{"_id":"5b142d3b4f1c1ba16e8b60f1","slug":"71528048955-faizabad-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"जिले के अस्पतालों में दवाओं का अकाल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जिले के अस्पतालों में दवाओं का अकाल
Updated Sun, 03 Jun 2018 11:32 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अस्पतालों में दवाओं का अकाल
फैजाबाद। जिला अस्पताल, महिला अस्पताल समेत जिले के तमाम स्वास्थ्य इकाइयों पर अनेक जरूरी दवाओं का अकाल है। ऐसे में मरीज को निशुल्क और बेहतर चिकित्सीय सुविधाएं मुहैया कराने का सरकार का दावा खोखला साबित हो रहा है। अस्पतालों में हर तीसरा मरीज मेडिकल स्टोर की शरण में जाने को विवश हैं।
जिले की 29 लाख आबादी के इलाज के लिए प्रमुख रूप से बड़े स्वास्थ्य इकाइयों में जिला अस्पताल, जिला महिला अस्पताल, राजकीय श्रीराम चिकित्सालय अयोध्या, दर्शननगर स्थित मंडलीय चिकित्सालय संचालित हैं। इन दिनों भीषण गर्मी में अनेक संक्रामक रोगों का कहर भी व्याप्त है। अस्पतालों में संसाधनों, चिकित्सकों का रोना तो पहले से ही है, इन दिनों सभी अस्पतालों में कई जरूरी दवाओं की कमी है। दवाओं की आपूर्ति न होने से मरीजों की जेबें ढीली हो रही हैं साथ ही सरकार का गरीब जनता को मुफ्त व बेहतर चिकित्सा का दावा भी छलावा साबित हो रहा है।
अकेले जिला अस्पताल की बात करें तो यहां प्रतिदिन की ओपीडी 15 सौ से दो हजार के निकट है। यहां प्रतिदिन की ओपीडी में 50 प्रतिशत मरीज इन दिनों डायरिया, खांसी, खुजली, फंगल इंफेक्शन, धूप की एलर्जी, शरीर में चकत्ते, मुहासे, सोरियोसिस, पेट की अन्य समस्याओं आदि के आ रहे हैं। लेकिन इनके इलाज के लिए मामूली दवाएं ही उपलब्ध हैं। सांस फूलने की दवा, पेट संबंधी अन्य दवाओं की भी कमी है। त्वचा संबंधी रोगों के लिए एंटी फंगल क्रीम, टेबलेट, एंटी एलर्जिक टेबलेट, एंटीबायोटिक टेबलेट आदि लंबे समय से गायब है। यहां बीते माह से 110 दवाओं की उपलब्धता का दावा किया जा रहा है जबकि 66 दवाओं की मांग की गई है। श्रीराम चिकित्सालय में इन दिनों कुल 70 दवाओं की उपलब्धता बताई जा रही है, जबकि 167 दवाओं का इंडेंट गया है। दवाओं की कमी की वजह से हर समय अस्पताल के बाहर बने मेडिकल स्टोर पर मरीजों का तांता लगा रहता है। सीएमएस डॉ. अनिल कुमार ने बताया कि इन दिनों एंटी बायोटिक की कुछ कमी है, आर्डर किया गया है। यहां एआरवी भी मौजूद नहीं है। जिला महिला अस्पताल में इन दिनों 120 दवाएं उपलब्ध हैं। इसमें कई दवाएं प्रचुर मात्रा में मौजूद नहीं हैं। इमरजेंसी में एलपी से काम चलाया जा रहा है। सीएमएस डॉ. श्रीकांत शुक्ला ने बताया कि करीब 20 दवाओं के लिए इंडेंट भेजा गया है। जो दवाएं आपूर्ति नहीं हो पाती हैं, उनका स्थानीय स्तर पर इंतजाम किया जाता है। अधिक भीड़ न होने की वजह से दवाओं की बेहतर स्थिति दर्शननगर स्थित सौ शैय्या के मंडलीय चिकित्सालय में है। यहां लगभग सभी आवश्यक दवाओं की उपलब्धता का दावा किया जा रहा है। सीएमएस डॉ. घनश्याम सिंह ने बताया कि अस्पताल में कुल लगभग सौ दवाएं मौजूद हैं, जबकि करीब 25 का इंडेंट भेजा गया है।
विज्ञापन
दवाओं की उपलब्धता पर एक नजर..
अस्पताल मौजूद दवाएं इंडेंट दवाओं की संख्या
जिला अस्पताल 110 66
जिला महिला अस्पताल 120 20
श्रीराम अस्पताल 70 167
मंडलीय चिकित्सालय 100 25
अस्पताल में लगभग सभी आवश्यक दवाएं मौजूद हैं। जिनकी कमी है, उनके लिए मांग पत्र प्रेषित किया गया है। 45 दिन में दवाओं की आपूर्ति न होने पर फिर मांग पत्र भेजा जाता है। आवश्यक दवाएं खत्म होने पर स्थानीय स्तर पर खरीदारी कर काम चलाया जाता है।-डॉ. सीबी द्विवेदी, प्रभारी सीएमओ फैजाबाद
विज्ञापन
फैजाबाद। जिला अस्पताल, महिला अस्पताल समेत जिले के तमाम स्वास्थ्य इकाइयों पर अनेक जरूरी दवाओं का अकाल है। ऐसे में मरीज को निशुल्क और बेहतर चिकित्सीय सुविधाएं मुहैया कराने का सरकार का दावा खोखला साबित हो रहा है। अस्पतालों में हर तीसरा मरीज मेडिकल स्टोर की शरण में जाने को विवश हैं।
जिले की 29 लाख आबादी के इलाज के लिए प्रमुख रूप से बड़े स्वास्थ्य इकाइयों में जिला अस्पताल, जिला महिला अस्पताल, राजकीय श्रीराम चिकित्सालय अयोध्या, दर्शननगर स्थित मंडलीय चिकित्सालय संचालित हैं। इन दिनों भीषण गर्मी में अनेक संक्रामक रोगों का कहर भी व्याप्त है। अस्पतालों में संसाधनों, चिकित्सकों का रोना तो पहले से ही है, इन दिनों सभी अस्पतालों में कई जरूरी दवाओं की कमी है। दवाओं की आपूर्ति न होने से मरीजों की जेबें ढीली हो रही हैं साथ ही सरकार का गरीब जनता को मुफ्त व बेहतर चिकित्सा का दावा भी छलावा साबित हो रहा है।
विज्ञापन
अकेले जिला अस्पताल की बात करें तो यहां प्रतिदिन की ओपीडी 15 सौ से दो हजार के निकट है। यहां प्रतिदिन की ओपीडी में 50 प्रतिशत मरीज इन दिनों डायरिया, खांसी, खुजली, फंगल इंफेक्शन, धूप की एलर्जी, शरीर में चकत्ते, मुहासे, सोरियोसिस, पेट की अन्य समस्याओं आदि के आ रहे हैं। लेकिन इनके इलाज के लिए मामूली दवाएं ही उपलब्ध हैं। सांस फूलने की दवा, पेट संबंधी अन्य दवाओं की भी कमी है। त्वचा संबंधी रोगों के लिए एंटी फंगल क्रीम, टेबलेट, एंटी एलर्जिक टेबलेट, एंटीबायोटिक टेबलेट आदि लंबे समय से गायब है। यहां बीते माह से 110 दवाओं की उपलब्धता का दावा किया जा रहा है जबकि 66 दवाओं की मांग की गई है। श्रीराम चिकित्सालय में इन दिनों कुल 70 दवाओं की उपलब्धता बताई जा रही है, जबकि 167 दवाओं का इंडेंट गया है। दवाओं की कमी की वजह से हर समय अस्पताल के बाहर बने मेडिकल स्टोर पर मरीजों का तांता लगा रहता है। सीएमएस डॉ. अनिल कुमार ने बताया कि इन दिनों एंटी बायोटिक की कुछ कमी है, आर्डर किया गया है। यहां एआरवी भी मौजूद नहीं है। जिला महिला अस्पताल में इन दिनों 120 दवाएं उपलब्ध हैं। इसमें कई दवाएं प्रचुर मात्रा में मौजूद नहीं हैं। इमरजेंसी में एलपी से काम चलाया जा रहा है। सीएमएस डॉ. श्रीकांत शुक्ला ने बताया कि करीब 20 दवाओं के लिए इंडेंट भेजा गया है। जो दवाएं आपूर्ति नहीं हो पाती हैं, उनका स्थानीय स्तर पर इंतजाम किया जाता है। अधिक भीड़ न होने की वजह से दवाओं की बेहतर स्थिति दर्शननगर स्थित सौ शैय्या के मंडलीय चिकित्सालय में है। यहां लगभग सभी आवश्यक दवाओं की उपलब्धता का दावा किया जा रहा है। सीएमएस डॉ. घनश्याम सिंह ने बताया कि अस्पताल में कुल लगभग सौ दवाएं मौजूद हैं, जबकि करीब 25 का इंडेंट भेजा गया है।
विज्ञापन
दवाओं की उपलब्धता पर एक नजर..
अस्पताल मौजूद दवाएं इंडेंट दवाओं की संख्या
जिला अस्पताल 110 66
जिला महिला अस्पताल 120 20
श्रीराम अस्पताल 70 167
मंडलीय चिकित्सालय 100 25
अस्पताल में लगभग सभी आवश्यक दवाएं मौजूद हैं। जिनकी कमी है, उनके लिए मांग पत्र प्रेषित किया गया है। 45 दिन में दवाओं की आपूर्ति न होने पर फिर मांग पत्र भेजा जाता है। आवश्यक दवाएं खत्म होने पर स्थानीय स्तर पर खरीदारी कर काम चलाया जाता है।-डॉ. सीबी द्विवेदी, प्रभारी सीएमओ फैजाबाद