{"_id":"5aaabf734f1c1bb9758b591e","slug":"41521139571-faizabad-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"125 हेक्टेयर भूमि उपलब्ध, खेती हो रही 20 हेक्टेयर में","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
125 हेक्टेयर भूमि उपलब्ध, खेती हो रही 20 हेक्टेयर में
Updated Fri, 16 Mar 2018 12:16 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
खाली पड़ी भूमि का करें उपयोग
फैजाबाद। नरेंद्रदेव कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय कुमारगंज के मुख्य प्रयोग स्थल के प्रक्षेत्र की हालत बेहद खराब है यहां उपलब्ध 125 हेक्टेयर भूमि के मात्र 20 हेक्टेयर पर ही खेती हो रही है। विवि के कुलपति प्रो. जेएस संधू ने बृहस्पतिवार की सुबह दौरा कर खाली पड़ी भूमि के उपयोग का निर्देश दिया।
कुलपति ने विभिन्न फसलों के विकास व अन्य विषयों को लेकर किये जा रहे शोध कार्यों को देखा। कुलपति ने गेहूं में पत्ती झूलसा व गेरूई रोग के विरुद्ध किये जा रहे शोध का अवलोकन किया। उन्होंने सुझाव दिया कि बेल, आंवला व बेर के पौधे रोपित किये जाएं।
इस अवसर पर निदेशक शोध डॉ. एनबी सिंह, जीपीबी विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ पीके सिंह, सहायक निदेशक शोध डॉ. रवींद्र सिंह, गेहूं एवं जौ वैज्ञानिक डॉ. शिव प्रताप सिंह, डॉ. डी राम और डॉ. राज बहादुर समेत अन्य उपस्थित रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
फैजाबाद। नरेंद्रदेव कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय कुमारगंज के मुख्य प्रयोग स्थल के प्रक्षेत्र की हालत बेहद खराब है यहां उपलब्ध 125 हेक्टेयर भूमि के मात्र 20 हेक्टेयर पर ही खेती हो रही है। विवि के कुलपति प्रो. जेएस संधू ने बृहस्पतिवार की सुबह दौरा कर खाली पड़ी भूमि के उपयोग का निर्देश दिया।
कुलपति ने विभिन्न फसलों के विकास व अन्य विषयों को लेकर किये जा रहे शोध कार्यों को देखा। कुलपति ने गेहूं में पत्ती झूलसा व गेरूई रोग के विरुद्ध किये जा रहे शोध का अवलोकन किया। उन्होंने सुझाव दिया कि बेल, आंवला व बेर के पौधे रोपित किये जाएं।
विज्ञापन
इस अवसर पर निदेशक शोध डॉ. एनबी सिंह, जीपीबी विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ पीके सिंह, सहायक निदेशक शोध डॉ. रवींद्र सिंह, गेहूं एवं जौ वैज्ञानिक डॉ. शिव प्रताप सिंह, डॉ. डी राम और डॉ. राज बहादुर समेत अन्य उपस्थित रहे।
विज्ञापन