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सुरक्षित व दिव्य नौकायन को आगे आया नगर निगम
Updated Fri, 07 Sep 2018 10:16 PM IST
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नैनीताल की तर्ज पर पंजीकृत होंगी नौकाएं
अयोध्या। श्रद्धालुओं व पर्यटकों के लिए अयोध्या के घाटों पर सुरक्षित व दिव्य नौकायन के लिए नगर निगम पहल करने जा रहा है। नैनीताल की तर्ज पर रामनगरी में नौकायन के इंतजाम किए जाएंगे।
नौकाओं समेत नाविकों के पंजीकरण के साथ एक दर पर टिकट बुकिंग की व्यवस्था होगी। नौका में सवार होने वालों के लिए लाइफ जैकेट पहनना अनिवार्य बनाया जाएगा। साथ ही लाइफ गार्ड की तैनाती भी होगी।
इससे नगर निगम को खासी आय के साथ अयोध्या में पर्यटकों बेहतर व सुरक्षित नौकायन का आनंद मिल सकेगा। सरयू में बुधवार को हुए नाव हादसे के बाद जिला प्रशासन ने सरयू में नौकायन पर प्रतिबंध लगा दिया है।
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जिसके चलते बड़ी संख्या में नाव चलाकर अपनी रोजी-रोटी चला रहे नाविकों पर भी संकट के बादल खड़े हो गए हैं। साथ ही पर्यटक भी नौका विहार से वंचित हो रहे हैं। घटना से वर्षों से सरयू में हो रहे असुरक्षित नौकायन की पोल भी खुल गई।
इस दुर्घटना में तीन लोगों की डूबकर मौत हो गई थी। इस हादसे के बाद नगर निगम अयोध्या में सुरक्षित एवं दिव्य नौकायन की व्यवस्था करने जा रहा है। अब बिना पंजीकरण के सरयू में नावें नहीं चल सकेंगी।
अभी तक बिना पंजीकरण के नावें सरयू की लहरों में दौड़ रहीं थी। नाव की कमान भी प्रशिक्षित चालकों के हाथ में होंगी। पर्यटकों के लिए टिकट की व्यवस्था शुरू की जाएगी। नाव पर निर्धारित संख्या में ही लोग नौकायन कर सकेंगे।
नौका विहार करने वालों को लाइफ जैकेट अनिवार्य किया जाएगा, किसी भी दुर्घटना से निपटने के लिए लाइफ गार्ड की भी नियुक्ति की जाएगी। साथ ही फोटोग्राफरों का भी पंजीकरण नगर निगम में कराया जाएगा। इन व्यवस्थाओं को मूर्त रूप देने की तैयारी नगर निगम ने शुरू कर दी है।
नगर आयुक्त आरएस गुप्ता का कहना है कि सरयू घाटों पर नौकायन आदि व्यवस्था हमारे नियंत्रण में आने पर व्यवस्थाएं बदल जाएंगी। सरयू में नौकायन को रोचक एवं आकर्षक बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ी जाएगी।
दुर्घटना से निपटने के पूर्ण इंतजाम होंगे। हमारा प्रयास होगा कि अयोध्या का नौकायन भी पर्यटन की दृष्टि से प्रसिद्ध हो। महापौर अयोध्या नगर निगम ऋषिकेश उपाध्याय ने बताया कि नौकायन को सुरक्षित एवं अयोध्या की गरिमा के अनुकूल बनाने के प्रयास किए जाएंगे।
पर्यटकों के लिए टिकट की व्यवस्था की जाएगी। नौका विहार करने वालों के लिए लाइफ जैकेट अनिवार्य किया जाएगा। साथ ही फोटोग्राफरों का भी पंजीकरण कराया जाएगा। हमारी सरकार अयोध्या को उसकी गरिमा के अनुकूल विकसित करने को प्रतिबद्ध है।
शीघ्र ही इस व्यवस्था के लिए शासन को प्रस्ताव भेजा जाएगा। श्रीरामबल्लभाकुंज के अधिकारी राजकुमार दास कहते हैं कि योगी सरकार अयोध्या को पर्यटन स्थली बनाने की बात कह रही है। ऐसे में प्रतिवर्ष सरयू में होने वाली घटनाएं बड़ा सवाल खड़ी करती हैं।
नगर निगम की पहल स्वागत योग्य है। सुरक्षित एवं दिव्य नौकायन से श्रद्धालुओं में आकर्षण बढ़ेगा। कहा कि सरयू में नौकायन को पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने की जरूरत है।
ज.गु.रामदिनेशाचार्य कहते हैं कि अयोध्या में प्रतिवर्ष लाखों श्रद्धालु आते हैं। सरयू आस्था का केंद्र हैं, यदि सरयू घाटों पर ही व्यवस्था नहीं होगी तो अयोध्या की गरिमा धूमिल होगी।
कहा कि सरयू में चलने वाली नावों का पंजीकरण होना चाहिए। सुरक्षित नौकायन के लिए शासन-प्रशासन को प्रबंध करना चाहिए। कहा कि यदि नगर निगम की पहल स्वागत योग्य है।
महंत शशिकांत दास कहते हैं कि अयोध्या के सरयू घाटों पर सुरक्षा के उपाय होने चाहिए। यहां जल पुलिस चौकी की स्थापना आवश्यक है। साथ ही हरिद्वार, नैनीताल आदि की तर्ज पर नौकायन की व्यवस्था की जानी चाहिए।
इससे पूर्व समस्त संसाधनों की भी आवश्यकता है ताकि कोई अनहोनी न हो। अयोध्या आने वाले श्रद्धालुओं को गरिमा के अनुकूल व्यवस्था देना सभी का कर्तव्य है।
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अयोध्या। श्रद्धालुओं व पर्यटकों के लिए अयोध्या के घाटों पर सुरक्षित व दिव्य नौकायन के लिए नगर निगम पहल करने जा रहा है। नैनीताल की तर्ज पर रामनगरी में नौकायन के इंतजाम किए जाएंगे।
नौकाओं समेत नाविकों के पंजीकरण के साथ एक दर पर टिकट बुकिंग की व्यवस्था होगी। नौका में सवार होने वालों के लिए लाइफ जैकेट पहनना अनिवार्य बनाया जाएगा। साथ ही लाइफ गार्ड की तैनाती भी होगी।
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इससे नगर निगम को खासी आय के साथ अयोध्या में पर्यटकों बेहतर व सुरक्षित नौकायन का आनंद मिल सकेगा। सरयू में बुधवार को हुए नाव हादसे के बाद जिला प्रशासन ने सरयू में नौकायन पर प्रतिबंध लगा दिया है।
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जिसके चलते बड़ी संख्या में नाव चलाकर अपनी रोजी-रोटी चला रहे नाविकों पर भी संकट के बादल खड़े हो गए हैं। साथ ही पर्यटक भी नौका विहार से वंचित हो रहे हैं। घटना से वर्षों से सरयू में हो रहे असुरक्षित नौकायन की पोल भी खुल गई।
इस दुर्घटना में तीन लोगों की डूबकर मौत हो गई थी। इस हादसे के बाद नगर निगम अयोध्या में सुरक्षित एवं दिव्य नौकायन की व्यवस्था करने जा रहा है। अब बिना पंजीकरण के सरयू में नावें नहीं चल सकेंगी।
अभी तक बिना पंजीकरण के नावें सरयू की लहरों में दौड़ रहीं थी। नाव की कमान भी प्रशिक्षित चालकों के हाथ में होंगी। पर्यटकों के लिए टिकट की व्यवस्था शुरू की जाएगी। नाव पर निर्धारित संख्या में ही लोग नौकायन कर सकेंगे।
नौका विहार करने वालों को लाइफ जैकेट अनिवार्य किया जाएगा, किसी भी दुर्घटना से निपटने के लिए लाइफ गार्ड की भी नियुक्ति की जाएगी। साथ ही फोटोग्राफरों का भी पंजीकरण नगर निगम में कराया जाएगा। इन व्यवस्थाओं को मूर्त रूप देने की तैयारी नगर निगम ने शुरू कर दी है।
नगर आयुक्त आरएस गुप्ता का कहना है कि सरयू घाटों पर नौकायन आदि व्यवस्था हमारे नियंत्रण में आने पर व्यवस्थाएं बदल जाएंगी। सरयू में नौकायन को रोचक एवं आकर्षक बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ी जाएगी।
दुर्घटना से निपटने के पूर्ण इंतजाम होंगे। हमारा प्रयास होगा कि अयोध्या का नौकायन भी पर्यटन की दृष्टि से प्रसिद्ध हो। महापौर अयोध्या नगर निगम ऋषिकेश उपाध्याय ने बताया कि नौकायन को सुरक्षित एवं अयोध्या की गरिमा के अनुकूल बनाने के प्रयास किए जाएंगे।
पर्यटकों के लिए टिकट की व्यवस्था की जाएगी। नौका विहार करने वालों के लिए लाइफ जैकेट अनिवार्य किया जाएगा। साथ ही फोटोग्राफरों का भी पंजीकरण कराया जाएगा। हमारी सरकार अयोध्या को उसकी गरिमा के अनुकूल विकसित करने को प्रतिबद्ध है।
शीघ्र ही इस व्यवस्था के लिए शासन को प्रस्ताव भेजा जाएगा। श्रीरामबल्लभाकुंज के अधिकारी राजकुमार दास कहते हैं कि योगी सरकार अयोध्या को पर्यटन स्थली बनाने की बात कह रही है। ऐसे में प्रतिवर्ष सरयू में होने वाली घटनाएं बड़ा सवाल खड़ी करती हैं।
नगर निगम की पहल स्वागत योग्य है। सुरक्षित एवं दिव्य नौकायन से श्रद्धालुओं में आकर्षण बढ़ेगा। कहा कि सरयू में नौकायन को पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने की जरूरत है।
ज.गु.रामदिनेशाचार्य कहते हैं कि अयोध्या में प्रतिवर्ष लाखों श्रद्धालु आते हैं। सरयू आस्था का केंद्र हैं, यदि सरयू घाटों पर ही व्यवस्था नहीं होगी तो अयोध्या की गरिमा धूमिल होगी।
कहा कि सरयू में चलने वाली नावों का पंजीकरण होना चाहिए। सुरक्षित नौकायन के लिए शासन-प्रशासन को प्रबंध करना चाहिए। कहा कि यदि नगर निगम की पहल स्वागत योग्य है।
महंत शशिकांत दास कहते हैं कि अयोध्या के सरयू घाटों पर सुरक्षा के उपाय होने चाहिए। यहां जल पुलिस चौकी की स्थापना आवश्यक है। साथ ही हरिद्वार, नैनीताल आदि की तर्ज पर नौकायन की व्यवस्था की जानी चाहिए।
इससे पूर्व समस्त संसाधनों की भी आवश्यकता है ताकि कोई अनहोनी न हो। अयोध्या आने वाले श्रद्धालुओं को गरिमा के अनुकूल व्यवस्था देना सभी का कर्तव्य है।