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सत्य विचार से ही बनते हैं शोध : प्रो. मिश्र

Sat, 24 Feb 2018 10:49 PM IST
Updated Sat, 24 Feb 2018 10:49 PM IST
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सत्य विचार से ही बनते हैं शोध : प्रो. मिश्र
सत्य विचार से ही बनते हैं शोध : प्रो. मिश्र
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अविवि के पूर्व कुलपति ने कहा, प्रतिभागी कभी न छोड़ें सत्य का साथ
अवध विश्वविद्यालय में दो दिवसीय स्टूडेंट रिसर्च कन्वेंशन का आगाज

फैजाबाद। डॉ. राम मनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय के आईईटी एवं भारतीय विश्वविद्यालय संघ (पूर्वी जोन) के संयुक्त तत्वावधान में दो दिवसीय स्टूडेंट रिसर्च कन्वेंशन ‘अन्वेषण-2018’ का शुभारंभ करते हुए मुख्य अतिथि डॉ. राम मनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति प्रो. आरबी मिश्र ने कहा कि सत्य विचार ही शोध बनते हैं। अनुसंधान में बारंबार प्रयास करने पर ही नए ज्ञान की प्राप्ति होती है। उन्होंने प्रतिभागियों का आह्वान करते कहा कि शोध के क्षेत्र में संयम के साथ सही दिशा में सतत प्रयासरत रहना चाहिए। सत्य का साथ कभी नहीं छोड़ना चाहिए। सत्य ही एक दिन आपके जीवन में कभी न कभी जरूर काम आएगा और आप निश्चित ही अन्वेषण यात्रा में सफल होेंगे। आज की युवा पीढ़ी को अपने देश की धरोहर को जानने की जरूरत हैै।

कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि मदन मोहन मालवीय तकनीकी विश्वविद्यालय गोरखपुर के कुलपति प्रो. एसएन सिंह ने कहा कि हमारे देश में पढ़ाना बहुत कम लोग पसंद करते हैं। अधिसंख्य लोग केवल आजीविका के लिए शिक्षा के क्षेत्र मेें आते हैं। भारत में सबसे कम महत्व शिक्षा क्षेत्र को दिया जाता है। सरकार विश्वविद्यालय में पढ़ाई पहले करा देती है, जबकि मूलभूत आवश्यकताओं को बाद में प्रदान करती है। ऐसे में शोध की दशा-दिशा क्या होगी? कुलपति ने कहा कि शोध मूलत: पद्धतियों के अनुपालन से संपादित होता है। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए न्यू जर्सी के रूटगर्स विश्वविद्यालय के प्रो. राम प्रताप तिवारी ने कहा कि हमें सही संस्थान का चयन करना होगा, जहां से हमें अच्छी शिक्षा प्राप्त हो सके। कार्यक्रम में भारतीय विश्वविद्यालय संघ के शोध प्रभाग के निदेशक डॉ. अमरेंद्र पाणी ने ‘अन्वेषण-2018’ पर प्रकाश डालते हुए कहा कि 1925 में इस संघ का गठन विश्वविद्यालयों के विभिन्न कार्यों को सुचारु रूप से संचालन के लिए किया गया है। वर्तमान में इसके पांच जोन, ईस्ट, वेस्ट, नार्थ, साउथ एवं सेंट्रल हैं। संघ का लक्ष्य है कि देश में विश्वविद्यालयों को शोध, ज्ञान एवं सृजन के क्षेत्र में मजबूती प्रदान की जा सके। कार्यक्रम में अतिथियों का प्रो. आरएल सिंह, प्रो. राजीव गौड़, प्रो. आरपी मिश्रा, डॉ. प्रियंका श्रीवास्तव, डॉ. श्रीश अस्थाना ने स्वागत किया।
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