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हनुमानगढ़ी व कनकभवन में सजी भव्य फूलबंग्ला झांकी
Updated Mon, 07 May 2018 11:33 PM IST
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हनुमानगढ़ी व कनकभवन में सजी भव्य फूल बंगला झांकी
अयोध्या। रामनगरी के सिद्धपीठ कनकभवन मंदिर व हनुमानगढ़ी में भव्य फूल बंगला झांकी सजाई गई। धार्मिक नगरी के मंदिरों में जीवस्वरूप मानकर की जाने वाली भगवान की सेवा पूजा की कड़ी में आराध्य को गर्मी से राहत दिलाने के लिए एक भव्य आयोजन किया गया। झांकी का दर्शन करने के लिए बड़ी संख्या में भक्त उमड़ पड़े।
झांकी के संयोजक जगद्गुरु पीपाद्वाराचार्य महंत बलराम देवाचार्य के संयोजन में आयोजित झांकी महोत्सव भक्तों के श्रद्धाकर्षण का केंद्र बना। झांकी में आरकेटक, गेंदा, नींबू कलर, गेंदा आरेंज कलर, ग्लाइट, मुगेरा, राजेबल समेत कई प्रकार के फूलों का प्रयोग किया गया था। बिहार, कलकत्ता आदि प्रांतों से आए सुगंधित पुष्पों से सजी आराध्य की झांकी का दर्शन कर भक्त निहाल हो उठे। हनुमानगढ़ी के पुजारी रमेशदास ने बताया कि इससे पूर्व सांयकाल मंदिर में विराजमान हनुमंत लला सरकार का शृंगार-पूजन कर विभिन्न प्रांतों से आए नाना प्रकार के सुगंधित पुष्पों एवं मालाओं से भव्य झांकी सजाई गई। सांयकाल 7 बजते ही झांकी का शुभारंभ होते ही भक्तों का सब्र टूट गया और हजारों भक्त अपने आराध्य की फूलबंग्ला झांकी का दर्शन करने हेतु उमड़ पड़े। फूलों की मनमोहक खुशबू से मंदिर परिसर सुगंधित हो उठा। एक बार झांकी दर्शन का सिलसिला शुरू हुआ तो देर रात्रि लगभग 11 बजे भक्त दर्शन को आते रहे। बड़ी संख्या में संत-महंतों एवं भक्तों ने झांकी का दर्शन कर अपना जीवन कृतार्थ किया। दर्शन करने वाले प्रमुख संतों में रंगमहल के महंत रामशरण दास, महंत रामदास, अधिकारी श्रीरामबल्लभाकुंज राजकुमार दास, महंत रामकुमार दास, महंत मनमोहन दास आदि मौजूद रहे।
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अयोध्या। रामनगरी के सिद्धपीठ कनकभवन मंदिर व हनुमानगढ़ी में भव्य फूल बंगला झांकी सजाई गई। धार्मिक नगरी के मंदिरों में जीवस्वरूप मानकर की जाने वाली भगवान की सेवा पूजा की कड़ी में आराध्य को गर्मी से राहत दिलाने के लिए एक भव्य आयोजन किया गया। झांकी का दर्शन करने के लिए बड़ी संख्या में भक्त उमड़ पड़े।
झांकी के संयोजक जगद्गुरु पीपाद्वाराचार्य महंत बलराम देवाचार्य के संयोजन में आयोजित झांकी महोत्सव भक्तों के श्रद्धाकर्षण का केंद्र बना। झांकी में आरकेटक, गेंदा, नींबू कलर, गेंदा आरेंज कलर, ग्लाइट, मुगेरा, राजेबल समेत कई प्रकार के फूलों का प्रयोग किया गया था। बिहार, कलकत्ता आदि प्रांतों से आए सुगंधित पुष्पों से सजी आराध्य की झांकी का दर्शन कर भक्त निहाल हो उठे। हनुमानगढ़ी के पुजारी रमेशदास ने बताया कि इससे पूर्व सांयकाल मंदिर में विराजमान हनुमंत लला सरकार का शृंगार-पूजन कर विभिन्न प्रांतों से आए नाना प्रकार के सुगंधित पुष्पों एवं मालाओं से भव्य झांकी सजाई गई। सांयकाल 7 बजते ही झांकी का शुभारंभ होते ही भक्तों का सब्र टूट गया और हजारों भक्त अपने आराध्य की फूलबंग्ला झांकी का दर्शन करने हेतु उमड़ पड़े। फूलों की मनमोहक खुशबू से मंदिर परिसर सुगंधित हो उठा। एक बार झांकी दर्शन का सिलसिला शुरू हुआ तो देर रात्रि लगभग 11 बजे भक्त दर्शन को आते रहे। बड़ी संख्या में संत-महंतों एवं भक्तों ने झांकी का दर्शन कर अपना जीवन कृतार्थ किया। दर्शन करने वाले प्रमुख संतों में रंगमहल के महंत रामशरण दास, महंत रामदास, अधिकारी श्रीरामबल्लभाकुंज राजकुमार दास, महंत रामकुमार दास, महंत मनमोहन दास आदि मौजूद रहे।
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