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लेखपालों ने किया समाधान दिवस का बहिष्कार, धरना-प्रदर्शन
Updated Tue, 03 Oct 2017 11:47 PM IST
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फैजाबाद। मांगें न पूरी होने से नाराज लेखपालों ने संपूर्ण समाधान दिवस का बहिष्कार कर तहसीलों में धरना-प्रदर्शन किया।
कहा कि यदि मांगें न मानी गईं तो बहिष्कार के साथ ही आंदोलन तेज किया जाएगा। धरने के कारण सभी तहसीलों में कामकाज प्रभावित रहा।
सदर तहसील में आयोजित धरने को संबोधित करते हुए जिलाध्यक्ष अमरनाथ पांडेय ने कहा कि प्रदेश शासन को अब तक कई बार मांगों से संबंधित ज्ञापन भेजा गया लेकिन इस पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
कहा कि लेखपाल पद की शैक्षिक योग्यता स्नातक करने के साथ ही पद नाम उप राजस्व निरीक्षक किया जाए। लेखपालों का ग्रेड 2800 रुपये करने के साथ ही एसीपी की विसंगति दूर की जाएं।
अन्य जनपद में लेखपालों के स्थानांतरण संबंधी नियमावली का संशोधन किया जाए। लैपटॉप व स्मार्टफोन उपलब्ध कराया जाए।
पुरानी पेंशन व्यवस्था बहाल किए जाने सहित अन्य मांग उठाईं। धरने के अंत में मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन उप जिलाधिकारी के माध्यम से भेजा गया।
कहा कि मांगें न मानी गईं तो 17 अक्टूबर को पुन: संपूर्ण समाधान दिवस का बहिष्कार कर धरना-प्रदर्शन किया जाएगा। फिर भी मांग न पूरी होने पर 31 अक्टूबर से सात नवंबर तक काली पट्टी बांधकर अनवरत धरना-प्रदर्शन होगा।
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सात नवंबर को समीक्षा के बाद बड़े आंदोलन की घोषणा की जाएगी। धरने की अध्यक्षता प्रदीप कुमार की और संचालन राम अभिलाख यादव ने किया। अन्य तहसीलों में भी धरना-प्रदर्शन हुआ।
धरने में जिला मंत्री जय नारायण तिवारी, बद्री नाथ उपाध्याय, महेश चंद्र तिवारी, डॉ. पृथ्वीराज पांडेय, सर्वा कुमार सिंह, गंगाराम पांडेय, पूजा वर्मा, अशोक तिवारी, अजय सिंह, सुरेंद्र प्रताप सिंह, राम बहादुर मिश्र, हरिराम मौर्य, अरविंद यादव, दशरथ लाल सहित अन्य लेखपाल मौजूद थे।
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कहा कि यदि मांगें न मानी गईं तो बहिष्कार के साथ ही आंदोलन तेज किया जाएगा। धरने के कारण सभी तहसीलों में कामकाज प्रभावित रहा।
सदर तहसील में आयोजित धरने को संबोधित करते हुए जिलाध्यक्ष अमरनाथ पांडेय ने कहा कि प्रदेश शासन को अब तक कई बार मांगों से संबंधित ज्ञापन भेजा गया लेकिन इस पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
कहा कि लेखपाल पद की शैक्षिक योग्यता स्नातक करने के साथ ही पद नाम उप राजस्व निरीक्षक किया जाए। लेखपालों का ग्रेड 2800 रुपये करने के साथ ही एसीपी की विसंगति दूर की जाएं।
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अन्य जनपद में लेखपालों के स्थानांतरण संबंधी नियमावली का संशोधन किया जाए। लैपटॉप व स्मार्टफोन उपलब्ध कराया जाए।
पुरानी पेंशन व्यवस्था बहाल किए जाने सहित अन्य मांग उठाईं। धरने के अंत में मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन उप जिलाधिकारी के माध्यम से भेजा गया।
कहा कि मांगें न मानी गईं तो 17 अक्टूबर को पुन: संपूर्ण समाधान दिवस का बहिष्कार कर धरना-प्रदर्शन किया जाएगा। फिर भी मांग न पूरी होने पर 31 अक्टूबर से सात नवंबर तक काली पट्टी बांधकर अनवरत धरना-प्रदर्शन होगा।
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सात नवंबर को समीक्षा के बाद बड़े आंदोलन की घोषणा की जाएगी। धरने की अध्यक्षता प्रदीप कुमार की और संचालन राम अभिलाख यादव ने किया। अन्य तहसीलों में भी धरना-प्रदर्शन हुआ।
धरने में जिला मंत्री जय नारायण तिवारी, बद्री नाथ उपाध्याय, महेश चंद्र तिवारी, डॉ. पृथ्वीराज पांडेय, सर्वा कुमार सिंह, गंगाराम पांडेय, पूजा वर्मा, अशोक तिवारी, अजय सिंह, सुरेंद्र प्रताप सिंह, राम बहादुर मिश्र, हरिराम मौर्य, अरविंद यादव, दशरथ लाल सहित अन्य लेखपाल मौजूद थे।