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महिला-किशोर आश्रय गृहों की जांच में सामने आई बदहाली

Tue, 07 Aug 2018 11:32 PM IST
Updated Tue, 07 Aug 2018 11:32 PM IST
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महिला-किशोर आश्रय गृहों की जांच में सामने आई बदहाली
महिला-किशोर आश्रय गृहों की जांच में सामने आई बदहाली
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फैजाबाद। देवरिया कांड के बाद यहां जिला प्रशासन ने चार आश्रय गृहों को खंगाला। सरकारी राजकीय महिला शरणालय अयोध्या और बाल सुधार गृह कंघी गली चौक में क्षमता से दोगुने लड़कियां और लड़के पाए गए।

उनके रहन-सहन से लेकर नित्यक्रिया तक की दिक्कतें सामने आईं। दो एनजीओ के महिला स्वाधार गृहों की भी जांच हुई। जहां अव्यवस्था के साथ शासन से धन नहीं मिलने का संकट था। एडीएम प्रशासन और बीएसए की जांच रिपोर्ट शासन को भेज दी गई है।
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एडीएम का कहना है कि जांच में डीपीओ की लापरवाही भी सामने आई, स्वाधार गृहों की जांच दो से चार माह तक नही की गई थी। मुजफ्फरपुर की घटना के बाद मुख्यमंत्री की ओर से सभी जिलाधिकारियों को जांच कर रिपोर्ट भेजने को कहा गया था।
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जिलाधिकारी अवकाश पर थे, लिहाजा प्रभारी जिलाधिकारी/सीडीओ अक्षय त्रिपाठी ने सोमवार को एडीएम प्रशासन सोमदत्त मौर्या व और बीएसए अमिता सिंह को जांच करने का दायित्व सौंपा।

एडीएम प्रशासन ने बताया कि चौक के पास कंघी गली स्थित बाल सुधार गृह में बच्चों की गिनती कराई गई तो 139 पाए गए। जबकि यहां क्षमता मात्र 50 बच्चों को रखने की है। संख्या अधिक होने से सोने, उठने-बैठने और नित्यक्रिया की तमाम दिक्कतें आती हैं।

बच्चों से बात की गई, किसी ने शोषण आदि की कोई जानकारी नहीं दी। इसके बाद अयोध्या स्थित राजकीय महिला शरणालय की जांच की गई, जहां 53 महिलाएं-बच्चे मिले। जबकि यहां भी क्षमता 25 बालिकाओं रखने की बताई गई।

यहां सीजेएम आदि जजों के निरीक्षण भी होते रहते हैं। अधिक संख्या से तमाम जरूरत की चीजों को लेकर दिक्कतें बताई गई। बीएसए ने महिला होने के नाते अलग-अलग लड़कियों से बात की, मगर देवरिया कांड जैसी कोई बात सामने नहीं आई।

इसके बाद एनजीओ की ओर से संचालित बेनीगंज के उज्जवला पीएंडआर होम की जांच की गई। जहां तीन साल से शासन से कोई सहायता नहीं मिलने का बात बताई गई। इसके अलावा कई समस्याएं बताई गई।

नाका स्थित महिला स्वाधार गृह की जांच की गई तो वहां बाउंड्री छोटी होने से किसी के भागने या भागने के प्रयास में चोटिल होने का खतरा पाया गया। निजी शरणालयों की संचालिकाओं ने बताया कि जिला प्रोबेशन अधिकारी दो से चार माह में निरीक्षण करने आते हैं।

विजिटर रजिस्टर भी देखा गया। डीपीओ की लापरवाही समेत मौके पर मिली सभी खामियों की रिपोर्ट शासन को भेज दी गई है। एडीएम प्रशासन सोमदत्त मौर्या ने बताया कि निरीक्षण के अगले चरण में जिले के सभी कस्तुरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालयों समेत समाज कल्याण विभाग से संचालित बालिका छात्रावासों का निरीक्षण किया जाएगा।


तहसील बीकापुर में मंगलवार को हमने कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय की जांच के लिए टीम बनाई है। सभी आवासीय व छात्रावासों की जांच करके रिपोर्ट तैयार की जाएगी। खामियों पर कार्रवाई कराई जाएगी।
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