प्रदेश के अग्रणी संस्थानों में होगा।

कार्यशाला की नोडल ऑफिसर डॉ. प्रियंका श्रीवास्तव ने बताया कि कार्यशाला दूसरे दिन आईआईएम ट्रिची के डॉ. प्रशांत गुप्ता, डॉ. अंबेडकर इस्टीट्यूट की डॉ. रश्मि गुप्ता एवं मन्जू खारी का प्रमुख व्याख्यान प्रस्तुत करेंगे। संस्थान के शिक्षक इं. रमेश मिश्र ने स्वागत उद्बोधन में कार्यशाला के उद्देश्यों पर विस्तार से प्रकाश डाला ।


इसके पहले कार्यशाला का शुभारंभ मां सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलन के साथ किया गया। इस अवसर पर प्रथम एलुमिनी मीट के एलबम का अनावरण कुलपति द्वारा किया गया। कार्यशाला का संचालन इं. शाम्भवी शुक्ला ने किया। धन्यवाद ज्ञापन इं. अनुराग सिंह द्वारा दिया गया।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed