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46 करोड़ से कराया जाएगा 159 मजरों में विकास कार्य
Updated Sat, 14 Jul 2018 11:04 PM IST
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फैजाबाद। जिले की 16 ग्राम पंचायतों के 159 मजरों में विकास कार्य कराए जाएंगे। इन मजरों के 50 हजार लोगों के जीवन स्तर में सुधार के लिए लगभग 46 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इसके लिए वीआईपी गांवों की कार्ययोजना तैयार कर ली गई है। इन गांवों में इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलप करने के साथ ही गांव के लोगों की आर्थिक स्थिति में सुधार पर पैसा खर्च करने की रणनीति बनी है। यह गांव प्रदेश सरकार के शीर्ष एजेंडे में शामिल मुख्यमंत्री समग्र ग्राम विकास योजना के तहत चयनित किए गए हैं।
इन गांवों के लोगों की आर्थिक स्थिति में सुधार के लिए साक्षरता पर फोकस होगा। कृषि आधारित डेयरी प्रसंस्करण योजना लागू की जा रही है। इसके लिए गांवों में सर्वे शुरू करा दिया गया है। कौशल विकास के जरिए युवाओं को रोजगार दिलाने की कोशिश है। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन, मनरेगा, बाल विकास आदि योजनाओं के जरिए गांव के लोगों की समृद्धि का कोशिश होगी। यह तो ऐसी परियोजनाएं हैं, जिनके लिए इंफ्रास्ट्रक्चर के अलावा धन खर्च किया जाएगा। इसी के साथ गांव के किसानों को आर्थिक सहायता के लिए केसीसी, कृषि यंत्र, मृदा स्वास्थ्य कार्ड के जरिए खेती को मजबूती दिए जाने की कोशिश होगी।
खास बात यह है कि योजना में चयनित किसी गांव के मजरों को छोड़ा नहीं जाएगा। गांवों में मूलभूत सुविधाओं पर सबसे ज्यादा पैसा खर्च किया जाएगा। शिक्षा के प्राथमिक, उच्च प्राथमिक विद्यालय, आंगनबाड़ी केंद्र, स्वास्थ्य के लिए राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, सन 2021 तक इन गांवों में डेढ़ करोड़ रुपये से पौधरोपण का लक्ष्य है। इंफ्रास्ट्रक्चर के तहत 20.26 किमी संपर्क मार्ग, 115.51 किमी पक्की गलियां होंगी तो 185 किमी ड्रेन का निर्माण कराया जाएगा। कोई भी घर शौचालय विहीन नहीं होगा। साढ़े चार हजार शौचालय बनेंगे। 1118 हैंडपंप, लगभग दो हजार की संख्या में निराश्रित महिला, दिव्यांगों को पेंशन दिए जाने की व्यवस्था होगी। हर गली में प्रकाश की व्यवस्था के लिए 66 लख रुपये की स्ट्रीट लाइटें लगेंगी। इसके साथ अन्य कई कार्यक्रम संचालित किए जाने की योजना है।
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वीआईपी गांवों में जनसंख्या 49169
चयन किए गए इन वीआईपी गांवों में मवई विकासखंड में कसारी, उमापुर हैरिंग्टनगंज में आदिलपुर, मुकीमपुर उर्फ पहाड़पुर, रामपुर जोहन, बसवार बुजुर्ग मसौधा का कैल, पिपरी, हाजीपुर सिंहपुर, कल्यानपुर भदरसा मिल्कीपुर में गोठवारा, सरायनामू, टकसरा बीकापुर में बछरामपुर, रुदौली में रसूलपुर खुर्द, जखौली शामिल हैं। इन ग्राम पंचायतों में कुल 159 मजरे हैं। सभी 16 गांवों की कुल जनसंख्या 49169 है। इनमें एससी/एसटी की आबादी 8628 है।
कुछ मदों पर खर्च होने वाला धन (लाख में)
संपर्क मार्ग 2026.76
पक्की गली, नाली 1069.113
स्वच्छ भारत मिशन 521.40
हैंडपंप 11.4
आवास 333.16
पेंशन निराश्रित 34.47
वृद्धावस्था पेंशन 73.05
दिव्यांग पेंशन 18.66
वृक्षारोपण 150.37
स्ट्रीट लाइट 66.00
मनरेगा 275.72
तालाब निर्माण 71.49
निगरानी को लगाए गए 16 नोडल अफसर
मुख्यमंत्री समग्र ग्राम विकास योजना के नोडल अफसर व परियोजना निदेशक एक मिश्र बताते हैं कि सभी 16 गांवों और मजरों की कार्ययोजना तैयार कर ली गई। इंफ्रास्ट्रक्चर के साथ गांव के लोगों के जीवन स्तर में सुधार पर ज्यादा फोकस है। गांवों में कार्यों की मॉनिटरिंग के लिए प्रत्येक गांव में एक जिला स्तरीय अधिकारी की तैनाती कर दी गई है। विभागों के अफसरों को काम शुरू कराने के लिए कहा गया है।
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इन गांवों के लोगों की आर्थिक स्थिति में सुधार के लिए साक्षरता पर फोकस होगा। कृषि आधारित डेयरी प्रसंस्करण योजना लागू की जा रही है। इसके लिए गांवों में सर्वे शुरू करा दिया गया है। कौशल विकास के जरिए युवाओं को रोजगार दिलाने की कोशिश है। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन, मनरेगा, बाल विकास आदि योजनाओं के जरिए गांव के लोगों की समृद्धि का कोशिश होगी। यह तो ऐसी परियोजनाएं हैं, जिनके लिए इंफ्रास्ट्रक्चर के अलावा धन खर्च किया जाएगा। इसी के साथ गांव के किसानों को आर्थिक सहायता के लिए केसीसी, कृषि यंत्र, मृदा स्वास्थ्य कार्ड के जरिए खेती को मजबूती दिए जाने की कोशिश होगी।
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खास बात यह है कि योजना में चयनित किसी गांव के मजरों को छोड़ा नहीं जाएगा। गांवों में मूलभूत सुविधाओं पर सबसे ज्यादा पैसा खर्च किया जाएगा। शिक्षा के प्राथमिक, उच्च प्राथमिक विद्यालय, आंगनबाड़ी केंद्र, स्वास्थ्य के लिए राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, सन 2021 तक इन गांवों में डेढ़ करोड़ रुपये से पौधरोपण का लक्ष्य है। इंफ्रास्ट्रक्चर के तहत 20.26 किमी संपर्क मार्ग, 115.51 किमी पक्की गलियां होंगी तो 185 किमी ड्रेन का निर्माण कराया जाएगा। कोई भी घर शौचालय विहीन नहीं होगा। साढ़े चार हजार शौचालय बनेंगे। 1118 हैंडपंप, लगभग दो हजार की संख्या में निराश्रित महिला, दिव्यांगों को पेंशन दिए जाने की व्यवस्था होगी। हर गली में प्रकाश की व्यवस्था के लिए 66 लख रुपये की स्ट्रीट लाइटें लगेंगी। इसके साथ अन्य कई कार्यक्रम संचालित किए जाने की योजना है।
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वीआईपी गांवों में जनसंख्या 49169
चयन किए गए इन वीआईपी गांवों में मवई विकासखंड में कसारी, उमापुर हैरिंग्टनगंज में आदिलपुर, मुकीमपुर उर्फ पहाड़पुर, रामपुर जोहन, बसवार बुजुर्ग मसौधा का कैल, पिपरी, हाजीपुर सिंहपुर, कल्यानपुर भदरसा मिल्कीपुर में गोठवारा, सरायनामू, टकसरा बीकापुर में बछरामपुर, रुदौली में रसूलपुर खुर्द, जखौली शामिल हैं। इन ग्राम पंचायतों में कुल 159 मजरे हैं। सभी 16 गांवों की कुल जनसंख्या 49169 है। इनमें एससी/एसटी की आबादी 8628 है।
कुछ मदों पर खर्च होने वाला धन (लाख में)
संपर्क मार्ग 2026.76
पक्की गली, नाली 1069.113
स्वच्छ भारत मिशन 521.40
हैंडपंप 11.4
आवास 333.16
पेंशन निराश्रित 34.47
वृद्धावस्था पेंशन 73.05
दिव्यांग पेंशन 18.66
वृक्षारोपण 150.37
स्ट्रीट लाइट 66.00
मनरेगा 275.72
तालाब निर्माण 71.49
निगरानी को लगाए गए 16 नोडल अफसर
मुख्यमंत्री समग्र ग्राम विकास योजना के नोडल अफसर व परियोजना निदेशक एक मिश्र बताते हैं कि सभी 16 गांवों और मजरों की कार्ययोजना तैयार कर ली गई। इंफ्रास्ट्रक्चर के साथ गांव के लोगों के जीवन स्तर में सुधार पर ज्यादा फोकस है। गांवों में कार्यों की मॉनिटरिंग के लिए प्रत्येक गांव में एक जिला स्तरीय अधिकारी की तैनाती कर दी गई है। विभागों के अफसरों को काम शुरू कराने के लिए कहा गया है।