फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Ayodhya News ›   बदहाल पार्क्र और खस्ता स्टेडियम के सहारे बच्चों की छुट्टियां

बदहाल पार्क्र और खस्ता स्टेडियम के सहारे बच्चों की छुट्टियां

Sat, 26 May 2018 12:32 AM IST
Updated Sat, 26 May 2018 12:32 AM IST
विज्ञापन
बदहाल पार्क्र और खस्ता स्टेडियम के सहारे बच्चों की छुट्टियां
उद्यान विभाग व नगर निगम के 14 पार्क बदहाल
विज्ञापन

फैजाबाद। जिले में उद्यान विभाग और नगर निगम के 14 पार्क वर्तमान में बदहाल हैं। यही नहीं शहर की तमाम कॉलोनियों में बच्चों के खेलने के लिए कोई व्यवस्था नही हैं। खेल के मैदान पर या तो अतिक्रमण हो गया या कूड़ा घर बन गए हैं। ऐसे में गर्मी की छुट्टियों में बच्चे कॉलोनी की गलियों व खाली प्लाटों के सहारे खेलने को मजबूर हैं।
स्कूलों में गर्मियों की छुट्टियां शुरू हो गई है, लेकिन बच्चों के मस्ती करने व उनके मनोरंजन के लिए शहर में बने पार्क दुर्दशा के शिकार है। उद्यान विभाग के नौ पार्क हैं। जिसमें से तीन अयोध्या में और छह पार्क फैजाबाद में हैं। इनमें अयोध्या का तुलसी घाट, राजघाट व राजद्वार व फैजाबाद का गुलाबबाड़ी, सर्किट हाउस, शहीद उद्यान, कंपनी गार्डन व पंचमुखी पार्क आदि शामिल हैं। ये सभी पार्क सैलानियों व बच्चों को हमेशा आकर्षित करते रहे हैं। गुप्तारघाट स्थित कंपनी गार्डेन में आधा दर्जन झूले हैं। बच्चों के लिए छुट्टियां बिताने का ये प्रमुख स्थल है। सरयू नदी का किनारा व यहां लगे फूल-पौधे और बड़े-बड़े छायादार वृक्ष भी लोगों को आकर्षित करते हैं। इन दिन दिनों दिन ढलते ही यहां पर लोगों की भीड़ इकट्ठा होती है जो देर रात तक बनी रहती है। इसके अलावा शहीद उद्यान, गुलाबबाड़ी, पंचमुखी पार्क के साथ-साथ अयोध्या का राजघाट व तुलसी उद्यान पार्क भी लोगों से गुलजार हो रहा है, लेकिन यहां पर झूले आदि नहीं होने के कारण बच्चों को निराश होना पड़ रहा है।
विज्ञापन

शहर में बने नगर निगम के पांचों पार्क उजड़े हुए हैं। इनमें से गांधी पार्क धरना प्रदर्शन करने तक सिमट गया है जबकि नगर निगम कार्यालय के प्रवेश द्वार पर बना पार्क अतिक्रमण का शिकार है। इसका उपयोग व्यवसायिक रूप से किया जा रहा है। वहीं विकास प्राधिकरण द्वारा कॉलोनियों में बनवाए पार्क तकरीबन लुप्त हो गए है। कौशलपुरी, अमानीगंज, वजीरगंज आदि में बने पार्क या तो उजड़ गए है या तो गंदगी के चलते यहां कोई जाना पसंद नहीं करता।
विज्ञापन
विज्ञापन

सौंदर्यीकरण के बाद रेलिंग-लाइट गायब
अयोध्या में दंतधावन कुंड, विभीषण कुंड, विद्याकुंड, सीताकुंड समेत आधा दर्जन कुंडों का सौंदर्यीकरण किया गया था। इसे रेलिंग लगाकर फूल-पौधों लाइटिंग से सजाया गया था। साथ में पर्यटकों के बैठने के लिए बेंच लगाई गई थी। लेकिन आज इसकी रेलिंग, लाइट गायब हो चुकी है चुकी हैं। ये पार्क आवारा पशुओं व नशेड़ियों के अड्डे बन चुके हैं।

कहां जाए, कही कुछ है ही नहीं
महाजनी टोला का रहने वाले सैफ का कहना है कि कहां जाएं, कही कुछ है ही नहीं। यहां ना तो खेलने के लिए मैदान है और न पार्कों में झूलने के लिए झूला।
सब झूले टूटे हुए हैं
यूकेजी की छात्रा साची का कहना है कि कई बार कहने पर पापा हमें घुमाने ले गए थे, लेकिन कहीं भी खेलने और झूला झूलने को नहीं मिला। सब टूटा हुआ था।
अंधेरे में डर लगता है
रामनगर के आयुष चावला बताते हैं कि दिन में बहुत तेज धूप रहती है। इसलिए शाम को घूमने निकलते है लेकिन रात में पार्क में अंधेरा होने के कारण डर लगता है।
घर से दूर नहीं जा सकते
रामनगर की श्रुति कहतीं है कि कॉलोनी में घूमने-फिरने के लिए कोई पार्क नहीं है। एक है वो भी गंदा पड़ा है। अब रोज तो घर से दूर पार्क व उद्यान में जा नहीं सकते।


उद्यान विभाग के जिले में नौ पार्क हैं। पार्कों में मौसमी फूल को लगाए जाते है। गर्मियों की छुट्टियों को लेकर पार्कों में विशेष इंतजाम किए जा रहे हैं। वर्तमान में कंपनी गार्डन, शहीद उद्यान व पंचमुखी पार्क में झूले चल रहे हैं, शेष जगहों पर जल्द ही झूले लगवा दिए जाएंगे।- पारसनाथ, जिला उद्यान अधिकारी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed