{"_id":"5afdd8564f1c1bd3408b615f","slug":"41526585430-faizabad-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"अस्पताल में आग लगे तो भगवान ही बचाए","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अस्पताल में आग लगे तो भगवान ही बचाए
Updated Fri, 18 May 2018 01:16 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अस्पतालों में आग से बचाव की व्यवस्था नहीं
फैजाबाद। जिले के तीन प्रमुख अस्पतालों में अग्निशमन व्यवस्था कराने की सरकार की मंशा को पलीता लगता नजर आ रहा है। शासन से कार्यदायी संस्था नामित करने के उपरांत मार्च माह में ही कार्य शुरू करने के लिए प्रथम किस्त के रूप में 2.29 करोड़ की धनराशि आवंटित करने के बाद भी आज तक निर्माण शुरू करना तो दूर संस्था का कोई कर्मचारी यहां पहुंचा तक नहीं।
मेडिकल कॉलेज में बीते वर्ष हुई आगजनी की घटना के बाद सरकार ने अस्पतालों में आगजनी से निपटने के लिए पर्याप्त व्यवस्था करने के आदेश दिए है। इसके लिए जिला अस्पताल, जिला महिला अस्पताल व राजकीय श्रीराम चिकित्सालय में 4.58 करोड़ की लागत से अग्निशमन केंद्र की व्यवस्था की जानी है। जिसके लिए 22 मार्च को उप्र जलनिगम, विद्युत/यांत्रिक नलकूप विंग लखनऊ को कार्यदायी संस्था नामित करते हुए प्रथम किस्त के रूप में करीब 2.29 करोड़ रुपये अवमुक्त किए गए। लेकिन आज तक कार्य शुरू नहीं हो सका न ही कार्यदायी संस्था के किसी जिम्मेदार अधिकारी ने इन कार्य स्थलों का निरीक्षण किया। सीएमएस डॉ. श्रीकांत शुक्ला, डॉ. हरिओम श्रीवास्तव व डॉ. एसपी गौतम ने बताया कि कार्यदायी संस्था की ओर से आज तक किसी व्यक्ति ने कोई संपर्क नहीं किया। सिर्फ शासन से एक पत्र प्राप्त हुआ है, जिससे कार्य की जानकारी हुई है।
अब तक आग से बचाव के नाम पर सिर्फ सिलेंडर
अभी तक जिले के किसी भी अस्पताल में आग से बचाव के नाम पर कोई ठोस इंतजाम नहीं किया गया है। सभी अस्पतालों में सिर्फ आग बचाव के सिलेंडर ही कहीं-कहीं देखे जा सकते हैं। जिसमें से ज्यादातर लंबे समय से रिफिल भी नहीं किए गए हैं। पानी स्टोर करने की भी कोई व्यवस्था नहीं है। बीते दिनों अग्निशमन सेवा सप्ताह के तहत कुछ सिलेंडर रिफिल किए गए और मॉकड्रिल के दौरान कुछ कर्मचारियों को इसके उपयोग के बारे में अवगत कराया गया। इसके अतिरिक्त इमरजेंसी में फायर ब्रिगेड ही आग से निपटने का सहारा है।
विज्ञापन
अस्पताल वार आवंटित धन का विवरण
अस्पताल लागत मूल्य अवमुक्त धन (लाख में)
जिला अस्पताल 149.93 74.97
जिला महिला अस्पताल 148.56 74.28
श्रीराम अस्पताल 159.75 79.87
कुल योग 458.24 229.12
अस्पतालों में इतनी बड़ी धनराशि से अग्निशमन केंद्र स्थापित होना है। जो कि मरीजों व तीमारदारों के लिए सौगात होगी। लेकिन इस महत्वपूर्ण कार्य की जानकारी न तो विभाग से मिली न ही इस आशय का कोई पत्र प्राप्त हुआ है। दिशा-निर्देश प्राप्त होते ही कार्य किया जाएगा। -आरके राय, जिला अग्निशमन अधिकारी फैजाबाद
जिले के तीन अस्पतालों में अग्निशमन की व्यवस्था होना है। इसके लिए शासन से ही कार्यदायी संस्था को धन अवमुक्त किया गया है, लेकिन अभी तक कोई कार्य शुरू नहीं हुआ है। इसके लिए शासन स्तर पर पत्राचार किया जाएगा।-डॉ. अशोक कुमार गुप्ता, सीएमओ फैजाबाद
विज्ञापन
फैजाबाद। जिले के तीन प्रमुख अस्पतालों में अग्निशमन व्यवस्था कराने की सरकार की मंशा को पलीता लगता नजर आ रहा है। शासन से कार्यदायी संस्था नामित करने के उपरांत मार्च माह में ही कार्य शुरू करने के लिए प्रथम किस्त के रूप में 2.29 करोड़ की धनराशि आवंटित करने के बाद भी आज तक निर्माण शुरू करना तो दूर संस्था का कोई कर्मचारी यहां पहुंचा तक नहीं।
मेडिकल कॉलेज में बीते वर्ष हुई आगजनी की घटना के बाद सरकार ने अस्पतालों में आगजनी से निपटने के लिए पर्याप्त व्यवस्था करने के आदेश दिए है। इसके लिए जिला अस्पताल, जिला महिला अस्पताल व राजकीय श्रीराम चिकित्सालय में 4.58 करोड़ की लागत से अग्निशमन केंद्र की व्यवस्था की जानी है। जिसके लिए 22 मार्च को उप्र जलनिगम, विद्युत/यांत्रिक नलकूप विंग लखनऊ को कार्यदायी संस्था नामित करते हुए प्रथम किस्त के रूप में करीब 2.29 करोड़ रुपये अवमुक्त किए गए। लेकिन आज तक कार्य शुरू नहीं हो सका न ही कार्यदायी संस्था के किसी जिम्मेदार अधिकारी ने इन कार्य स्थलों का निरीक्षण किया। सीएमएस डॉ. श्रीकांत शुक्ला, डॉ. हरिओम श्रीवास्तव व डॉ. एसपी गौतम ने बताया कि कार्यदायी संस्था की ओर से आज तक किसी व्यक्ति ने कोई संपर्क नहीं किया। सिर्फ शासन से एक पत्र प्राप्त हुआ है, जिससे कार्य की जानकारी हुई है।
विज्ञापन
अब तक आग से बचाव के नाम पर सिर्फ सिलेंडर
अभी तक जिले के किसी भी अस्पताल में आग से बचाव के नाम पर कोई ठोस इंतजाम नहीं किया गया है। सभी अस्पतालों में सिर्फ आग बचाव के सिलेंडर ही कहीं-कहीं देखे जा सकते हैं। जिसमें से ज्यादातर लंबे समय से रिफिल भी नहीं किए गए हैं। पानी स्टोर करने की भी कोई व्यवस्था नहीं है। बीते दिनों अग्निशमन सेवा सप्ताह के तहत कुछ सिलेंडर रिफिल किए गए और मॉकड्रिल के दौरान कुछ कर्मचारियों को इसके उपयोग के बारे में अवगत कराया गया। इसके अतिरिक्त इमरजेंसी में फायर ब्रिगेड ही आग से निपटने का सहारा है।
विज्ञापन
अस्पताल वार आवंटित धन का विवरण
अस्पताल लागत मूल्य अवमुक्त धन (लाख में)
जिला अस्पताल 149.93 74.97
जिला महिला अस्पताल 148.56 74.28
श्रीराम अस्पताल 159.75 79.87
कुल योग 458.24 229.12
अस्पतालों में इतनी बड़ी धनराशि से अग्निशमन केंद्र स्थापित होना है। जो कि मरीजों व तीमारदारों के लिए सौगात होगी। लेकिन इस महत्वपूर्ण कार्य की जानकारी न तो विभाग से मिली न ही इस आशय का कोई पत्र प्राप्त हुआ है। दिशा-निर्देश प्राप्त होते ही कार्य किया जाएगा। -आरके राय, जिला अग्निशमन अधिकारी फैजाबाद
जिले के तीन अस्पतालों में अग्निशमन की व्यवस्था होना है। इसके लिए शासन से ही कार्यदायी संस्था को धन अवमुक्त किया गया है, लेकिन अभी तक कोई कार्य शुरू नहीं हुआ है। इसके लिए शासन स्तर पर पत्राचार किया जाएगा।-डॉ. अशोक कुमार गुप्ता, सीएमओ फैजाबाद