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शिक्षक-कर्मियों की हड़ताल से ठप हुआ काम-काज
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हड़ताल से ठप हुआ कामकाज, परेशानी
अयोध्या। पुरानी पेंशन बहाली को लेकर शिक्षक- कर्मचारियों की हड़ताल से बुधवार को सरकारी स्कूलों समेत दफ्तरों में कामकाज ठप रहा। जगह-जगह तालाबंदी करके शिक्षकों व कर्मचारियों ने कार्यालयों पर धरना-प्रदर्शन किया।
इस दौरान जुलूस निकाल नारेबाजी की गई। इससे बच्चों व लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ा। यही नहीं शिक्षकों ने एलान किया कि बोर्ड परीक्षा में ड्यूटी व चुनाव प्रशिक्षण का बहिष्कार करेंगे।
कर्मचारी, शिक्षक व अधिकारी पुरानी पेंशन बहाली मंच के बैनर तले हड़ताल गुरुवार को भी जारी रहेगी। मंच के संयोजक ओपी सिंह, अध्यक्ष नीलमणि त्रिपाठी के नेतृत्व में सदर तहसील के सामने बुधवार को कर्मचारियों ने नारेबाजी की।
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यहां से जुलूस की शक्ल में शिक्षा भवन, सिंचाई विभाग, लोक निर्माण विभाग, वाणिज्यकर सहित अन्य विभाग होते हुए कोषागार पहुंचे। यहां कर्मचारियों ने बंदी कराई इसके बाद कलक्ट्रेट पहुंचे।
यहां से सभी कर्मचारियों ने विकास भवन पहुंचकर धरना देकर नारेबाजी की। संयोजक ओपी सिंह ने कहा कि कर्मचारी सरकार की घुड़की से डरने वाले नहीं है। अध्यक्ष नीलमणि त्रिपाठी ने कहा कि कोई भी शिक्षक बोर्ड परीक्षा में ड्यूटी नहीं करेगा न ही चुनाव प्रशिक्षण प्राप्त करेगा।
डिप्लोमा इंजीनियरों ने बोर्ड परीक्षा में स्टेटिक मजिस्ट्रेटों की ड्यूटी और चुनाव प्रशिक्षण का बहिष्कार किया है। इस दौरान महेश चंद्र तिवारी, नरेश शुक्ल, डेनियल भारती, राम प्रकाश सिंह, किरन लता मिश्रा, रेखा सिंह, अनीता सिंह, माया पांडेय सहित अन्य लोग शामिल थे।
जूनियर हाईस्कूल शिक्षकों ने जिला संयोजक आदित्य नारायन मिश्र, समरजीत सिंह, अशोक जायसवाल, अनूप प्रियदर्शी के साथ तालाबंदी कर हड़ताल में शामिल हुए। विशिष्ट बीटीसी संघ के मंडल अध्यक्ष वीरेंद्र प्रताप सिंह, अनिल प्रजापति, दिनेश तिवारी के साथ हड़ताल पर रहे।
सोहावल प्रनिनिधि के मुताबिक तहसील मुख्यालय पर राजस्व संग्रह अमीन व लेखपाल संघ के कर्मियों ने धरना देकर नारेबाजी की। प्राथमिक शिक्षकों ने एबीएसए कार्यालय अरकुना पर धरना प्रदर्शन व नारेबाजी की।
धरने में साधू सरन यादव, शशिकांत तिवारी, धीरेंद्र तिवारी, सुरेश कुमार,आदि शामिल रहे। तारुन प्रतिनिधि के मुताबिक शिक्षकों व ब्लॉक कर्मियों ने कार्य बहिष्कार कर धरना प्रदर्शन किया।
शिक्षक संघ के राजेश दुबे व सतेंद्र पाठक ने बताया कि सभी 197 परिषदीय स्कूलों के शिक्षकों ने स्कूलों में ताला बंदी कर ब्लॉक संसाधन केंद्र तारुन पर धरना दिया। धरने में राम गोपाल यादव, राजेश सिंह, अशोक यादव, अर्चना शर्मा सहित अन्य लोग थे।
राजकीय वाहन चालक महासंघ के बैनर तले सभी राजकीय वाहनों चालकों ने सरकारी वाहनों का चक्का जाम करके लोक निर्माण विभाग स्थिति कार्यालय पर बैठक की। बैठक में अब्दुल अलीम खान, सुरेश संह, मसरूर अहमद, अजय कुमार, अनिल, सतीश सहित अन्य लोग थे।
डीएम डॉ. अनिल कुमार ने सभी कार्यालयाध्यक्षों से अनुपस्थित रहने वाले कर्मियों और अध्यापकों की रिपोर्ट मांगी है। उन्होंने कार्यालयाध्यक्षों और खंड शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे अपने अधीनस्थ सभी कर्मचारियों एवं अध्यापकों को सचेत कर दें।
शासन से छह माह की अवधि के लिए एस्मा लागू कर हड़ताल को निषिद्ध कर दिया गया है। जिसका कड़ाई से पालन कराया जाएगा। कहा कि शिक्षामित्र व अनुदेशक यदि बृहस्पतिवार को काम पर नहीं लौटे तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
यही नहीं नव नियुक्त शिक्षक भी अगर काम पर नहीं मिले तो उनकी सेवाएं समाप्त करने जैसी कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि सभी प्रधानों की जिम्मेदारी है कि उनके क्षेत्र में सरकारी स्कूल खुलें और बच्चों को एमडीएम दिया जाए।
असहयोग करने वाले और हड़ताल के लिए उकसाने वाले के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने सभी से अपील की है कि वे समय से अपने कार्य स्थल पहुंचकर कार्य संपन्न करें।
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अयोध्या। पुरानी पेंशन बहाली को लेकर शिक्षक- कर्मचारियों की हड़ताल से बुधवार को सरकारी स्कूलों समेत दफ्तरों में कामकाज ठप रहा। जगह-जगह तालाबंदी करके शिक्षकों व कर्मचारियों ने कार्यालयों पर धरना-प्रदर्शन किया।
इस दौरान जुलूस निकाल नारेबाजी की गई। इससे बच्चों व लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ा। यही नहीं शिक्षकों ने एलान किया कि बोर्ड परीक्षा में ड्यूटी व चुनाव प्रशिक्षण का बहिष्कार करेंगे।
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कर्मचारी, शिक्षक व अधिकारी पुरानी पेंशन बहाली मंच के बैनर तले हड़ताल गुरुवार को भी जारी रहेगी। मंच के संयोजक ओपी सिंह, अध्यक्ष नीलमणि त्रिपाठी के नेतृत्व में सदर तहसील के सामने बुधवार को कर्मचारियों ने नारेबाजी की।
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यहां से जुलूस की शक्ल में शिक्षा भवन, सिंचाई विभाग, लोक निर्माण विभाग, वाणिज्यकर सहित अन्य विभाग होते हुए कोषागार पहुंचे। यहां कर्मचारियों ने बंदी कराई इसके बाद कलक्ट्रेट पहुंचे।
यहां से सभी कर्मचारियों ने विकास भवन पहुंचकर धरना देकर नारेबाजी की। संयोजक ओपी सिंह ने कहा कि कर्मचारी सरकार की घुड़की से डरने वाले नहीं है। अध्यक्ष नीलमणि त्रिपाठी ने कहा कि कोई भी शिक्षक बोर्ड परीक्षा में ड्यूटी नहीं करेगा न ही चुनाव प्रशिक्षण प्राप्त करेगा।
डिप्लोमा इंजीनियरों ने बोर्ड परीक्षा में स्टेटिक मजिस्ट्रेटों की ड्यूटी और चुनाव प्रशिक्षण का बहिष्कार किया है। इस दौरान महेश चंद्र तिवारी, नरेश शुक्ल, डेनियल भारती, राम प्रकाश सिंह, किरन लता मिश्रा, रेखा सिंह, अनीता सिंह, माया पांडेय सहित अन्य लोग शामिल थे।
जूनियर हाईस्कूल शिक्षकों ने जिला संयोजक आदित्य नारायन मिश्र, समरजीत सिंह, अशोक जायसवाल, अनूप प्रियदर्शी के साथ तालाबंदी कर हड़ताल में शामिल हुए। विशिष्ट बीटीसी संघ के मंडल अध्यक्ष वीरेंद्र प्रताप सिंह, अनिल प्रजापति, दिनेश तिवारी के साथ हड़ताल पर रहे।
सोहावल प्रनिनिधि के मुताबिक तहसील मुख्यालय पर राजस्व संग्रह अमीन व लेखपाल संघ के कर्मियों ने धरना देकर नारेबाजी की। प्राथमिक शिक्षकों ने एबीएसए कार्यालय अरकुना पर धरना प्रदर्शन व नारेबाजी की।
धरने में साधू सरन यादव, शशिकांत तिवारी, धीरेंद्र तिवारी, सुरेश कुमार,आदि शामिल रहे। तारुन प्रतिनिधि के मुताबिक शिक्षकों व ब्लॉक कर्मियों ने कार्य बहिष्कार कर धरना प्रदर्शन किया।
शिक्षक संघ के राजेश दुबे व सतेंद्र पाठक ने बताया कि सभी 197 परिषदीय स्कूलों के शिक्षकों ने स्कूलों में ताला बंदी कर ब्लॉक संसाधन केंद्र तारुन पर धरना दिया। धरने में राम गोपाल यादव, राजेश सिंह, अशोक यादव, अर्चना शर्मा सहित अन्य लोग थे।
राजकीय वाहन चालक महासंघ के बैनर तले सभी राजकीय वाहनों चालकों ने सरकारी वाहनों का चक्का जाम करके लोक निर्माण विभाग स्थिति कार्यालय पर बैठक की। बैठक में अब्दुल अलीम खान, सुरेश संह, मसरूर अहमद, अजय कुमार, अनिल, सतीश सहित अन्य लोग थे।
डीएम डॉ. अनिल कुमार ने सभी कार्यालयाध्यक्षों से अनुपस्थित रहने वाले कर्मियों और अध्यापकों की रिपोर्ट मांगी है। उन्होंने कार्यालयाध्यक्षों और खंड शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे अपने अधीनस्थ सभी कर्मचारियों एवं अध्यापकों को सचेत कर दें।
शासन से छह माह की अवधि के लिए एस्मा लागू कर हड़ताल को निषिद्ध कर दिया गया है। जिसका कड़ाई से पालन कराया जाएगा। कहा कि शिक्षामित्र व अनुदेशक यदि बृहस्पतिवार को काम पर नहीं लौटे तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
यही नहीं नव नियुक्त शिक्षक भी अगर काम पर नहीं मिले तो उनकी सेवाएं समाप्त करने जैसी कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि सभी प्रधानों की जिम्मेदारी है कि उनके क्षेत्र में सरकारी स्कूल खुलें और बच्चों को एमडीएम दिया जाए।
असहयोग करने वाले और हड़ताल के लिए उकसाने वाले के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने सभी से अपील की है कि वे समय से अपने कार्य स्थल पहुंचकर कार्य संपन्न करें।