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भारतीय संस्कृति की वर्तमान दिशा व दशा चिंतनीय: महंत कमलनयन दास
Updated Mon, 17 Sep 2018 11:17 PM IST
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भारतीय संस्कृति की वर्तमान दिशा व दशा चिंतनीय : महंत कमलनयन दास
अयोध्या। भारतीय संस्कृति की वर्तमान दिशा और दशा चिंतनीय है। सिर्फ बातों से सनातन संस्कृति की रक्षा नहीं हो सकती, बल्कि उसे सिद्ध कर दिखाना होगा। इसके लिए समाज में जागरूकता फैलानी होगी।
यह बातें मणिरामदास छावनी के उत्तराधिकारी महंत कमलनयन दास ने कही। वे भारतीय शिक्षण मंडल के तत्वाधान में अयोध्या स्थित अशर्फी भवन के माधव सभागार में आयोजित आचार्य सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे।
श्री रामवल्लभाकुंज के अधिकारी राजकुमार दास ने कहा कि भारतीय संस्कृति सनातन परंपरा के संरक्षण में गुरुकुलों का भी अहम योगदान है। भारतीय शिक्षण मंडल के राष्ट्रीय मंत्री मुकुल कानिटकर ने कहा कि सनातन संस्कृति मृतुंजय है, यह समाप्त नहीं हो सकती।
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अवध विश्वद्यालय के कुलपति प्रो. मनोज दीक्षित ने कहा कि भारतीय शिक्षण मंडल के द्वारा एक समग्र गुरुकुलों की स्थापना का एक प्रयास शुरू किया गया है। जो कि भारत को विश्व गुरू की प्रतिष्ठा दिलाने में सहायक सिद्ध होगा।
भारतीय शिक्षण मंडल के डॉ. दिलीप सिंह ने अतिथियों स्वागत व आभार ज्ञापन किया। सम्मेलन का संचालन आचार्य रघुनाथ दास त्रिपाठी ने किया। इस दौरान भाजपा के प्रदेश कार्यसमिति सदस्य अभिषेक मिश्र, प्रो. आरके सिंह, प्रो. आरएन राय, आचार्य अजय मिश्र, कमलेश सिंह आदि आचार्य उपस्थिति रहे।
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अयोध्या। भारतीय संस्कृति की वर्तमान दिशा और दशा चिंतनीय है। सिर्फ बातों से सनातन संस्कृति की रक्षा नहीं हो सकती, बल्कि उसे सिद्ध कर दिखाना होगा। इसके लिए समाज में जागरूकता फैलानी होगी।
यह बातें मणिरामदास छावनी के उत्तराधिकारी महंत कमलनयन दास ने कही। वे भारतीय शिक्षण मंडल के तत्वाधान में अयोध्या स्थित अशर्फी भवन के माधव सभागार में आयोजित आचार्य सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे।
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श्री रामवल्लभाकुंज के अधिकारी राजकुमार दास ने कहा कि भारतीय संस्कृति सनातन परंपरा के संरक्षण में गुरुकुलों का भी अहम योगदान है। भारतीय शिक्षण मंडल के राष्ट्रीय मंत्री मुकुल कानिटकर ने कहा कि सनातन संस्कृति मृतुंजय है, यह समाप्त नहीं हो सकती।
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अवध विश्वद्यालय के कुलपति प्रो. मनोज दीक्षित ने कहा कि भारतीय शिक्षण मंडल के द्वारा एक समग्र गुरुकुलों की स्थापना का एक प्रयास शुरू किया गया है। जो कि भारत को विश्व गुरू की प्रतिष्ठा दिलाने में सहायक सिद्ध होगा।
भारतीय शिक्षण मंडल के डॉ. दिलीप सिंह ने अतिथियों स्वागत व आभार ज्ञापन किया। सम्मेलन का संचालन आचार्य रघुनाथ दास त्रिपाठी ने किया। इस दौरान भाजपा के प्रदेश कार्यसमिति सदस्य अभिषेक मिश्र, प्रो. आरके सिंह, प्रो. आरएन राय, आचार्य अजय मिश्र, कमलेश सिंह आदि आचार्य उपस्थिति रहे।