{"_id":"5980c9754f1c1b77648b470c","slug":"61501612405-faizabad-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"संस्कृति मंत्री ने रामलला के दरबार में टेका माथा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
संस्कृति मंत्री ने रामलला के दरबार में टेका माथा
Updated Wed, 02 Aug 2017 12:03 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
धर्मार्थ एवं संस्कृति मंत्री लक्ष्मीनारायण चौधरी ने रामलला के दरबार में टेका माथा
अयोध्या। प्रदेश सरकार के धर्मार्थ एवं संस्कृति मंत्री लक्ष्मीनारायण चौधरी मंगलवार को अयोध्या पहुंचे और रामलला के दरबार में माथा टेका। उन्होंने अयोध्या शोध संस्थान का भी निरीक्षण किया। इस दौरान पत्रकारों से वार्ता करते हुए संस्कृति मंत्री ने कहा कि, उन्होंने शीघ्र ही भव्य राममंदिर निर्माण की रामलला से प्रार्थना की है।
संस्कृति मंत्री ने कहा कि, उन्होंने योगी सरकार के कार्यकाल में ही अयोध्या में भव्य राममंदिर के निर्माण का मार्ग प्रशस्त होने की रामलला से प्रार्थना की है। कहा कि राम और रामायण से ही देश की पहचान है। भगवान राम का राज्य केवल अयोध्या ही नहीं बल्कि संपूर्ण भूमंडल पर है।
ऐसी अयोध्या की दुर्दशा देखकर मन द्रवित हुआ है, खासकर सफाई व्यवस्था तो अत्यंत खराब है। उन्हाेंने कहा कि, योगी सरकार समस्त तीर्थ स्थलों के विकास के लिए प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री अयोध्या के विकास के लिए विभिन्न योजनाएं ला रहे हैं।
विज्ञापन
घाटों का निर्माण व सरयू की महाआरती को भव्यता प्रदान करने सहित अन्य कार्य किए जाएंगे। अयोध्या अपने प्राचीन स्वरूप को पुन: प्राप्त कर सके इसके लिए केंद्र की मोदी व प्रदेश की योगी सरकार प्रयत्नशील है। इस दौरान रामकथा संग्रहालय के निदेशक योगेश कुमार व अयोध्या शोध संस्थान के निदेशक वाईपी सिंह मौजूद रहे।
रामकथा बहाली के लिए संतों ने सौंपा ज्ञापन
अयोध्या दौरे पर आए संस्कृति मंत्री लक्ष्मीनारायण चौधरी को रामनगरी के कथाव्यास व रामायणियों ने ज्ञापन सौंपकर व्यास परंपरा योजना की बहाली की मांग उठाई। संतों ने मंत्री को अवगत कराया कि रामकथा प्रारंभ में कोई तकनीकी बाधा नहीं है, जिस पर संस्कृति मंत्री ने अयोध्या शोध संस्थान के निदेशक को तत्काल प्रस्ताव बनाकर भेजने को कहा।
उन्होंने आश्वस्त किया कि शीघ्र ही नित्य रामकथा पुन: शुरू होगी। ज्ञापन देने वालों में महंत पवन दास शास्त्री, महंत दामोदर दास, महंत रामेश्वर शरण रामायणी, रामकिशोर दास, कन्हैया दास रामायणी सहित अन्य शामिल रहे।
विज्ञापन
अयोध्या। प्रदेश सरकार के धर्मार्थ एवं संस्कृति मंत्री लक्ष्मीनारायण चौधरी मंगलवार को अयोध्या पहुंचे और रामलला के दरबार में माथा टेका। उन्होंने अयोध्या शोध संस्थान का भी निरीक्षण किया। इस दौरान पत्रकारों से वार्ता करते हुए संस्कृति मंत्री ने कहा कि, उन्होंने शीघ्र ही भव्य राममंदिर निर्माण की रामलला से प्रार्थना की है।
संस्कृति मंत्री ने कहा कि, उन्होंने योगी सरकार के कार्यकाल में ही अयोध्या में भव्य राममंदिर के निर्माण का मार्ग प्रशस्त होने की रामलला से प्रार्थना की है। कहा कि राम और रामायण से ही देश की पहचान है। भगवान राम का राज्य केवल अयोध्या ही नहीं बल्कि संपूर्ण भूमंडल पर है।
विज्ञापन
ऐसी अयोध्या की दुर्दशा देखकर मन द्रवित हुआ है, खासकर सफाई व्यवस्था तो अत्यंत खराब है। उन्हाेंने कहा कि, योगी सरकार समस्त तीर्थ स्थलों के विकास के लिए प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री अयोध्या के विकास के लिए विभिन्न योजनाएं ला रहे हैं।
विज्ञापन
घाटों का निर्माण व सरयू की महाआरती को भव्यता प्रदान करने सहित अन्य कार्य किए जाएंगे। अयोध्या अपने प्राचीन स्वरूप को पुन: प्राप्त कर सके इसके लिए केंद्र की मोदी व प्रदेश की योगी सरकार प्रयत्नशील है। इस दौरान रामकथा संग्रहालय के निदेशक योगेश कुमार व अयोध्या शोध संस्थान के निदेशक वाईपी सिंह मौजूद रहे।
रामकथा बहाली के लिए संतों ने सौंपा ज्ञापन
अयोध्या दौरे पर आए संस्कृति मंत्री लक्ष्मीनारायण चौधरी को रामनगरी के कथाव्यास व रामायणियों ने ज्ञापन सौंपकर व्यास परंपरा योजना की बहाली की मांग उठाई। संतों ने मंत्री को अवगत कराया कि रामकथा प्रारंभ में कोई तकनीकी बाधा नहीं है, जिस पर संस्कृति मंत्री ने अयोध्या शोध संस्थान के निदेशक को तत्काल प्रस्ताव बनाकर भेजने को कहा।
उन्होंने आश्वस्त किया कि शीघ्र ही नित्य रामकथा पुन: शुरू होगी। ज्ञापन देने वालों में महंत पवन दास शास्त्री, महंत दामोदर दास, महंत रामेश्वर शरण रामायणी, रामकिशोर दास, कन्हैया दास रामायणी सहित अन्य शामिल रहे।